वसंत पंचमी के दिन मां सरस्वती की पूजा के साथ बच्चों की पढ़ाई शुरू करने की परंपरा निभाई जाती है, जिसे खली छुआना कहा जाता है। इस दिन माता-पिता बच्चों को पूजा पंडाल में लाकर पंडित से मंत्रोच्चार के बीच स्लेट पर ‘ॐ’ लिखवाते हैं। मान्यता है कि इसी दिन शिक्षा आरंभ करने से मां सरस्वती का आशीर्वाद मिलता है। यह परंपरा वैदिक काल से चली आ रही है और आज भी पूरे श्रद्धा भाव से निभाई जाती है।