केप्शन बताओ भक्त गण
शर्मनाक!
जिला प्रशासन और नगर पालिका की संवेदनहीनता की इससे बड़ी मिसाल क्या होगी
कि गरीबों और आम जनता के लिए भेजा गया भोजन उसी गाड़ी से भेजा गया, जिससे रोज़ कचरा ढोया जाता है।
क्या जनता की इज़्ज़त की कोई कीमत नहीं?
क्या गरीब इंसान सम्मान से दो वक्त की रोटी खाने का हकदार नहीं?
भोजन केवल पेट भरने का साधन नहीं, बल्कि सम्मान का प्रतीक भी होता है। ऐसी लापरवाही और असंवेदनशीलता किसी भी सभ्य समाज के लिए बेहद शर्मनाक है।
जनता जवाब मांगती है — आखिर इस अपमान का जिम्मेदार कौन है?
Jalaun, Jalaun | Jul 26, 2026