गाजियाबाद की घर का चिराग दोनों बहन होती फिर भी बाप दोनों को हॉस्टल में भेज देते है
मां बाप का सपना होता और जितने कमाई किए होते देते रहते लगा दोनों डॉक्टर या इंजीनियर बनेगी
गांववाले मजाक बनाते बेटी का लक्षण सही नहीं लगता फिर कहानी डिंपल यादव और आयशा यादव का सामने आया
दोनों लोग को गुमराह करती लेकिन कोई बातों में आया नहीं इसलिए गंदा काम से घर चले इसलिये ये दिन रात करती है
राजनीतिक पार्टी के चक्कर में जो खत्म हो चुके उसी के चुतिया सार्थक पलंग घर का खराब करते है