तपस्वी छावनी अयोध्या से नैमिषारण्य पहुंचे सत्य सनातन धर्म प्रचारक दिवाकराचार्य, बोले— "नैमिषारण्य अद्भुत तपोभूमि है"
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#नैमिषारण्य/सीतापुर: प्रभु श्रीराम की पावन नगरी अयोध्या स्थित तपस्वी छावनी से 88 हजार ऋषि-मुनियों की तपस्थली नैमिषारण्य पहुंचे सत्य सनातन धर्म प्रचारक दिवाकराचार्य ने पवित्र धरा को नमन करते हुए कहा कि "नैमिषारण्य केवल एक तीर्थ नहीं, बल्कि तप, त्याग, साधना और अध्यात्म की जीवंत भूमि है।"
नैमिषारण्य आगमन के उपरांत उन्होंने विभिन्न पवित्र स्थलों के दर्शन किए और कहा कि यहां की दिव्यता, आध्यात्मिक वातावरण एवं प्राचीन अरण्य संस्कृति मन को अत्यंत शांति प्रदान करती है। उन्होंने कहा कि अभी उन्हें यहां आए केवल दो दिन हुए हैं, लेकिन नैमिषारण्य के इतिहास, आध्यात्मिक रहस्यों और तपस्वियों की परंपरा को जानने की उत्सुकता लगातार बढ़ रही है।
(द टेलीकास्ट) से बातचीत में दिवाकराचार्य ने कहा कि "सनातन धर्म हमारे रोम-रोम और रग-रग में बसता है। दुनिया में चाहे महंगाई बढ़े या देशों के बीच युद्ध जैसी परिस्थितियां उत्पन्न हों, लेकिन सत्य को कभी झुठलाया नहीं जा सकता। सनातन धर्म सत्य, करुणा, सेवा और मानव कल्याण का मार्ग दिखाता है।"
उन्होंने श्रद्धालुओं से सनातन संस्कृति के मूल्यों को अपनाने, धर्म और अध्यात्म के प्रति जागरूक रहने तथा समाज में प्रेम, सद्भाव और नैतिकता को बढ़ावा देने का आह्वान किया। कहा नैमिषारण्य की पावन धरा पर संतों का आगमन आध्यात्मिक चेतना और सनातन संस्कृति के प्रचार-प्रसार को नई ऊर्जा प्रदान कर रहा है जहां सरकार भी पर्यटन के माध्यम से सुंदर विकास कर रही है।
#रिपोर्ट: पुनीत मिश्रा/बेनीगंज
Hardoi, Hardoi | Jun 4, 2026