मदरसों में 500 वर्ष पुरानी कट्टरपंथी सोच की नहीं, बल्कि आधुनिक, वैज्ञानिक और रोजगारोन्मुखी शिक्षा की आवश्यकता है। हमारा लक्ष्य है कि समाज के प्रत्येक वर्ग के बच्चे गुणवत्तापूर्ण एवं आधुनिक शिक्षा प्राप्त करें, राष्ट्र की मुख्यधारा से जुड़ें और देश के विकास तथा राष्ट्रहित में अपना सार्थक योगदान दें।
स्रोत :- पुष्कर सिंह धामी