ये है सब इंस्पेक्टर हरि प्रकाश है, यह रिश्वत का पैसा आप नहीं लेते थे इनके थाने के सामने एक चाय की दुकान थी ये रिश्वत का पैसा उसी को लेने के लिए बोलते थे जिससे यह पकड़े न जा सके।
*इस बार फिर दरोगा साहब ने 8000 की रिश्वत दुकानदार को लेने के लिए बोला था*
लेकिन पहले से तैयार एंटी करप्शन की टीम ने मिली शिकायत पर जाल बिछा दुकानदार को पकड़ लिया। तो ये देख दरोगा साहब खुद को बचाने के लिए छत से कूद पड़े जिससे इनके दोनों पैर टूट गए।
पूछताछ में चाय वाले ने बताया कि यह पैसा दरोगा जी लेने के लिए बोले थे।
और दरोगा जी कह रहे हैं कि मैं तो इस चाय वाले को जानता ही नहीं हूँ।
एंटी करप्शन की टीम ने कहा कि अगर आप जानते नहीं तो फिर भाग के छत से कूदे क्यों ? ये सुन दरोगा ने कुछ जवाब नहीं दिए। अब देखना है एंटी करप्शन विभाग ईस मामले में क्या कारवाई करता है।
फिलहाल अब लगता है दरोगा जी तो ठीक होने के बाद जेल ही जाएंगे।