गौ संरक्षण और सम्मान के लिए देशव्यापी आह्वान: 27 जुलाई और 27 अक्टूबर को मनाया जा रहा है 'गो सम्मान दिवस!
देहरादून/राष्ट्रव्यापी: भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा में पूजनीय गौमाता के गौरव को पुनर्स्थापित करने और उनके संरक्षण के प्रति जन-जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से 'गो सम्मान आह्वान अभियान' की शुरुआत की गई है। इस अभियान के तहत देश भर में 27 जुलाई 2026 और 27 अक्टूबर 2026 को 'गो सम्मान दिवस' के रूप में मनाने का संकल्प लिया गया है। इस राष्ट्रव्यापी आंदोलन का मुख्य उद्देश्य गौवंश की सुरक्षा, सेवा और उन्हें समाज में उचित सम्मान दिलाना है, जिसे अभियान के मार्गदर्शक सिद्धांतों—'सेवा, सुरक्षा और सम्मान'—के रूप में रेखांकित किया गया है।
अभियान कार्यकारिणी द्वारा जारी आधिकारिक सूचना के अनुसार, इस मुहिम के तहत एक वृहद और अनुशासित कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार की गई है। इसके अंतर्गत सभी भारतवासियों और गौ-प्रेमियों से अपील की गई है कि वे निर्धारित तिथियों पर सुबह 08:00 बजे से 11.00 बजे तक 'विजयमंत्र' (श्री राम जय राम जय जय राम) का सामूहिक संकीर्तन करें। इस आध्यात्मिक शुरुआत के पश्चात, सुबह 11:00 बजे देश के विभिन्न हिस्सों में स्थानीय जिला कलेक्टरों के माध्यम से एक व्यापक प्रशासनिक और लोकतांत्रिक कदम उठाया जाएगा।
इस अभियान का सबसे बड़ा आकर्षण जनता की एकजुटता है, जिसके तहत महामहिम राष्ट्रपति, माननीय प्रधानमंत्री, माननीय राज्यपाल और राज्यों के माननीय मुख्यमंत्रियों के नाम 10 करोड़ हस्ताक्षरों से युक्त एक विशाल प्रार्थना पत्र सौंपा जा रहा है। इस ऐतिहासिक मांग पत्र के जरिए सरकार और प्रशासन से गौ संरक्षण के लिए और अधिक कड़े कानून बनाने तथा जमीनी स्तर पर उनके कल्याण के लिए ठोस नीतियां लागू करने का आग्रह किया गया है। इस पूरे अभियान को 'वेदलक्षणा गौमाता (आद्यशक्ति मां सुरभि)' के प्रधान संरक्षण और 'नंदी बाबा (नीलमणि वृषभदेव)' की अध्यक्षता में भारतीय परंपरा के समस्त आराध्य देवी-देवताओं के आशीर्वाद के साथ संचालित किया जा रहा है, जिसमें देश भर के संतों, गौ-पालकों और प्रबुद्ध नागरिकों का भरपूर सहयोग मिल रहा है।