धरियावद: धरियावद में कुंथीलालजी वणावत ने ग्रहण की जैनेश्वरी क्षुल्लक दीक्षा, बने 'क्षुल्लक उद्धार सागर जी'
परमपूज्य आचार्यकल्प 108 श्री पुण्यसागर जी महाराज के पावन सान्निध्य में धरियावद निवासी श्रावक श्री कुंथीलाल जी वणावत ने सांसारिक जीवन का त्याग कर जैनेश्वरी क्षुल्लक दीक्षा अंगीकार की। वे पिछले कुछ समय से असाध्य रोग से पीड़ित थे। वैराग्य की भावना जागृत होने पर उन्होंने आचार्य श्री के समक्ष सविनय निवेदन कर दीक्षा की प्रबल इच्छा व्यक्त की।आचार्य श्री ने बुधवार।