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सूरजकुंड मेले में झूला टूटा #faridabad #faridabadnews #surajkundmela

Ambala, Ambala | Feb 7, 2026

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धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफ़ा देना चाहिए#dharmendrapradhan #sonamwangchuk #CJP #modi #crimenews #like

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Ambala, Ambala | Jul 16, 2026

भगवान जगन्नाथ, उनके बड़े भाई बलभद्र,और बहन सुभद्रा,की भव्य रथ यात्रा, 16 जुलाई 2026 से ओडिशा के पुरी मे निकाली जा रही है।
ओडिशा के पुरी में हर साल आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को, निकाली जाने वाली भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा, दुनिया का सबसे बड़ा और भव्य रथ उत्सव है। इसमें भगवान जगन्नाथ, उनके बड़े भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा लकड़ी के विशाल रथों पर सवार होकर, अपनी मौसी के घर 'गुंडिचा मंदिर  जाते है।
यात्रा में सबसे आगे बड़े भाई बलभद्र का तालध्वज रथ, बीच में बहन सुभद्रा का दर्पदलन (पद्मध्वज) रथ, और अंत में भगवान जगन्नाथ का विशाल नंदीघोष रथ चलता है।
   तीनों भाई-बहन गुंडिचा मंदिर में सात दिनों तक विश्राम करते हैं। इसके बाद आषाढ़ शुक्ल दशमी को वे अपने मुख्य मंदिर लौट आते हैं, जिसे बहुदा यात्रा कहा जाता है। 
मान्यता है कि जो भी भक्त पूरी के 'बड़ा दांडा' (सड़क) पर रथ खींचने में शामिल होता है, उसे सौ यज्ञों के बराबर पुण्य प्राप्त होता है।

भगवान जगन्नाथ, उनके बड़े भाई बलभद्र,और बहन सुभद्रा,की भव्य रथ यात्रा, 16 जुलाई 2026 से ओडिशा के पुरी मे निकाली जा रही है। ओडिशा के पुरी में हर साल आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को, निकाली जाने वाली भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा, दुनिया का सबसे बड़ा और भव्य रथ उत्सव है। इसमें भगवान जगन्नाथ, उनके बड़े भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा लकड़ी के विशाल रथों पर सवार होकर, अपनी मौसी के घर 'गुंडिचा मंदिर जाते है। यात्रा में सबसे आगे बड़े भाई बलभद्र का तालध्वज रथ, बीच में बहन सुभद्रा का दर्पदलन (पद्मध्वज) रथ, और अंत में भगवान जगन्नाथ का विशाल नंदीघोष रथ चलता है। तीनों भाई-बहन गुंडिचा मंदिर में सात दिनों तक विश्राम करते हैं। इसके बाद आषाढ़ शुक्ल दशमी को वे अपने मुख्य मंदिर लौट आते हैं, जिसे बहुदा यात्रा कहा जाता है। मान्यता है कि जो भी भक्त पूरी के 'बड़ा दांडा' (सड़क) पर रथ खींचने में शामिल होता है, उसे सौ यज्ञों के बराबर पुण्य प्राप्त होता है।

Ambala, Ambala | Jul 16, 2026

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