सिंघवाड़ा प्रखंड अंतर्गत नगर पंचायत भरवाड़ा के सफाई कर्मी अपनी विभिन्न मांगों को लेकर 30 जुलाई से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठ गए हैं। हड़ताल के कारण नगर पंचायत क्षेत्र में सफाई व्यवस्था प्रभावित हो गई है। इसके साथ ही जलापूर्ति और प्रकाश व्यवस्था पर भी असर पड़ता दिखाई दे रहा है, जिससे स्थानीय लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।
हड़ताल पर बैठे सफाई कर्मियों का कहना है कि उनकी प्रमुख मांग ठेका प्रथा को समाप्त कर सभी कर्मियों को स्थायी (परमानेंट) किया जाए तथा उन्हें उचित और सम्मानजनक वेतन दिया जाए। कर्मियों का स्पष्ट कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
प्रदर्शन कर रहे कर्मियों ने सरकार से अपील करते हुए कहा कि वर्तमान में मिलने वाले कम वेतन से परिवार का भरण-पोषण करना बेहद कठिन हो गया है। उनका कहना है कि महंगाई के इस दौर में इतनी कम आय से बच्चों की पढ़ाई, भोजन और अन्य जरूरी जरूरतों को पूरा करना संभव नहीं है। इसलिए सरकार उनके वेतन में बढ़ोतरी करे, ताकि वे अपने परिवार को बेहतर जीवन और बच्चों को अच्छी शिक्षा उपलब्ध करा सकें।
सफाई कर्मियों ने यह भी आरोप लगाया कि उनकी समस्याओं की लगातार अनदेखी की जा रही है। उनका कहना है कि यदि सरकार समय रहते उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं करती है, तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। कर्मियों ने भावुक अंदाज में कहा कि ऐसा लगता है जैसे सरकार चाहती है कि सफाई कर्मी का बेटा भी मजबूरी में सफाई कर्मी ही बने, क्योंकि उनके जीवन स्तर को सुधारने की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है।
फिलहाल नगर पंचायत भरवारा में सफाई कर्मियों की हड़ताल जारी है। अब सभी की निगाहें नगर पंचायत प्रशासन और सरकार पर टिकी हैं कि वे इस मामले में क्या कदम उठाते हैं और कब तक इस गतिरोध का समाधान निकलता है।