बाराबंकी में मोहर्रम-उल-हराम की दूसरी तारीख पर हजरत मुस्लिम बिन अकील अलैहिस्सलाम की याद में अकीदत और गम का माहौल देखने को मिला। शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक इमामबाड़ों और अजाखानों में मजलिसों का आयोजन किया गया, जहां उनकी शहादत, वफादारी और सब्र को याद किया गया।