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बंडा: सांदीपनी स्कूल में बारिश बनी मुसीबत, दिव्यांग छात्रों और शिक्षकों को हो रही परेशानी

Banda, Sagar | Jul 20, 2026
एक तरफ जहां मानसून की बारिश आमजन को गर्मी से राहत दे रही है, वहीं बंडा नगर स्थित सांदीपनी स्कूल के लिए यह किसी मुसीबत से कम नहीं है। हल्की बारिश में ही स्कूल परिसर पानी से भर जाता है, जिससे दिव्यांग छात्र-छात्राओं और शिक्षकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। सोमवार सुबह करीब साढ़े 11 बजे डेढ़ घंटे एवं दोपहर 2 बजे से

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भारत के करोड़ों क्रिएटर्स विदेशी प्लेटफॉर्म पर निर्भर, अपना वैश्विक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म कब?
नई दिल्ली। भारत दुनिया के सबसे बड़े इंटरनेट और डिजिटल कंटेंट बाजारों में शामिल है। लाखों भारतीय क्रिएटर्स प्रतिदिन YouTube, Facebook और Instagram जैसे विदेशी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वीडियो, फोटो और अन्य सामग्री साझा करते हैं। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि इन प्लेटफॉर्म पर सक्रिय अधिकांश छोटे और मध्यम स्तर के क्रिएटर्स को नियमित और स्थायी आय नहीं मिल पाती।
हालिया रिपोर्टों के अनुसार, भारत में डिजिटल क्रिएटर्स की संख्या तेजी से बढ़ रही है और इनमें बड़ी संख्या छोटे शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले युवाओं की है। इसके बावजूद केवल सीमित संख्या में ही क्रिएटर्स कंटेंट निर्माण को पूर्णकालिक रोजगार के रूप में अपनाने में सफल हो पाते हैं, जबकि अधिकांश क्रिएटर्स बेहतर कमाई और अवसरों की तलाश में संघर्ष करते हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि भारत में स्वदेशी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म विकसित करने के प्रयास हुए हैं, लेकिन वैश्विक प्रतिस्पर्धा, भारी निवेश, तकनीकी अवसंरचना और पहले से स्थापित अंतरराष्ट्रीय प्लेटफॉर्म के विशाल उपयोगकर्ता आधार के कारण उन्हें अपेक्षित सफलता नहीं मिल सकी।
डिजिटल अर्थव्यवस्था से जुड़े जानकारों का मानना है कि यदि भारत भविष्य में एक मजबूत और वैश्विक स्तर का सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म विकसित करता है, तो इससे स्थानीय नवाचार, रोजगार, डेटा प्रबंधन और भारतीय क्रिएटर्स के लिए नए अवसर पैदा हो सकते हैं। हालांकि, इसके लिए दीर्घकालिक निवेश, उन्नत तकनीक और उपयोगकर्ताओं का विश्वास जीतना सबसे बड़ी चुनौती होगी।
इसी के साथ यह प्रश्न भी उठ रहा है कि क्या भारत के डिजिटल भविष्य और क्रिएटर इकोनॉमी को लेकर व्यापक स्तर पर बहस होनी चाहिए? क्या देश को अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के विकास पर अधिक ध्यान देना चाहिए, या वैश्विक प्लेटफॉर्म ही आगे का रास्ता हैं?
आपकी इस विषय पर क्या राय है? क्या भारत को अपना मजबूत सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म विकसित करना चाहिए? अपनी राय कमेंट बॉक्स में अवश्य बताएं। धन्यवाद।
UP 90 Creator 
#DigitalIndia #CreatorEconomy #IndianCreators #SocialMedia #Technology

भारत के करोड़ों क्रिएटर्स विदेशी प्लेटफॉर्म पर निर्भर, अपना वैश्विक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म कब? नई दिल्ली। भारत दुनिया के सबसे बड़े इंटरनेट और डिजिटल कंटेंट बाजारों में शामिल है। लाखों भारतीय क्रिएटर्स प्रतिदिन YouTube, Facebook और Instagram जैसे विदेशी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वीडियो, फोटो और अन्य सामग्री साझा करते हैं। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि इन प्लेटफॉर्म पर सक्रिय अधिकांश छोटे और मध्यम स्तर के क्रिएटर्स को नियमित और स्थायी आय नहीं मिल पाती। हालिया रिपोर्टों के अनुसार, भारत में डिजिटल क्रिएटर्स की संख्या तेजी से बढ़ रही है और इनमें बड़ी संख्या छोटे शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले युवाओं की है। इसके बावजूद केवल सीमित संख्या में ही क्रिएटर्स कंटेंट निर्माण को पूर्णकालिक रोजगार के रूप में अपनाने में सफल हो पाते हैं, जबकि अधिकांश क्रिएटर्स बेहतर कमाई और अवसरों की तलाश में संघर्ष करते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि भारत में स्वदेशी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म विकसित करने के प्रयास हुए हैं, लेकिन वैश्विक प्रतिस्पर्धा, भारी निवेश, तकनीकी अवसंरचना और पहले से स्थापित अंतरराष्ट्रीय प्लेटफॉर्म के विशाल उपयोगकर्ता आधार के कारण उन्हें अपेक्षित सफलता नहीं मिल सकी। डिजिटल अर्थव्यवस्था से जुड़े जानकारों का मानना है कि यदि भारत भविष्य में एक मजबूत और वैश्विक स्तर का सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म विकसित करता है, तो इससे स्थानीय नवाचार, रोजगार, डेटा प्रबंधन और भारतीय क्रिएटर्स के लिए नए अवसर पैदा हो सकते हैं। हालांकि, इसके लिए दीर्घकालिक निवेश, उन्नत तकनीक और उपयोगकर्ताओं का विश्वास जीतना सबसे बड़ी चुनौती होगी। इसी के साथ यह प्रश्न भी उठ रहा है कि क्या भारत के डिजिटल भविष्य और क्रिएटर इकोनॉमी को लेकर व्यापक स्तर पर बहस होनी चाहिए? क्या देश को अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के विकास पर अधिक ध्यान देना चाहिए, या वैश्विक प्लेटफॉर्म ही आगे का रास्ता हैं? आपकी इस विषय पर क्या राय है? क्या भारत को अपना मजबूत सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म विकसित करना चाहिए? अपनी राय कमेंट बॉक्स में अवश्य बताएं। धन्यवाद। UP 90 Creator #DigitalIndia #CreatorEconomy #IndianCreators #SocialMedia #Technology

Banda, Banda | Jul 27, 2026

भारत के करोड़ों क्रिएटर्स विदेशी प्लेटफॉर्म पर निर्भर, अपना वैश्विक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म कब?
नई दिल्ली। भारत दुनिया के सबसे बड़े इंटरनेट और डिजिटल कंटेंट बाजारों में शामिल है। लाखों भारतीय क्रिएटर्स प्रतिदिन YouTube, Facebook और Instagram जैसे विदेशी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वीडियो, फोटो और अन्य सामग्री साझा करते हैं। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि इन प्लेटफॉर्म पर सक्रिय अधिकांश छोटे और मध्यम स्तर के क्रिएटर्स को नियमित और स्थायी आय नहीं मिल पाती।
हालिया रिपोर्टों के अनुसार, भारत में डिजिटल क्रिएटर्स की संख्या तेजी से बढ़ रही है और इनमें बड़ी संख्या छोटे शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले युवाओं की है। इसके बावजूद केवल सीमित संख्या में ही क्रिएटर्स कंटेंट निर्माण को पूर्णकालिक रोजगार के रूप में अपनाने में सफल हो पाते हैं, जबकि अधिकांश क्रिएटर्स बेहतर कमाई और अवसरों की तलाश में संघर्ष करते हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि भारत में स्वदेशी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म विकसित करने के प्रयास हुए हैं, लेकिन वैश्विक प्रतिस्पर्धा, भारी निवेश, तकनीकी अवसंरचना और पहले से स्थापित अंतरराष्ट्रीय प्लेटफॉर्म के विशाल उपयोगकर्ता आधार के कारण उन्हें अपेक्षित सफलता नहीं मिल सकी।
डिजिटल अर्थव्यवस्था से जुड़े जानकारों का मानना है कि यदि भारत भविष्य में एक मजबूत और वैश्विक स्तर का सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म विकसित करता है, तो इससे स्थानीय नवाचार, रोजगार, डेटा प्रबंधन और भारतीय क्रिएटर्स के लिए नए अवसर पैदा हो सकते हैं। हालांकि, इसके लिए दीर्घकालिक निवेश, उन्नत तकनीक और उपयोगकर्ताओं का विश्वास जीतना सबसे बड़ी चुनौती होगी।
इसी के साथ यह प्रश्न भी उठ रहा है कि क्या भारत के डिजिटल भविष्य और क्रिएटर इकोनॉमी को लेकर व्यापक स्तर पर बहस होनी चाहिए? क्या देश को अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के विकास पर अधिक ध्यान देना चाहिए, या वैश्विक प्लेटफॉर्म ही आगे का रास्ता हैं?
आपकी इस विषय पर क्या राय है? क्या भारत को अपना मजबूत सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म विकसित करना चाहिए? अपनी राय कमेंट बॉक्स में अवश्य बताएं। धन्यवाद।
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भारत के करोड़ों क्रिएटर्स विदेशी प्लेटफॉर्म पर निर्भर, अपना वैश्विक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म कब? नई दिल्ली। भारत दुनिया के सबसे बड़े इंटरनेट और डिजिटल कंटेंट बाजारों में शामिल है। लाखों भारतीय क्रिएटर्स प्रतिदिन YouTube, Facebook और Instagram जैसे विदेशी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वीडियो, फोटो और अन्य सामग्री साझा करते हैं। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि इन प्लेटफॉर्म पर सक्रिय अधिकांश छोटे और मध्यम स्तर के क्रिएटर्स को नियमित और स्थायी आय नहीं मिल पाती। हालिया रिपोर्टों के अनुसार, भारत में डिजिटल क्रिएटर्स की संख्या तेजी से बढ़ रही है और इनमें बड़ी संख्या छोटे शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले युवाओं की है। इसके बावजूद केवल सीमित संख्या में ही क्रिएटर्स कंटेंट निर्माण को पूर्णकालिक रोजगार के रूप में अपनाने में सफल हो पाते हैं, जबकि अधिकांश क्रिएटर्स बेहतर कमाई और अवसरों की तलाश में संघर्ष करते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि भारत में स्वदेशी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म विकसित करने के प्रयास हुए हैं, लेकिन वैश्विक प्रतिस्पर्धा, भारी निवेश, तकनीकी अवसंरचना और पहले से स्थापित अंतरराष्ट्रीय प्लेटफॉर्म के विशाल उपयोगकर्ता आधार के कारण उन्हें अपेक्षित सफलता नहीं मिल सकी। डिजिटल अर्थव्यवस्था से जुड़े जानकारों का मानना है कि यदि भारत भविष्य में एक मजबूत और वैश्विक स्तर का सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म विकसित करता है, तो इससे स्थानीय नवाचार, रोजगार, डेटा प्रबंधन और भारतीय क्रिएटर्स के लिए नए अवसर पैदा हो सकते हैं। हालांकि, इसके लिए दीर्घकालिक निवेश, उन्नत तकनीक और उपयोगकर्ताओं का विश्वास जीतना सबसे बड़ी चुनौती होगी। इसी के साथ यह प्रश्न भी उठ रहा है कि क्या भारत के डिजिटल भविष्य और क्रिएटर इकोनॉमी को लेकर व्यापक स्तर पर बहस होनी चाहिए? क्या देश को अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के विकास पर अधिक ध्यान देना चाहिए, या वैश्विक प्लेटफॉर्म ही आगे का रास्ता हैं? आपकी इस विषय पर क्या राय है? क्या भारत को अपना मजबूत सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म विकसित करना चाहिए? अपनी राय कमेंट बॉक्स में अवश्य बताएं। धन्यवाद। UP 90 Creator #DigitalIndia #CreatorEconomy #IndianCreators #SocialMedia #Technology

Banda, Banda | Jul 27, 2026

बांदा पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। नाबालिग बालिका के अपहरण और दुष्कर्म के प्रयास के मामले में दो आरोपियों को पुलिस ने मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। इस दौरान दो पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं, जिनकी हालत सामान्य बताई जा रही है।

बांदा पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। नाबालिग बालिका के अपहरण और दुष्कर्म के प्रयास के मामले में दो आरोपियों को पुलिस ने मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। इस दौरान दो पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं, जिनकी हालत सामान्य बताई जा रही है।

Banda, Banda | Jul 27, 2026

बांदा में कांग्रेस का कैंडल मार्च, छात्रों के समर्थन में उठाई आवाज
बांदा, उत्तर प्रदेश | 25 जुलाई 2026
कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे एवं प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय के निर्देश पर शनिवार शाम जिला कांग्रेस कमेटी, बांदा द्वारा छात्रों के समर्थन में कैंडल मार्च निकाला गया। यह मार्च जिला कांग्रेस कमेटी कार्यालय, अवस्थी धर्मशाला (स्टेशन रोड) से शुरू होकर महेश्वरी देवी मंदिर चौक होते हुए नगरपालिका परिषद, बांदा तक पहुंचा। कार्यक्रम का नेतृत्व कांग्रेस जिलाध्यक्ष राजेश दीक्षित ने किया।
कैंडल मार्च के दौरान मीडिया से बातचीत में राजेश दीक्षित ने कहा कि यह देश के छात्रों की जीत है और छात्र ही देश का भविष्य हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के कार्यकाल में शिक्षा व्यवस्था प्रभावित हुई। उन्होंने कहा कि उनका इस्तीफा केवल पहला कदम है और अब छात्रों पर कथित बर्बरता करने वालों पर सख्त कार्रवाई तथा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा देश के छात्रों से माफी की मांग भी पूरी होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता की आवाज सबसे बड़ी ताकत है और कांग्रेस न्याय, जवाबदेही तथा छात्रों के अधिकारों के लिए लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष जारी रखेगी।
इस अवसर पर पीसीसी सदस्य पवन देवी कोरी, युवा कांग्रेस प्रदेश सचिव आकाश दीक्षित, संकटा प्रसाद त्रिपाठी, द्वारिकेश सिंह यादव, डॉ. संजय द्विवेदी, मोहम्मद इदरीश, सत्यप्रकाश द्विवेदी, शोएब रिजवी, जितेंद्र गौरव, अमित तिवारी, हेमंत कुमार वर्मा, सीमा बाबी, रेनू शर्मा, संतोष कुमार द्विवेदी, धीरेन्द्र पांडेय, इरफान खान सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता एवं पदाधिकारी मौजूद रहे।
#Banda #Congress #CandleMarch #Students #UttarPradesh

बांदा में कांग्रेस का कैंडल मार्च, छात्रों के समर्थन में उठाई आवाज बांदा, उत्तर प्रदेश | 25 जुलाई 2026 कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे एवं प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय के निर्देश पर शनिवार शाम जिला कांग्रेस कमेटी, बांदा द्वारा छात्रों के समर्थन में कैंडल मार्च निकाला गया। यह मार्च जिला कांग्रेस कमेटी कार्यालय, अवस्थी धर्मशाला (स्टेशन रोड) से शुरू होकर महेश्वरी देवी मंदिर चौक होते हुए नगरपालिका परिषद, बांदा तक पहुंचा। कार्यक्रम का नेतृत्व कांग्रेस जिलाध्यक्ष राजेश दीक्षित ने किया। कैंडल मार्च के दौरान मीडिया से बातचीत में राजेश दीक्षित ने कहा कि यह देश के छात्रों की जीत है और छात्र ही देश का भविष्य हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के कार्यकाल में शिक्षा व्यवस्था प्रभावित हुई। उन्होंने कहा कि उनका इस्तीफा केवल पहला कदम है और अब छात्रों पर कथित बर्बरता करने वालों पर सख्त कार्रवाई तथा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा देश के छात्रों से माफी की मांग भी पूरी होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता की आवाज सबसे बड़ी ताकत है और कांग्रेस न्याय, जवाबदेही तथा छात्रों के अधिकारों के लिए लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष जारी रखेगी। इस अवसर पर पीसीसी सदस्य पवन देवी कोरी, युवा कांग्रेस प्रदेश सचिव आकाश दीक्षित, संकटा प्रसाद त्रिपाठी, द्वारिकेश सिंह यादव, डॉ. संजय द्विवेदी, मोहम्मद इदरीश, सत्यप्रकाश द्विवेदी, शोएब रिजवी, जितेंद्र गौरव, अमित तिवारी, हेमंत कुमार वर्मा, सीमा बाबी, रेनू शर्मा, संतोष कुमार द्विवेदी, धीरेन्द्र पांडेय, इरफान खान सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता एवं पदाधिकारी मौजूद रहे। #Banda #Congress #CandleMarch #Students #UttarPradesh

Banda, Banda | Jul 26, 2026

बांदा: पानी सप्लाई के समय बिजली कटौती पर ए.एस. नोमानी ने उठाए सवाल
बुंदेलखंड इंसाफ सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष ए.एस. नोमानी ने पानी की आपूर्ति के समय होने वाली बिजली कटौती पर सवाल उठाते हुए कहा कि जिस समय शहर और गांवों में पानी की सप्लाई का निर्धारित समय होता है, ठीक उसी समय बिजली काट दी जाती है। इससे आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है और वे पर्याप्त पानी नहीं भर पाते।
उन्होंने कहा कि यदि पानी की सप्लाई के दौरान ही बिजली नहीं रहेगी, तो मोटर और पंप नहीं चल पाएंगे, जिससे लोगों को पेयजल संकट झेलना पड़ेगा। उन्होंने संबंधित विभागों से मांग की कि पानी की आपूर्ति के समय निर्बाध बिजली उपलब्ध कराई जाए, ताकि जनता को अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े।
ए.एस. नोमानी ने सवाल किया कि आखिर पानी सप्लाई के समय ही बिजली कटौती क्यों की जाती है? उन्होंने इस व्यवस्था में सुधार करने और आम नागरिकों की सुविधा को प्राथमिकता देने की मांग की।
#बुंदेलखंड_इंसाफ_सेना
#एएस_नोमानी
#बिजली_कटौती
#पानी_संकट
#बांदा

बांदा: पानी सप्लाई के समय बिजली कटौती पर ए.एस. नोमानी ने उठाए सवाल बुंदेलखंड इंसाफ सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष ए.एस. नोमानी ने पानी की आपूर्ति के समय होने वाली बिजली कटौती पर सवाल उठाते हुए कहा कि जिस समय शहर और गांवों में पानी की सप्लाई का निर्धारित समय होता है, ठीक उसी समय बिजली काट दी जाती है। इससे आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है और वे पर्याप्त पानी नहीं भर पाते। उन्होंने कहा कि यदि पानी की सप्लाई के दौरान ही बिजली नहीं रहेगी, तो मोटर और पंप नहीं चल पाएंगे, जिससे लोगों को पेयजल संकट झेलना पड़ेगा। उन्होंने संबंधित विभागों से मांग की कि पानी की आपूर्ति के समय निर्बाध बिजली उपलब्ध कराई जाए, ताकि जनता को अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े। ए.एस. नोमानी ने सवाल किया कि आखिर पानी सप्लाई के समय ही बिजली कटौती क्यों की जाती है? उन्होंने इस व्यवस्था में सुधार करने और आम नागरिकों की सुविधा को प्राथमिकता देने की मांग की। #बुंदेलखंड_इंसाफ_सेना #एएस_नोमानी #बिजली_कटौती #पानी_संकट #बांदा

Banda, Banda | Jul 26, 2026

बंडा: सांदीपनी स्कूल में बारिश बनी मुसीबत, दिव्यांग छात्रों और शिक्षकों को हो रही परेशानी - Banda News