क्या हम केवल सोशल मीडिया पर ही अपनी धरोहरों की बातें करेंगे... या उन्हें बचाने के लिए भी आगे आएँगे?
19 जुलाई 2028 को ब्रह्मकुंड परिसर, राजगीर में आयोजित “धरोहर कुण्ड बचाओ, गरम धारा बचाओ” महापंचायत में राजगीर के गणमान्य नागरिकों, समाजसेवियों, बुद्धिजीवियों एवं बाहर से आए लोगों ने एकजुट होकर राजगीर की ऐतिहासिक धरोहर, पवित्र गरम धाराओं, सरस्वती नदी और वन क्षेत्रों की सुरक्षा की माँग उठाई।
लेकिन एक सवाल आज भी हम सभी के सामने खड़ा है...
जिस धरोहर को बचाने के लिए दूर-दूर से लोग अपनी आवाज़ बुलंद करने आए, क्या हम राजगीरवासी अपनी ही धरोहर के लिए उतनी मजबूती से खड़े हैं?
धरोहरें केवल सरकारों की जिम्मेदारी नहीं होतीं, बल्कि हम सभी की साझा विरासत होती हैं। अगर आज हम नहीं जागे, तो कल शायद बहुत देर हो जाएगी।
आइए, संकल्प लें— 🙏 धरोहर बचाएँगे... राजगीर बचाएँगे। 🌿 गरम धाराएँ बचेंगी... तभी हमारी पहचान बचेगी।
आपकी क्या राय है? क्या राजगीर की धरोहरों की रक्षा के लिए जनभागीदारी बढ़नी चाहिए? अपनी राय कमेंट में ज़रूर लिखें। 👇
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Rajgir, Nalanda | Jul 19, 2026