गोरखपुर: जिला कारागार में निरुद्ध कैदियों को रोजगार से जोड़ने के लिए जेल प्रशासन ने की पहल, मशरूम की खेती की जानकारी
जिला कारागार में पूर्वांचल मशरूम सेंटर के स्वतंत्र देव सिंह ने जेल रेडियों के माध्यम से कारागार में निरूद्ध बन्दियों को जेल रेडियो के माध्यम से मशरूम की खेती के माध्यम से अधिकाधिक आय अर्जित करने के तरीके बताए। उन्होंने बताया कि मशरूम की खेती जीरो बजट फार्मिंग है, जिसमें कृषि अवशेषों भूसा, पुआल, गन्ना की खोई, सरसों के डंठल आदि का प्रयोग होता है।