छतरपुर के लवकुश नगर के हरिद्वार गांव में एक नेत्रहीन बुजुर्ग महिला गंदे कीचड़ नुमा घर मे रहने को मजबूर है,सरजन बताती हैं कि वह पिछले 1 महीने से घर में कैद जैसी हो गई हैं. क्योंकि जब से बारिश का मौसम शुरू हुआ है तब से आफ़त आ गई. मुझे आंखों से दिखाई भी नहीं देता है. जन्म से अंधी हूं. इस बुढ़ापे में लकड़ी के सहारे अंदाज से चलती हूं. लेकिन घर के अंदर कीचड़ और बाहर जलभराव है जिसके चलते एक कमरे के अंदर कैद होकर रह गई हूं.पिछले 1 महीने से वह बारिश की वज़ह से अकेले कच्चे घर में रहने को मजबूर हैं. क्योंकि घर के बाहर बारिश की वज़ह से जलभराव हो गया है जिसके चलते वह घर से बाहर भी निकल नहीं पा रही हैं. हालांकि, बेटा-बहू भी हैं. लेकिन वह दूसरे घर में रहते हैं उनका कहना हैं इस बुढ़ापे में लकड़ी के सहारे अंदाज से चलती हूं. लेकिन घर के अंदर कीचड़ और बाहर जलभराव है जिसके चलते एक कमरे के अंदर कैद होकर रह गई हूं.बेटा-बहू अलग घर में रहते हैं.बेटा-बहू यहीं आकर भोजन दे जाते हैं. मैं पहले इसी घर में पति के साथ रहती थी. इसलिए इस घर से यादे जुड़ी हुई हैं. लेकिन सालों पहले पति छोड़कर चले गए. बुजुर्ग महिला अब विनती कर रही कि ये जल भराव हटा दिया जाए, मैं घर में 24 घंटे अकेले पड़ी रहती हूं. किसी से बात भी नहीं कर पा रही हूं. पिछले 1 महीने से दिन-रात घर में जेल की तरह बंद हूं. अगर 1 घंटे भी बारिश हो जाती है तो घर के बाहर जलभराव हो जाता है और घर के अंदर भी कीचड़ दलदल बन जाता है!वही पूरे मामले में हमने जनपद सीईओ भारती ठाकुर से बात की तो उनका कहना है जल्द ही वहाँ उपयंत्री को भेज कर इस समस्या का समाधान कराया जाएगा
हिमांशु अग्रवाल
छतरपुर