प्रदेश सरकार ने किसी भी बच्चे का जीवन शिक्षित करने के लिए विद्यालय तो खाेल दिए लेकिन उसमें सुविधाएं मुहैया करवाना भूल गई। बददी के निकट प्रदेश सरकार ने प्राथमिक विद्यालय खोला लेकिन उसमें शौचालय की सुविधा नौनिहालो को उपलब्ध नहीं हो पाई। छात्र छात्राओं को सराजमाजरा गांव के साथ सटी पार्किंग में ट्रकों के पीछे शौचालय के लिए जाना पडता है। यहां पर 53 बच्चे शिक्षा ग्रहण करते हैं जिसमें आधी संख्या बालिकाओं की है। इस समस्या का पता सामाजिक कार्यकर्ता दून जनहित मोर्चा अध्यक्ष डा रणेश राणा को पता चला तो उन्होने विद्यालय का दौरा किया और अध्यापकों से वस्तु स्थिति का जायजा लिया। अध्यापकों ने बताया कि अभी यह स्कूल नगर निगम के पुराने भवन में चल रहा है और यहां पर सुविधाओं की भारी कमी है लेेकिन सबसे बडी कमी शौचालय की है। वहीं डा रणेश राणा ने कहा कि प्राथमिक स्कूल सराजमाजरा में शौचालय न होने का मामला वो शिक्षा विभाग व नगर निगम से उठा रहे हैं। उन्होने खेद जताया कि इस स्कूल की अनदेखी इसलिए हो रही है कि इसमें प्रवासियों के बच्चे पढ़ते हैं लेकिन अगर उनको मूलभूत सुविधाएं भी नहीं मिलती तो आनन फानन में ऐसे स्कूल नहीं खोलने चाहिए थे।
Solan, Solan | Sep 19, 2026