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स्कूली बच्चों को दिया गया आपदा प्रबंधन का व्यवहारिक प्रशिक्षण .. एसडीआरएफ टीम ने बाढ़, अग्निकांड, सर्पदंश और आकाशीय बिजली से बचाव के बताए उपाय .. कलेक्टर श्री अंशुल गुप्ता के निर्देशानुसार जिले के शैक्षणिक संस्थानों में अध्ययनरत विद्यार्थियों को आपदा प्रबंधन संबंधी व्यावहारिक एवं उपयोगी जानकारी उपलब्ध कराने तथा आपदा के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से गुरुवार को विदिशा तहसील के ग्राम अहमदपुर स्थित अग्रवाल स्कूल में आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम जिला सेनानी श्री मयंक कुमार जैन के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। प्रशिक्षण कार्यक्रम में विद्यार्थियों को विभिन्न प्राकृतिक एवं मानवजनित आपदाओं के दौरान सुरक्षित रहने के उपायों की विस्तार से जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने बाढ़ की स्थिति में बचाव के तरीके, सर्पदंश होने पर बरती जाने वाली सावधानियां, अग्नि दुर्घटनाओं के समय सुरक्षित निकासी की प्रक्रिया, आकाशीय बिजली गिरने की स्थिति में अपनाए जाने वाले सुरक्षा उपाय तथा प्राथमिक उपचार (फर्स्ट एड) की महत्वपूर्ण जानकारी सरल एवं व्यवहारिक तरीके से समझाई। प्रशिक्षकों ने विद्यार्थियों को बताया कि आपदा के समय घबराने के बजाय सूझबूझ और सही जानकारी के साथ कार्य करने से जनहानि एवं संपत्ति के नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता है। साथ ही बच्चों से अपील की गई कि वे प्रशिक्षण में सीखी गई बातों को अपने परिवार एवं आसपास के लोगों तक भी पहुंचाएं, जिससे समाज में आपदा प्रबंधन के प्रति जागरूकता बढ़ सके। प्रशिक्षण का संचालन विदिशा एसडीआरएफ टीम के प्रभारी कंपनी कमांडर श्री देवी सिंह परते के नेतृत्व में किया गया। इस दौरान टीम के सदस्य देवेंद्र कटोरिया, संजय, गौरव रघुवंशी एवं संदीप ने विभिन्न आपदा परिस्थितियों से निपटने का प्रायोगिक प्रदर्शन किया। उन्होंने बचाव एवं राहत कार्यों का जीवंत प्रदर्शन कर विद्यार्थियों को आपातकालीन परिस्थितियों में अपनाई जाने वाली तकनीकों से अवगत कराया। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने आपदा प्रबंधन से जुड़े अनेक प्रश्न पूछे, जिनका एसडीआरएफ टीम द्वारा विस्तारपूर्वक समाधान किया गया। प्रशिक्षण में विद्यालय के शिक्षकगण एवं छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए आपदा प्रबंधन के महत्व को समझा और भविष्य में ऐसी परिस्थितियों में सतर्क एवं जागरूक रहने का संकल्प लिया। #vidisha #JansamparkMP

54 views | Vidisha, Madhya Pradesh | Jul 24, 2026

MORE NEWS

पैरालीगल वालेंटियर्स को डिजिटल न्याय व्यवस्था और साइबर सुरक्षा का मिला प्रशिक्षण, सीआईएस एवं ई-कोर्ट सेवाओं की दी गई व्यवहारिक जानकारी 
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राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जबलपुर के निर्देशानुसार तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, विदिशा द्वारा  प्रधान जिला न्यायाधीश एवं  जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अध्यक्ष श्री शेख सलीम के मार्गदर्शन में शनिवार को एडीआर भवन के सभागार में पैरालीगल वालेंटियर्स के दक्षता संवर्धन के उद्देश्य से सीआईएस (कोर्ट इन्फॉर्मेशन सिस्टम) एवं साइबर सुरक्षा विषय पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया।

प्रशिक्षण का उद्देश्य पैरालीगल वालेंटियर्स को डिजिटल न्याय व्यवस्था, ई-कोर्ट सेवाओं तथा साइबर अपराधों से बचाव संबंधी व्यावहारिक जानकारी देकर उन्हें आमजन तक इन सेवाओं की जानकारी पहुंचाने के लिए सक्षम बनाना था। कार्यक्रम का शुभारंभ  प्रधान जिला न्यायाधीश एवं  जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अध्यक्ष श्री शेख सलीम ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया।  अध्यक्षीय उद्बोधन में उन्होंने कहा कि न्याय व्यवस्था तेजी से डिजिटल स्वरूप ग्रहण कर रही है। ऐसे समय में पैरालीगल वालेंटियर्स की जिम्मेदारी और भी महत्वपूर्ण हो गई है। उन्होंने कहा कि यदि वालेंटियर्स डिजिटल न्यायिक सेवाओं की पूरी जानकारी प्राप्त कर समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाएं तो न्याय को अधिक सुलभ, सरल और पारदर्शी बनाया जा सकता है। उन्होंने सभी वालेंटियर्स से तकनीकी रूप से दक्ष बनने और आम नागरिकों को न्यायिक सेवाओं का लाभ दिलाने में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए व्यवहार न्यायाधीश वरिष्ठ खंड एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव श्री नितेन्द्र सिंह तोमर ने डिजिटल जस्टिस में पैरालीगल वालेंटियर्स की भूमिका पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि ई-फाइलिंग, ई-पे, ई-समंस, ई-कोर्ट सेवाएं, केस स्टेटस, कॉज लिस्ट तथा अन्य ऑनलाइन न्यायिक सुविधाओं की जानकारी आमजन तक पहुंचाना वालेंटियर्स का महत्वपूर्ण दायित्व है। उन्होंने कहा कि तकनीक के माध्यम से न्याय प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, त्वरित और सुविधाजनक बन रही है, जिसका लाभ प्रत्येक नागरिक तक पहुंचाना आवश्यक है।

प्रशिक्षण सत्र के दौरान जिला न्यायालय विदिशा के सिस्टम ऑफिसर श्री राजीव चतुर्वेदी एवं सिस्टम असिस्टेंट श्री ठाकुर दयालसिंह ने कोर्ट इन्फॉर्मेशन सिस्टम (सीआईएस) की कार्यप्रणाली, उद्देश्यों एवं उपयोगिता पर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने ई-कोर्ट मोबाइल एप एवं सिटीजन सर्विसेज पोर्टल का लाइव प्रदर्शन करते हुए प्रतिभागियों को केस स्टेटस देखने, कॉज लिस्ट प्राप्त करने तथा अन्य ऑनलाइन न्यायिक सेवाओं का व्यवहारिक प्रशिक्षण दिया। इस प्रदर्शन से पैरालीगल वालेंटियर्स को डिजिटल माध्यम से न्यायिक जानकारी प्राप्त करने और नागरिकों को इन सेवाओं से जोड़ने की प्रक्रिया समझने का अवसर मिला।

प्रशिक्षण के दूसरे सत्र में साइबर सेल विदिशा के आरक्षक श्री रूपेश कुमार एवं श्री शिवप्रताप सिंह ने साइबर सुरक्षा एवं साइबर अपराधों से बचाव पर विस्तारपूर्वक जानकारी दी। उन्होंने फिशिंग, ओटीपी एवं वीपीआई फ्रॉड, सोशल मीडिया स्कैम, सुरक्षित पासवर्ड बनाने के तरीके, सुरक्षित इंटरनेट उपयोग, डेटा प्राइवेसी तथा डिजिटल सतर्कता के महत्वपूर्ण पहलुओं से प्रतिभागियों को अवगत कराया। साथ ही साइबर अपराध की स्थिति में राष्ट्रीय हेल्पलाइन 1930 तथा राष्ट्रीय साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल के माध्यम से शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया भी समझाई।

कार्यक्रम के अंत में प्रश्नोत्तर सत्र आयोजित किया गया, जिसमें पैरालीगल वालेंटियर्स ने डिजिटल न्याय व्यवस्था एवं साइबर सुरक्षा से जुड़े विभिन्न प्रश्न पूछे, जिनका विशेषज्ञों ने विस्तार से समाधान किया। समापन अवसर पर सभी प्रतिभागियों से आह्वान किया गया कि वे प्रशिक्षण में प्राप्त जानकारी को समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाएं तथा लोगों को डिजिटल न्यायिक सेवाओं और साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक बनाकर सुरक्षित एवं सशक्त समाज के निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएं। #vidisha

पैरालीगल वालेंटियर्स को डिजिटल न्याय व्यवस्था और साइबर सुरक्षा का मिला प्रशिक्षण, सीआईएस एवं ई-कोर्ट सेवाओं की दी गई व्यवहारिक जानकारी .. राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जबलपुर के निर्देशानुसार तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, विदिशा द्वारा प्रधान जिला न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अध्यक्ष श्री शेख सलीम के मार्गदर्शन में शनिवार को एडीआर भवन के सभागार में पैरालीगल वालेंटियर्स के दक्षता संवर्धन के उद्देश्य से सीआईएस (कोर्ट इन्फॉर्मेशन सिस्टम) एवं साइबर सुरक्षा विषय पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रशिक्षण का उद्देश्य पैरालीगल वालेंटियर्स को डिजिटल न्याय व्यवस्था, ई-कोर्ट सेवाओं तथा साइबर अपराधों से बचाव संबंधी व्यावहारिक जानकारी देकर उन्हें आमजन तक इन सेवाओं की जानकारी पहुंचाने के लिए सक्षम बनाना था। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रधान जिला न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अध्यक्ष श्री शेख सलीम ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया। अध्यक्षीय उद्बोधन में उन्होंने कहा कि न्याय व्यवस्था तेजी से डिजिटल स्वरूप ग्रहण कर रही है। ऐसे समय में पैरालीगल वालेंटियर्स की जिम्मेदारी और भी महत्वपूर्ण हो गई है। उन्होंने कहा कि यदि वालेंटियर्स डिजिटल न्यायिक सेवाओं की पूरी जानकारी प्राप्त कर समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाएं तो न्याय को अधिक सुलभ, सरल और पारदर्शी बनाया जा सकता है। उन्होंने सभी वालेंटियर्स से तकनीकी रूप से दक्ष बनने और आम नागरिकों को न्यायिक सेवाओं का लाभ दिलाने में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए व्यवहार न्यायाधीश वरिष्ठ खंड एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव श्री नितेन्द्र सिंह तोमर ने डिजिटल जस्टिस में पैरालीगल वालेंटियर्स की भूमिका पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि ई-फाइलिंग, ई-पे, ई-समंस, ई-कोर्ट सेवाएं, केस स्टेटस, कॉज लिस्ट तथा अन्य ऑनलाइन न्यायिक सुविधाओं की जानकारी आमजन तक पहुंचाना वालेंटियर्स का महत्वपूर्ण दायित्व है। उन्होंने कहा कि तकनीक के माध्यम से न्याय प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, त्वरित और सुविधाजनक बन रही है, जिसका लाभ प्रत्येक नागरिक तक पहुंचाना आवश्यक है। प्रशिक्षण सत्र के दौरान जिला न्यायालय विदिशा के सिस्टम ऑफिसर श्री राजीव चतुर्वेदी एवं सिस्टम असिस्टेंट श्री ठाकुर दयालसिंह ने कोर्ट इन्फॉर्मेशन सिस्टम (सीआईएस) की कार्यप्रणाली, उद्देश्यों एवं उपयोगिता पर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने ई-कोर्ट मोबाइल एप एवं सिटीजन सर्विसेज पोर्टल का लाइव प्रदर्शन करते हुए प्रतिभागियों को केस स्टेटस देखने, कॉज लिस्ट प्राप्त करने तथा अन्य ऑनलाइन न्यायिक सेवाओं का व्यवहारिक प्रशिक्षण दिया। इस प्रदर्शन से पैरालीगल वालेंटियर्स को डिजिटल माध्यम से न्यायिक जानकारी प्राप्त करने और नागरिकों को इन सेवाओं से जोड़ने की प्रक्रिया समझने का अवसर मिला। प्रशिक्षण के दूसरे सत्र में साइबर सेल विदिशा के आरक्षक श्री रूपेश कुमार एवं श्री शिवप्रताप सिंह ने साइबर सुरक्षा एवं साइबर अपराधों से बचाव पर विस्तारपूर्वक जानकारी दी। उन्होंने फिशिंग, ओटीपी एवं वीपीआई फ्रॉड, सोशल मीडिया स्कैम, सुरक्षित पासवर्ड बनाने के तरीके, सुरक्षित इंटरनेट उपयोग, डेटा प्राइवेसी तथा डिजिटल सतर्कता के महत्वपूर्ण पहलुओं से प्रतिभागियों को अवगत कराया। साथ ही साइबर अपराध की स्थिति में राष्ट्रीय हेल्पलाइन 1930 तथा राष्ट्रीय साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल के माध्यम से शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया भी समझाई। कार्यक्रम के अंत में प्रश्नोत्तर सत्र आयोजित किया गया, जिसमें पैरालीगल वालेंटियर्स ने डिजिटल न्याय व्यवस्था एवं साइबर सुरक्षा से जुड़े विभिन्न प्रश्न पूछे, जिनका विशेषज्ञों ने विस्तार से समाधान किया। समापन अवसर पर सभी प्रतिभागियों से आह्वान किया गया कि वे प्रशिक्षण में प्राप्त जानकारी को समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाएं तथा लोगों को डिजिटल न्यायिक सेवाओं और साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक बनाकर सुरक्षित एवं सशक्त समाज के निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएं। #vidisha

Vidisha, Madhya Pradesh | Jul 25, 2026

‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान में प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस की हरित पहल, एनसीसी कैडेट्स ने लगाए 150 पौधे 
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पर्यावरण संरक्षण और हरित भविष्य के संकल्प को साकार करने की दिशा में प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस में शनिवार को “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के अंतर्गत व्यापक वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में महाविद्यालय की एनसीसी यूनिट, एनएसएस स्वयंसेवकों तथा विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए महाविद्यालय परिसर में विभिन्न प्रजातियों के 150 पौधों का रोपण किया। इस दौरान सभी प्रतिभागियों ने पौधों के संरक्षण और नियमित देखभाल का संकल्प भी लिया।

कार्यक्रम का आयोजन एनसीसी अधिकारी डॉ. राजकमल प्रजापति के संयोजन में किया गया। इस अवसर पर महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. वनिता बाजपेई मुख्य रूप से उपस्थित रहीं। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि पर्यावरण संरक्षण आज समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। प्रत्येक व्यक्ति यदि अपने जीवन में कम से कम एक पौधा लगाकर उसकी देखभाल का संकल्प ले, तो आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ एवं सुरक्षित पर्यावरण सुनिश्चित किया जा सकता है। उन्होंने “एक पेड़ मां के नाम” अभियान को प्रकृति और मातृत्व के प्रति सम्मान व्यक्त करने वाली प्रेरणादायी पहल बताते हुए विद्यार्थियों से इसे जन-आंदोलन बनाने का आह्वान किया।

वृक्षारोपण कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्राध्यापक डॉ. सुनील कुमार जैन, डॉ. डी.पी.सी. नरवरिया, डॉ. रश्मि यादव, डॉ. राजकुमार भीमटे, डॉ. प्रमोद सेन, डॉ. बृजेश साहू, श्रीमती श्वेता सोलंकी, डॉ. निमिषा वर्मा, सुश्री आकांक्षा अहिरवार, श्री संदीप त्रिपाठी एवं श्री अंकित दुबे सहित अन्य प्राध्यापक एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में एनसीसी कैडेट्स, एनएसएस स्वयंसेवकों तथा महाविद्यालय के लगभग 100 विद्यार्थियों ने सक्रिय सहभागिता करते हुए परिसर में छायादार, फलदार एवं पर्यावरण के अनुकूल विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाए। विद्यार्थियों ने पौधों की नियमित देखभाल, संरक्षण और संवर्धन का सामूहिक संकल्प लेते हुए पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने का संदेश दिया।

महाविद्यालय परिवार ने इस अभियान को पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण और प्रेरक पहल बताते हुए भविष्य में भी ऐसे जन-जागरूकता एवं प्रकृति संरक्षण से जुड़े रचनात्मक कार्यक्रमों का निरंतर आयोजन करने का संकल्प व्यक्त किया। वृक्षारोपण कार्यक्रम ने परिसर में हरियाली बढ़ाने के साथ-साथ विद्यार्थियों में पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना को भी सुदृढ़ किया। #vidisha #JansamparkMP

‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान में प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस की हरित पहल, एनसीसी कैडेट्स ने लगाए 150 पौधे .. पर्यावरण संरक्षण और हरित भविष्य के संकल्प को साकार करने की दिशा में प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस में शनिवार को “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के अंतर्गत व्यापक वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में महाविद्यालय की एनसीसी यूनिट, एनएसएस स्वयंसेवकों तथा विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए महाविद्यालय परिसर में विभिन्न प्रजातियों के 150 पौधों का रोपण किया। इस दौरान सभी प्रतिभागियों ने पौधों के संरक्षण और नियमित देखभाल का संकल्प भी लिया। कार्यक्रम का आयोजन एनसीसी अधिकारी डॉ. राजकमल प्रजापति के संयोजन में किया गया। इस अवसर पर महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. वनिता बाजपेई मुख्य रूप से उपस्थित रहीं। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि पर्यावरण संरक्षण आज समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। प्रत्येक व्यक्ति यदि अपने जीवन में कम से कम एक पौधा लगाकर उसकी देखभाल का संकल्प ले, तो आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ एवं सुरक्षित पर्यावरण सुनिश्चित किया जा सकता है। उन्होंने “एक पेड़ मां के नाम” अभियान को प्रकृति और मातृत्व के प्रति सम्मान व्यक्त करने वाली प्रेरणादायी पहल बताते हुए विद्यार्थियों से इसे जन-आंदोलन बनाने का आह्वान किया। वृक्षारोपण कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्राध्यापक डॉ. सुनील कुमार जैन, डॉ. डी.पी.सी. नरवरिया, डॉ. रश्मि यादव, डॉ. राजकुमार भीमटे, डॉ. प्रमोद सेन, डॉ. बृजेश साहू, श्रीमती श्वेता सोलंकी, डॉ. निमिषा वर्मा, सुश्री आकांक्षा अहिरवार, श्री संदीप त्रिपाठी एवं श्री अंकित दुबे सहित अन्य प्राध्यापक एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में एनसीसी कैडेट्स, एनएसएस स्वयंसेवकों तथा महाविद्यालय के लगभग 100 विद्यार्थियों ने सक्रिय सहभागिता करते हुए परिसर में छायादार, फलदार एवं पर्यावरण के अनुकूल विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाए। विद्यार्थियों ने पौधों की नियमित देखभाल, संरक्षण और संवर्धन का सामूहिक संकल्प लेते हुए पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने का संदेश दिया। महाविद्यालय परिवार ने इस अभियान को पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण और प्रेरक पहल बताते हुए भविष्य में भी ऐसे जन-जागरूकता एवं प्रकृति संरक्षण से जुड़े रचनात्मक कार्यक्रमों का निरंतर आयोजन करने का संकल्प व्यक्त किया। वृक्षारोपण कार्यक्रम ने परिसर में हरियाली बढ़ाने के साथ-साथ विद्यार्थियों में पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना को भी सुदृढ़ किया। #vidisha #JansamparkMP

Vidisha, Madhya Pradesh | Jul 25, 2026

नशे से दूरी है जरूरी: नशा मुक्ति रैली में जनभागीदारी के साथ नशामुक्त समाज का संकल्प, शहर में निकली जागरूकता रैली
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कलेक्टर, एसपी ने नशा मुक्ति जागरूकता रैली को हरी झंडी दिखाई, नशे से दूर रहने का दिया संदेश
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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव जी के आह्वान एवं पुलिस मुख्यालय, मध्यप्रदेश के निर्देशानुसार 15 से 30 जुलाई 2026 तक संचालित प्रदेशव्यापी जन-जागरूकता अभियान "नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0" के अंतर्गत शनिवार को विदिशा के यातायात थाना परिसर से भव्य नशा मुक्त जन जागरूकता रैली का निकाली गई। उक्त रैली को कलेक्टर श्री अंशुल गुप्ता, पुलिस अधीक्षक श्री रोहित काशवानी ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह रैली थाना यातायात से प्रारंभ होकर गुलाब वाटिका, बड़ा बाजार एवं माधवगंज होते हुए रेलवे स्टेशन पहुंचकर सम्पन्न हुई। रैली में बड़ी संख्या में विद्यार्थियों, शिक्षकों, पुलिस अधिकारियों, सामाजिक संगठनों, मीडियाकर्मियों व नागरिक बंधुओं ने सहभागिता करते हुए नशामुक्त समाज का संदेश दिया गया।
    
कार्यक्रम के दौरान कलेक्टर श्री अंशुल गुप्ता ने कहा कि नशे के विरुद्ध समाज का प्रत्येक वर्ग सक्रिय रूप से अपनी भूमिका निभा रहा है तथा जिलेभर में लगातार जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि नशे से किसी का कोई लाभ नहीं होता, बल्कि यह व्यक्ति, परिवार और समाज को नुकसान पहुंचाता है। उन्होंने विशेष रूप से युवाओं से नशे से दूर रहने तथा सभी नागरिकों से जनभागीदारी के माध्यम से नशामुक्त विदिशा के निर्माण में अपना योगदान देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि यदि किसी स्थान पर कहीं भी कोई भी व्यक्ति नशीले पदार्थों विक्रय अथवा सेवन करता दिखाई दे तो इसकी सूचना तत्काल पुलिस को दें।
    
पुलिस अधीक्षक श्री रोहित काशवानी ने कहा कि नशा केवल व्यक्ति ही नहीं, बल्कि पूरे परिवार और समाज के भविष्य को भी प्रभावित करता है। उन्होंने कहा कि नशीले पदार्थों का सेवन व्यक्ति के शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य, शिक्षा, करियर, आर्थिक स्थिति एवं पारिवारिक जीवन पर गंभीर दुष्प्रभाव डालता है। उन्होंने युवाओं से हर प्रकार के नशे से दूर रहने, गलत संगति से बचने तथा अपने मित्रों और परिवारजनों को भी जागरूक करने की अपील की। साथ ही उन्होंने कहा कि यदि कहीं भी नशीले पदार्थों का अवैध कारोबार अथवा सेवन होता दिखाई दे तो इसकी सूचना तत्काल पुलिस को दें। पुलिस और समाज की संयुक्त भागीदारी से ही नशे के विरुद्ध प्रभावी एवं स्थायी लड़ाई संभव है।

रेलवे स्टेशन पर दिलाई नशामुक्ति की शपथ -
    
रैली के समापन पर रेलवे स्टेशन, विदिशा में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमती मोनिका तिवारी ने उपस्थित अधिकारियों, कर्मचारियों, विद्यार्थियों, नागरिकों एवं सभी प्रतिभागियों को नशामुक्ति की शपथ दिलाई। उन्होंने सभी से स्वयं नशे से दूर रहने, दूसरों को भी इसके दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करने तथा नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार एवं सेवन की जानकारी तत्काल पुलिस को देकर नशामुक्त समाज के निर्माण में सक्रिय सहभागिता निभाने का संकल्प दिलाया। कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमती मोनिका तिवारी, ब्रह्माकुमारी संस्था के सदस्य गण, पुलिस अधिकारी, कर्मचारी, विभिन्न विद्यालयों के शिक्षकगण, बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं सहित बड़ी संख्या में शहर के नागरिक गण मौजूद रहे। #vidisha #JansamparkMP #NashaMukti #NasheSeDooriHaiZaroori #DrugFreeIndia

नशे से दूरी है जरूरी: नशा मुक्ति रैली में जनभागीदारी के साथ नशामुक्त समाज का संकल्प, शहर में निकली जागरूकता रैली .. कलेक्टर, एसपी ने नशा मुक्ति जागरूकता रैली को हरी झंडी दिखाई, नशे से दूर रहने का दिया संदेश .. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव जी के आह्वान एवं पुलिस मुख्यालय, मध्यप्रदेश के निर्देशानुसार 15 से 30 जुलाई 2026 तक संचालित प्रदेशव्यापी जन-जागरूकता अभियान "नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0" के अंतर्गत शनिवार को विदिशा के यातायात थाना परिसर से भव्य नशा मुक्त जन जागरूकता रैली का निकाली गई। उक्त रैली को कलेक्टर श्री अंशुल गुप्ता, पुलिस अधीक्षक श्री रोहित काशवानी ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह रैली थाना यातायात से प्रारंभ होकर गुलाब वाटिका, बड़ा बाजार एवं माधवगंज होते हुए रेलवे स्टेशन पहुंचकर सम्पन्न हुई। रैली में बड़ी संख्या में विद्यार्थियों, शिक्षकों, पुलिस अधिकारियों, सामाजिक संगठनों, मीडियाकर्मियों व नागरिक बंधुओं ने सहभागिता करते हुए नशामुक्त समाज का संदेश दिया गया। कार्यक्रम के दौरान कलेक्टर श्री अंशुल गुप्ता ने कहा कि नशे के विरुद्ध समाज का प्रत्येक वर्ग सक्रिय रूप से अपनी भूमिका निभा रहा है तथा जिलेभर में लगातार जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि नशे से किसी का कोई लाभ नहीं होता, बल्कि यह व्यक्ति, परिवार और समाज को नुकसान पहुंचाता है। उन्होंने विशेष रूप से युवाओं से नशे से दूर रहने तथा सभी नागरिकों से जनभागीदारी के माध्यम से नशामुक्त विदिशा के निर्माण में अपना योगदान देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि यदि किसी स्थान पर कहीं भी कोई भी व्यक्ति नशीले पदार्थों विक्रय अथवा सेवन करता दिखाई दे तो इसकी सूचना तत्काल पुलिस को दें। पुलिस अधीक्षक श्री रोहित काशवानी ने कहा कि नशा केवल व्यक्ति ही नहीं, बल्कि पूरे परिवार और समाज के भविष्य को भी प्रभावित करता है। उन्होंने कहा कि नशीले पदार्थों का सेवन व्यक्ति के शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य, शिक्षा, करियर, आर्थिक स्थिति एवं पारिवारिक जीवन पर गंभीर दुष्प्रभाव डालता है। उन्होंने युवाओं से हर प्रकार के नशे से दूर रहने, गलत संगति से बचने तथा अपने मित्रों और परिवारजनों को भी जागरूक करने की अपील की। साथ ही उन्होंने कहा कि यदि कहीं भी नशीले पदार्थों का अवैध कारोबार अथवा सेवन होता दिखाई दे तो इसकी सूचना तत्काल पुलिस को दें। पुलिस और समाज की संयुक्त भागीदारी से ही नशे के विरुद्ध प्रभावी एवं स्थायी लड़ाई संभव है। रेलवे स्टेशन पर दिलाई नशामुक्ति की शपथ - रैली के समापन पर रेलवे स्टेशन, विदिशा में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमती मोनिका तिवारी ने उपस्थित अधिकारियों, कर्मचारियों, विद्यार्थियों, नागरिकों एवं सभी प्रतिभागियों को नशामुक्ति की शपथ दिलाई। उन्होंने सभी से स्वयं नशे से दूर रहने, दूसरों को भी इसके दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करने तथा नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार एवं सेवन की जानकारी तत्काल पुलिस को देकर नशामुक्त समाज के निर्माण में सक्रिय सहभागिता निभाने का संकल्प दिलाया। कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमती मोनिका तिवारी, ब्रह्माकुमारी संस्था के सदस्य गण, पुलिस अधिकारी, कर्मचारी, विभिन्न विद्यालयों के शिक्षकगण, बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं सहित बड़ी संख्या में शहर के नागरिक गण मौजूद रहे। #vidisha #JansamparkMP #NashaMukti #NasheSeDooriHaiZaroori #DrugFreeIndia

Vidisha, Madhya Pradesh | Jul 25, 2026