ग्रामीण रोजगार आजीविका मिशन और श्रम संहिताएँ मजदूर विरोधी हैं, जिससे ग्रामीण बेरोजगारी और पलायन बढ़ेगा। प्रदर्शनकारियों ने प्रमुख मांगों में मनरेगा को और मजबूत करते हुए 200 दिन का काम और ₹600 प्रतिदिन मजदूरी की गारंटी, चारों श्रम संहिताओं को निरस्त करने, बिजली विभाग के निजीकरण व स्मार्ट मीटर पर रोक, 200 यूनिट मुफ्त बिजली, गरीबों पर बुलडोजर कार्रवाई बंद करें।