पीड़ित परिवार का दावा है कि पिछले एक साल से वे लगातार डर के साए में जी रहे हैं।रजिया बताती हैं कि परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद खराब है। पिता के साथ-साथ आलम भी घर की कमाई का सहारा था, लेकिन इलाज के चलते परिवार पर कर्ज तक चढ़ गया है।पीड़िता का कहना है कि उनके भाई को तीन गोलियां लगी थीं और बमुश्किल उसकी जान बच सकी। हाई कोर्ट जाएंगे शुक्रवार 3:30 बजे