परसमनिया के जंगलों में विराजते हैं राजा बाबा, जहां आस्था से जुड़ता है रहस्य
सतना जिले की उचेहरा तहसील के परसमनिया पठार के घने जंगलों में स्थित राजा बाबा मंदिर वर्षों से श्रद्धा और कौतूहल का केंद्र बना हुआ है। स्थानीय मान्यताओं के अनुसार यहां विराजमान राजा बाबा की प्रतिमा का आकार समय के साथ बढ़ता रहा है, जिसे भक्त दैवीय चमत्कार मानते हैं। लोककथा कहती है कि एक महिला को पहाड़ी पर मिला एक पत्थर जब इस स्थान पर रखा गया तो वह दोबारा उठाया नहीं जा सका, जिसके बाद यहां पूजा-अर्चना शुरू हुई। क्षेत्र के लोग राजा बाबा को परसमनिया का रक्षक मानते हैं और विश्वास करते हैं कि सच्चे मन से मांगी गई मुरादें यहां पूरी होती हैं। सतना से लगभग 55 किलोमीटर और उचेहरा से करीब 15 किलोमीटर दूर स्थित यह स्थल धार्मिक महत्व के साथ-साथ प्राकृतिक सौंदर्य के लिए भी प्रसिद्ध है। विशेषकर बारिश के मौसम में राजा बाबा जलप्रपात, हरियाली से ढके पहाड़ और शांत वन क्षेत्र श्रद्धालु�
Unchahara, Satna | Jun 24, 2026