एआईआरएफ और रेलवे बोर्ड की बैठक संपन्न
ईसीआरकेयू की ओर से महामंत्री श्रीवास्तव हुए शामिल
धनबाद,रेलवे बोर्ड के साथ एआईआरएफ का स्थायी वार्ता तंत्र की बैठक हुई । जिसमे रेलवे बोर्ड के चेयरमैन सहित कई विभागों के सर्वोच्च पदाधिकारी इस बैठक में उपस्थित रहे। रेल कर्मचारियों के सबसे बड़े फेडरेशन एआईआरएफ के महामंत्री साथी शिव गोपाल मिश्रा के नेतृत्व में समस्त जोन से फेडरेशन के अनुषंगी यूनियन के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। एआईआरएफ के जोनल सेक्रेटरी ओ पी शर्मा और धनबाद मंडल के मीडिया प्रभारी एन के खवास में संयुक्त बयान जारी कर कहा कि इस बैठक में पूर्व मध्य रेलवे जोन से ईसीआरकेयू के महामंत्री एसएनपी श्रीवास्तव शामिल हुए । राष्ट्रीय स्तर पर रेलकर्मियों की विभिन्न समस्याओं को चर्चा कर समाधान की मांग उठाई गई। लंबित यात्रा भत्ता का मुद्दा बैठक में पूरी तरह गूंजा जिसमें बताया गया कि यात्रा भत्ता बंद होने से रेलकर्मियों मे काफी रोष है। साथ ही साथ अभी भी कई विभागों में रेलवे बोर्ड आदेश संख्या -155/2022 का लागू नहीं किया जा सका है । रेलवे को सबसे ज्यादा राजस्व अर्जित कर देने वाले पूर्व मध्य रेलवे जोन में खाली पदों को जल्द भरना, सुरक्षा केटेगरी के रिक्त पदों को यथाशीघ्र भरने, ट्रैकमैन के पेट्रोलिंग बीट को 12 किमी करने सहित नये वेतन सिलिंग पर बोनस भुगतान और वेतन आयोग से संबंधित मुद्दों को उठाया गया ।
महत्वपूर्ण मांगें जो बैठक में प्रमुखता से उठाई गईं हैं :-
बढ़े हुए और नये कार्यों के लिए नये पद सृजित किए जाएं, यात्रा भत्ता, ओवरटाइम भत्ता, सीटीए आदि के लिए क्षेत्रीय रेलों को पर्याप्त धनराशि आवंटित की जाएं, लोको पायलट एवं सहायक लोको पायलट को किलोमीटर भत्ते के बकाये राशि का भुगतान किया जाए, सीबीटी परीक्षा की उत्तर-पत्रक तत्काल प्रकाशित की जाए न कि परिणाम घोषित होने के बाद, रेलवे क्वार्टरों की मरम्मत एवं रखरखाव के लिए पर्याप्त धनराशि आवंटित की जाए, आवास मरम्मती कार्य। सी पी डब्ल्यू डी मानकों के अनुसार हों और प्रत्येक क्वार्टर के अनुसार अनुरक्षण हेतु राशि उपलब्ध कराया जाए, जर्जर रेलवे क्वार्टरों में रहने वालों को नए क्वार्टर आवंटित करने के बाद ही पुराने क्वार्टरों को ध्वस्त किया जाए, क्षेत्रीय रेलों एवं मंडलों की आवश्यकता के अनुसार रिक्त पद भरे जाएँ, पर्यवेक्षकों के 5,600 पद नवसृजित किये गए हैं इसको लागू करने के आदेश जल्दी ही जारी किए जाएं, एलडीसीई में सभी विभागों के कर्मचारियों को शामिल होने का अवसर दिया जाए, एआईआरएफ से सहमति के पश्चात कैडर पुनर्गठन समिति की रिपोर्ट शीघ्र प्रकाशित की जाए, प्राईवेट ठेकेदार अपने कर्मचारियों को नियुक्ति-पत्र दें तथा श्रम कानूनों के अनुसार सभी सुविधाएँ उपलब्ध कराएँ, प्रधान नियोक्ता होने के कारण रेलवे प्रशासन द्वारा इसका अनुपालन सुनिश्चित किया जाए,
रेलवे से अनुबंधित रेफरल अस्पतालों को भुगतान न होने के कारण कर्मचारियों को कैशलेश उपचार में आ रही समस्याओं का समाधान किया जाए तथा हर स्वास्थ्य केंद्र पर अनुबंधित प्राईवेट अस्पतालों की सूची लगाई जाए, कार्य के निर्धारित घंटों के लिए बने नियम एच ओ ई आर का कड़ाई से पालन कराया जाए, बी.एससी. नर्सिंग की योग्यता रखने वाले नर्सिंग कर्मचारियों को “दो वेतन-वृद्धि” का लाभ दिया जाए, कैडर विलय के बाद ही सी टी सी कर्मचारियों को उनकी पदोन्नति की तारीख से पदोन्नति का लाभ दिया जाए, कर्मचारियों का वर्गीकरण कैडर पुनर्गठन कमिटी की रिपोर्ट के अनुसार लागू किया जाए, ग्रुप ‘डी’ में 10% अतिरिक्त भर्ती की जाए ताकि पदोन्नति अथवा लैटरल भर्ती के बाद कर्मचारियों को कार्यमुक्त करने में कठिनाई न हो, स्वयं के अनुरोध पर स्थानांतरण से संबंधित समस्याओं का त्वरित समाधान किया जाए , सेवानिवृत कर्मचारियों को सुविधा पास जारी करने से संबंधित मामले में सेवानिवृत्त कर्मचारियों को राहत दी जाए, बाल देखभाल अवकाश के दूसरे वर्ष में भी पूर्ण वेतन का भुगतान किया जाए, ट्रैकमैन की पेट्रोलिंग बीट अधिकतम 12 किलोमीटर रखी जाए, एक बार छूट देकर सहायक लोको पायलट की 50% रिक्तियाँ एलडीसीई के माध्यम से भरी जाएँ, सुविधा पास में माता -पिता एअरलाइंस की तरह शामिल किया जाय, वरीय गुड्स ट्रेन मैनेजर से वरीय पैसेंजर ट्रेन मैनेजर में पदोन्नति होने पर वेतन वृद्धि का लाभ 01.01.2006 से दिया जाए आदि महत्वपूर्ण मुद्दों को एआईआरएफ ने प्रमुखता से उठाया है।