🇮🇳 औरैया के गौरव स्वतंत्रता सेनानी बल्देव प्रसाद उर्फ बल्दू पहलवान को नमन 🇮🇳
12 अगस्त 1942 को औरैया तहसील पर फहरा रहे ब्रिटिश यूनियन जैक को उतारकर तिरंगा फहराने के ऐतिहासिक आंदोलन में क्रांतिकारियों की जिस तिकड़ी ने नेतृत्व किया, उसमें छक्कीलाल दुबे, बल्देव प्रसाद उर्फ बल्दू पहलवान और हाफिज करीम प्रमुख थे। इस आंदोलन में 6 क्रांतिकारी शहीद हुए और 50 से अधिक स्वतंत्रता सेनानी घायल हुए थे।
आज भी इस गौरवशाली इतिहास को जीवंत बनाए हुए हैं बल्दू पहलवान के प्रपौत्र सौरभ गुप्ता, जो अपने परबाबा के संघर्ष, त्याग और राष्ट्रभक्ति की गाथा को समाज तक पहुंचा रहे हैं। सौरभ गुप्ता अपनी माता प्रतिभा गुप्ता एवं बड़े भाई गौरव गुप्ता के साथ दिबियापुर में ककराही पुलिया के पास दिबियापुर औरैया रोड पर रहते हैं और परिवार की इस अमूल्य विरासत को संजोए हुए हैं।
परिवार के बुजुर्गों द्वारा संरक्षित स्मृतियों और जानकारी के माध्यम से नई पीढ़ी को यह पता चल रहा है कि कैसे बल्देव प्रसाद उर्फ बल्दू पहलवान ने लगानबंदी आंदोलन, व्यक्तिगत सत्याग्रह और भारत छोड़ो आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाई, जेल यात्राएं कीं और राष्ट्र सेवा को अपना जीवन समर्पित कर दिया।
🙏 12 अगस्त की ऐतिहासिक तिथि पर हम स्वतंत्रता संग्राम के महानायक बल्देव प्रसाद उर्फ बल्दू पहलवान, उनके साथियों छक्कीलाल दुबे एवं हाफिज करीम को श्रद्धापूर्वक नमन करते हैं। साथ ही उनके गौरवशाली इतिहास को सहेजने वाले सौरभ गुप्ता, प्रतिभा गुप्ता, गौरव गुप्ता एवं परिवार के वरिष्ठजनों को भी साधुवाद, जिनके प्रयासों से यह प्रेरणादायी विरासत आज भी जीवित है।
शहीदों और स्वतंत्रता सेनानियों का बलिदान कभी भुलाया नहीं जा सकता।
🇮🇳 वंदे मातरम् | जय हिंद 🇮🇳
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