रूस-यूक्रेन युद्ध: यमुनानगर के युवक गुरुप्रीत सिंह की मिसाइल हमले में मौत, परिवार पार्थिव शरीर का कर रहा इंतजार
रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच हरियाणा के यमुनानगर जिले से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। जिले के गांव पंजेटा निवासी गुरुप्रीत सिंह की मिसाइल हमले में मौत हो गई। घटना के बाद पूरे गांव और क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है। परिजन अब उनके पार्थिव शरीर के भारत पहुंचने का इंतजार कर रहे हैं।
परिजनों के अनुसार, गुरुप्रीत सिंह 12 जून को मर्चेंट नेवी की ड्यूटी के लिए तुर्की गए थे। इसके बाद 19 जुलाई को उनका जहाज यूक्रेन के ओडेसा बंदरगाह से रवाना हुआ। इसी दौरान जहाज पर मिसाइल हमला हुआ, जिसमें गुरुप्रीत सिंह सहित चार भारतीय नागरिकों और कुल दस लोगों की दर्दनाक मौत हो गई।
गुरुप्रीत के पार्थिव शरीर को भारत लाने के लिए परिवार लगातार प्रशासन और संबंधित अधिकारियों से गुहार लगा रहा है। इसी सिलसिले में भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढ़ूनी, डायरेक्टर मनदीप रोड़छप्पर , यमुनानगर जिला अध्यक्ष संजू तथा अन्य पदाधिकारी गुरुप्रीत के घर पहुंचे और शोक संतप्त परिवार को सांत्वना दी।
इस अवसर पर गुरनाम सिंह चढ़ूनी ने सरकार से मांग की कि गुरुप्रीत सिंह के परिवार को उचित मुआवजा दिया जाए तथा हरसंभव प्रयास कर उनका पार्थिव शरीर जल्द से जल्द भारत लाया जाए।
बताया जा रहा है कि मिसाइल हमला इतना भीषण था कि कई शव बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए, जिसके कारण सामान्य तरीके से पहचान संभव नहीं हो सकी। गुरुप्रीत सिंह की पहचान की पुष्टि के लिए उनके पिता का डीएनए सैंपल शिपिंग कंपनी को भेजा गया है।
शिपिंग कंपनी ने परिवार को आश्वासन दिया है कि डीएनए रिपोर्ट के आधार पर पहचान की प्रक्रिया पूरी होते ही गुरुप्रीत सिंह के पार्थिव शरीर को भारत भेजने की कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी।
फिलहाल पूरा गांव पंजेटा और गुरुप्रीत सिंह का परिवार अपने बेटे की अंतिम विदाई का इंतजार कर रहा है। इस दुखद घटना से क्षेत्र में गहरा शोक व्याप्त है।