माँ अब इस दुनिया में नहीं हैं…
लेकिन सच कहूँ तो आज भी दिल इस बात को स्वीकार नहीं कर पाता।
घर वही है, लोग वही हैं, जिंदगी भी चल रही है…
बस माँ नहीं हैं।
और माँ के बिना सब कुछ होते हुए भी जैसे कुछ भी पूरा नहीं है।
माँ वो थीं, जिनसे बिना कहे भी अपना दर्द कह दिया जाता था।
जिनकी एक आवाज़ में सुकून था, जिनकी दुआओं में मेरी पूरी दुनिया बसी थी।
आज जब परेशान होता हूँ तो सबसे पहले माँ की याद आती है…
लेकिन अब पुकारने पर माँ की आवाज़ नहीं आती।
कभी-कभी लगता है जैसे माँ कहीं गई हैं और अभी दरवाज़ा खोलकर कहेंगी—
“बेटा, खाना खा लिया?”
फिर अचानक एहसास होता है कि अब यह आवाज़ सिर्फ मेरी यादों में ही सुनाई देगी।
माँ, आपने मुझे जिंदगी जीना सिखाया,
लेकिन आपके बिना जीना कभी नहीं सिखाया।
आप इस दुनिया से चली गईं,
लेकिन मेरे दिल से कभी नहीं जा सकतीं।
मेरी हर खुशी में आपकी याद होगी,
हर मुश्किल में आपका आशीर्वाद महसूस होगा,
और मेरी हर दुआ में आपका नाम रहेगा।
माँ, आपकी कमी कोई इंसान, कोई रिश्ता और कोई दौलत कभी पूरी नहीं कर सकती।
आप मेरी जिंदगी का वो हिस्सा थीं, हैं और हमेशा रहेंगी,
जिसे वक्त भी मुझसे कभी नहीं छीन सकता।
काश एक बार फिर आपकी गोद में सिर रख पाता…
काश एक बार फिर “माँ” कहकर आपको बुला पाता…
जहाँ भी हों माँ, मुझे अपना आशीर्वाद देती रहना।
आपकी यादों के सहारे ही अब जिंदगी आगे बढ़ानी है।
माँ, आप चली गईं…
लेकिन मेरा दिल आज भी वहीं खड़ा है,
जहाँ आखिरी बार आपने मुझे प्यार से देखा था।
🙏 मेरी प्यारी माँ को शत-शत नमन।
🕊️ आप हमेशा मेरी यादों और मेरी धड़कनों में जीवित रहेंगी।