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पटना ग्रामीण: पूर्व विधायक बनवारी राम ने अपने सैकड़ों समर्थकों के साथ राष्ट्रीय लोजपा की सदस्यता ग्रहण की ।।#रालोजपा#पशुपतिपारस#

Patna Rural, Patna | Dec 16, 2021

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खान सर के कोचिंग पर हमला हुआ है यह 
बात कटु सत्य हैं तो फिर खान सर दोषी कैसे हुए
#khansir #खानसर #khansirpatnawale

खान सर के कोचिंग पर हमला हुआ है यह बात कटु सत्य हैं तो फिर खान सर दोषी कैसे हुए #khansir #खानसर #khansirpatnawale

Patna Rural, Patna | Jun 4, 2026

#खान सर  मु*स*ल*मा*न  है इस कारण सब उन्हे गलत ठहरा रहे है.

#खान सर मु*स*ल*मा*न है इस कारण सब उन्हे गलत ठहरा रहे है.

Patna Rural, Patna | Jun 4, 2026

बिहार सरकार के समाज कल्याण विभाग के अंतर्गत महिला एवं बाल विकास निगम, रोहतास द्वारा आज आलमपुर पंचायत भवन में 181 के प्रचार प्रसार हेतु एक विशेष बैठक सह जागरूकता कार्यक्रम 'सखी वार्ता' का आयोजन किया गया। इस विशेष पहल का मुख्य उद्देश्य महिलाओं एवं किशोरियों की समस्याओं का समाधान करना, विभिन्न सरकारी कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देना तथा बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीतियों की रोकथाम के लिए समाज को जागरूक करना है।
कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों ने उपस्थित महिलाओं और जीविका दीदियों के साथ सीधा संवाद स्थापित किया। बैठक में निम्नलिखित मुख्य बिंदुओं पर चर्चा की गई:
योजनाओं की जानकारी: महिलाओं और किशोरियों के आर्थिक और सामाजिक सशक्तिकरण के लिए चलाई जा रही विभिन्न सरकारी योजनाओं के बारे में विस्तार से बताया गया।
बाल विवाह रोकथाम: समाज से बाल विवाह को पूरी तरह समाप्त करने के लिए सामूहिक प्रयास और कानूनी प्रावधानों पर चर्चा की गई।
 निःशुल्क हेल्पलाइन: किसी भी आपातकालीन स्थिति या शिकायत के लिए सरकार द्वारा जारी निःशुल्क हेल्पलाइन नंबर 112 (सुबह 8 बजे तक उपलब्ध) और 181 के उपयोग के बारे में जागरूक किया गया।
इस बैठक में स्थानीय महिला प्रतिनिधियों, और विभागीय अधिकारियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और इस मुहिम को जिले की सभी पंचायतों तक ले जाने का संकल्प लिया।

#iprd
Information & Public Relations Department, Government of Bihar 
Social Welfare Department, Government of Bihar

बिहार सरकार के समाज कल्याण विभाग के अंतर्गत महिला एवं बाल विकास निगम, रोहतास द्वारा आज आलमपुर पंचायत भवन में 181 के प्रचार प्रसार हेतु एक विशेष बैठक सह जागरूकता कार्यक्रम 'सखी वार्ता' का आयोजन किया गया। इस विशेष पहल का मुख्य उद्देश्य महिलाओं एवं किशोरियों की समस्याओं का समाधान करना, विभिन्न सरकारी कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देना तथा बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीतियों की रोकथाम के लिए समाज को जागरूक करना है। कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों ने उपस्थित महिलाओं और जीविका दीदियों के साथ सीधा संवाद स्थापित किया। बैठक में निम्नलिखित मुख्य बिंदुओं पर चर्चा की गई: योजनाओं की जानकारी: महिलाओं और किशोरियों के आर्थिक और सामाजिक सशक्तिकरण के लिए चलाई जा रही विभिन्न सरकारी योजनाओं के बारे में विस्तार से बताया गया। बाल विवाह रोकथाम: समाज से बाल विवाह को पूरी तरह समाप्त करने के लिए सामूहिक प्रयास और कानूनी प्रावधानों पर चर्चा की गई। निःशुल्क हेल्पलाइन: किसी भी आपातकालीन स्थिति या शिकायत के लिए सरकार द्वारा जारी निःशुल्क हेल्पलाइन नंबर 112 (सुबह 8 बजे तक उपलब्ध) और 181 के उपयोग के बारे में जागरूक किया गया। इस बैठक में स्थानीय महिला प्रतिनिधियों, और विभागीय अधिकारियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और इस मुहिम को जिले की सभी पंचायतों तक ले जाने का संकल्प लिया। #iprd Information & Public Relations Department, Government of Bihar Social Welfare Department, Government of Bihar

Patna, Bihar | Jun 4, 2026

आज दिनांक 04.06.2026 को बिहार राज्य उद्यमी एवं व्यवसायी आयोग के सदस्य सरदार कमलजीत सिंह ने रोहतास जिले में उद्योग विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की समीक्षा की। समीक्षा बैठक के दौरान उन्होंने जिले में चल रही उद्यमिता एवं स्वरोजगार योजनाओं की प्रगति पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि बिहार सरकार उद्योग एवं रोजगार सृजन को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रभावी कदम उठा रही है। राज्य में उद्योगों के विकास तथा युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में अनेक कल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही हैं, जिनका लाभ बड़ी संख्या में लोग प्राप्त कर रहे हैं।

बैठक में सरदार कमलजीत सिंह ने कहा कि केंद्र प्रायोजित प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के क्रियान्वयन में रोहतास जिला राज्य स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहा है। उन्होंने इसके लिए जिला प्रशासन एवं उद्योग विभाग की सराहना करते हुए कहा कि पारंपरिक कारीगरों एवं शिल्पकारों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने में यह योजना महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

इस अवसर पर उद्योग विभाग, रोहतास के महाप्रबंधक आशीष रंजन ने विभागीय योजनाओं की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि जिला पदाधिकारी के नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में उद्योग विभाग द्वारा जिले में उद्यमिता विकास को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। विभाग द्वारा विभिन्न वर्गों के लाभुकों को योजनाओं से जोड़ने के साथ-साथ प्रशिक्षण एवं जागरूकता कार्यक्रम भी संचालित किए जा रहे हैं। बुनकर समुदाय के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित कर उन्हें आधुनिक तकनीकों एवं बाजार की आवश्यकताओं के अनुरूप दक्ष बनाया जा रहा है।

महाप्रबंधक ने बताया कि बिहार लघु उद्यमी योजना (वर्ष 2024-25 से प्रारंभ) के अंतर्गत जिले को कुल 1539 लाभुकों का लक्ष्य प्राप्त हुआ है। इनमें से 1266 उद्यमियों को प्रथम किस्त की राशि उपलब्ध करा दी गई है, जबकि शेष लाभुकों को लाभान्वित करने की प्रक्रिया जारी है।
उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री उद्यमी योजना के तहत चयनित कुल 269 लाभुकों को प्रथम किस्त का भुगतान किया जा चुका है तथा आगे की प्रक्रियाएं तेजी से पूर्ण की जा रही हैं।
बताया कि प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना (PMFME) के अंतर्गत जिले में 251 सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों की स्थापना हेतु बैंकों द्वारा ऋण स्वीकृत किया जा चुका है। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसरों का सृजन होगा।वहीं प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP) के तहत जिले में 69 नए उद्यम स्थापित करने का लक्ष्य निर्धारित किया। लक्ष्य से अधिक कुल 122 उद्यमों का बैंकों द्वारा ऋण स्वीकृत किया जा चुका है। जो कुल 177 प्रतिशत है। जिसपर सदस्य महोदय द्वारा खुशी व्यक्त कर सराहना की गयी।
बैठक में उद्योग विभाग के पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित रहे।

#iprd
#BiharIndustriesDept 
Information & Public Relations Department, Government of Bihar 
Industries Department, Bihar

आज दिनांक 04.06.2026 को बिहार राज्य उद्यमी एवं व्यवसायी आयोग के सदस्य सरदार कमलजीत सिंह ने रोहतास जिले में उद्योग विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की समीक्षा की। समीक्षा बैठक के दौरान उन्होंने जिले में चल रही उद्यमिता एवं स्वरोजगार योजनाओं की प्रगति पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि बिहार सरकार उद्योग एवं रोजगार सृजन को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रभावी कदम उठा रही है। राज्य में उद्योगों के विकास तथा युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में अनेक कल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही हैं, जिनका लाभ बड़ी संख्या में लोग प्राप्त कर रहे हैं। बैठक में सरदार कमलजीत सिंह ने कहा कि केंद्र प्रायोजित प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के क्रियान्वयन में रोहतास जिला राज्य स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहा है। उन्होंने इसके लिए जिला प्रशासन एवं उद्योग विभाग की सराहना करते हुए कहा कि पारंपरिक कारीगरों एवं शिल्पकारों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने में यह योजना महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। इस अवसर पर उद्योग विभाग, रोहतास के महाप्रबंधक आशीष रंजन ने विभागीय योजनाओं की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि जिला पदाधिकारी के नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में उद्योग विभाग द्वारा जिले में उद्यमिता विकास को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। विभाग द्वारा विभिन्न वर्गों के लाभुकों को योजनाओं से जोड़ने के साथ-साथ प्रशिक्षण एवं जागरूकता कार्यक्रम भी संचालित किए जा रहे हैं। बुनकर समुदाय के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित कर उन्हें आधुनिक तकनीकों एवं बाजार की आवश्यकताओं के अनुरूप दक्ष बनाया जा रहा है। महाप्रबंधक ने बताया कि बिहार लघु उद्यमी योजना (वर्ष 2024-25 से प्रारंभ) के अंतर्गत जिले को कुल 1539 लाभुकों का लक्ष्य प्राप्त हुआ है। इनमें से 1266 उद्यमियों को प्रथम किस्त की राशि उपलब्ध करा दी गई है, जबकि शेष लाभुकों को लाभान्वित करने की प्रक्रिया जारी है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री उद्यमी योजना के तहत चयनित कुल 269 लाभुकों को प्रथम किस्त का भुगतान किया जा चुका है तथा आगे की प्रक्रियाएं तेजी से पूर्ण की जा रही हैं। बताया कि प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना (PMFME) के अंतर्गत जिले में 251 सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों की स्थापना हेतु बैंकों द्वारा ऋण स्वीकृत किया जा चुका है। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसरों का सृजन होगा।वहीं प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP) के तहत जिले में 69 नए उद्यम स्थापित करने का लक्ष्य निर्धारित किया। लक्ष्य से अधिक कुल 122 उद्यमों का बैंकों द्वारा ऋण स्वीकृत किया जा चुका है। जो कुल 177 प्रतिशत है। जिसपर सदस्य महोदय द्वारा खुशी व्यक्त कर सराहना की गयी। बैठक में उद्योग विभाग के पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित रहे। #iprd #BiharIndustriesDept Information & Public Relations Department, Government of Bihar Industries Department, Bihar

Patna, Bihar | Jun 4, 2026

बिहार: कल दिल्ली के एक होटल में आग ने 21 जिंदगियों को निगल लिया..अभी उस आग की राख ठंडी भी नहीं हुई थी कि आज बिहार के मुजफ्फरपुर स्थित प्रसाद अस्पताल के ICU में लगी आग ने कई जिंदगियां छीन लीं..

दिल्ली की घटना से शांति नहीं हुई, दूसरी ये घटना हो गई। यही इस सिस्टम की सच्चाई है। एक हादसे का मातम खत्म नहीं होता कि दूसरा हादसा दरवाजे पर खड़ा होता है।

लोग अस्पताल इलाज और जिंदगी बचाने जाते हैं, लेकिन अगर वहीं मौत मिल जाए तो जिम्मेदार कौन है?ICU में भर्ती मरीज तो भाग भी नहीं सकता। उसे बचाने की जिम्मेदारी किसकी थी?

कल फिर किसी और शहर की बारी होगी। फिर कोई होटल, कोई अस्पताल, कोई फैक्ट्री राख में बदलेगी और हम अखबार की हेडलाइन पढ़कर आगे बढ़ जाएंगे।

*सिस्टम का पैटर्न एक है:*

1. हादसा होता है
2. मंत्री और मुख्यमंत्री इसे "दुखद" बताते हैं 
3. "जांच के आदेश" दे दिए जाते हैं
4. दो-चार दिन बाद 'ॐ शांति' के साथ फाइल बंद

दिल्ली के होटल हादसे के बाद होटल मंत्री और मुख्यमंत्री ने शोक जताकर चुप्पी साध ली। आज मुजफ्फरपुर के अस्पताल हादसे पर बिहार के स्वास्थ्य मंत्री और मुख्यमंत्री का बयान भी वही है - "दुखद घटना"। 

*सवाल सीधे हैं:*  

- प्रसाद अस्पताल के ICU को फायर NOC किसने दी? 
- हर साल होने वाली सेफ्टी ऑडिट की रिपोर्ट कहां है? 
- ICU में आग बुझाने के इंतजाम थे या नहीं, ये देखने की जिम्मेदारी किसकी थी?
- जब 21 लोग दिल्ली में जले, तब बिहार के अस्पतालों का सेफ्टी रिव्यू क्यों नहीं हुआ?

जब तक किसी मंत्री, किसी सचिव, किसी फायर ऑफिसर की कुर्सी नहीं जाएगी, तब तक ये सिलसिला चलता रहेगा। "दुखद" शब्द से ICU में जलते हुए मरीज वापस नहीं आते।

जिम्मेदारी तय किए बिना शोक जताना, सिर्फ अगली मौत का न्योता देना है..

बिहार: मंत्री जी, मुख्यमंत्री जी - ये आंसू आपके "शोक संदेश" से नहीं रुकेंगे..जवाब चाहिए...जिम्मेदारी तय कीजिए...

बिहार: कल दिल्ली के एक होटल में आग ने 21 जिंदगियों को निगल लिया..अभी उस आग की राख ठंडी भी नहीं हुई थी कि आज बिहार के मुजफ्फरपुर स्थित प्रसाद अस्पताल के ICU में लगी आग ने कई जिंदगियां छीन लीं.. दिल्ली की घटना से शांति नहीं हुई, दूसरी ये घटना हो गई। यही इस सिस्टम की सच्चाई है। एक हादसे का मातम खत्म नहीं होता कि दूसरा हादसा दरवाजे पर खड़ा होता है। लोग अस्पताल इलाज और जिंदगी बचाने जाते हैं, लेकिन अगर वहीं मौत मिल जाए तो जिम्मेदार कौन है?ICU में भर्ती मरीज तो भाग भी नहीं सकता। उसे बचाने की जिम्मेदारी किसकी थी? कल फिर किसी और शहर की बारी होगी। फिर कोई होटल, कोई अस्पताल, कोई फैक्ट्री राख में बदलेगी और हम अखबार की हेडलाइन पढ़कर आगे बढ़ जाएंगे। *सिस्टम का पैटर्न एक है:* 1. हादसा होता है 2. मंत्री और मुख्यमंत्री इसे "दुखद" बताते हैं 3. "जांच के आदेश" दे दिए जाते हैं 4. दो-चार दिन बाद 'ॐ शांति' के साथ फाइल बंद दिल्ली के होटल हादसे के बाद होटल मंत्री और मुख्यमंत्री ने शोक जताकर चुप्पी साध ली। आज मुजफ्फरपुर के अस्पताल हादसे पर बिहार के स्वास्थ्य मंत्री और मुख्यमंत्री का बयान भी वही है - "दुखद घटना"। *सवाल सीधे हैं:* - प्रसाद अस्पताल के ICU को फायर NOC किसने दी? - हर साल होने वाली सेफ्टी ऑडिट की रिपोर्ट कहां है? - ICU में आग बुझाने के इंतजाम थे या नहीं, ये देखने की जिम्मेदारी किसकी थी? - जब 21 लोग दिल्ली में जले, तब बिहार के अस्पतालों का सेफ्टी रिव्यू क्यों नहीं हुआ? जब तक किसी मंत्री, किसी सचिव, किसी फायर ऑफिसर की कुर्सी नहीं जाएगी, तब तक ये सिलसिला चलता रहेगा। "दुखद" शब्द से ICU में जलते हुए मरीज वापस नहीं आते। जिम्मेदारी तय किए बिना शोक जताना, सिर्फ अगली मौत का न्योता देना है.. बिहार: मंत्री जी, मुख्यमंत्री जी - ये आंसू आपके "शोक संदेश" से नहीं रुकेंगे..जवाब चाहिए...जिम्मेदारी तय कीजिए...

Patna Rural, Patna | Jun 4, 2026