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सागर नगर: पानी 💦💦पर चलने वाली महिला 😱🔥 #pablic_aap #viralsachnews ल#tranding

Sagar Nagar, Sagar | Apr 13, 2023

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महिला डॉक्टरों के आरोपों से सियासी हलचल, भाजपा नेता ने बताया साजिश... क्या सच, क्या झूठ? बड़ा सवाल!

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Sagar Nagar, Sagar | Jul 4, 2026

बधाई हो कई महीनो बाद जागे लीपापोती हो गई अब कितने दिन चलती है

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Sagar Nagar, Sagar | Jul 4, 2026

➡️ जिले के प्रमुख वैज्ञानिक एवं हेड डॉ. के. एस. यादव ने किसानों को दिए समसामयिक एवं आकस्मिक सलाह

 कृषि विज्ञान केंद्र, सागर के प्रमुख वैज्ञानिक एवं हेड डॉ. के. एस. यादव ने किसानों को जिले में असमान वर्षा वितरण को देखते हुए ब्लॉकवार समसामयिक एवं आकस्मिक कृषि सलाह जारी की है। उन्होंने बताया कि  सागर जिले में सामान्य संचयी वर्षा 138.3 मिमी दर्ज की गई है, जो भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) के सामान्य वर्षा मानक से लगभग 28 प्रतिशत कम है। हालांकि, ब्लॉकवार वर्षा में काफी अंतर होने के कारण सभी क्षेत्रों के लिए एक समान सलाह उपयुक्त नहीं है।

डॉ. यादव ने बताया कि जिन ब्लॉकों में 150 मिमी से अधिक वर्षा हुई है, उनमें गढ़ाकोटा (254.3 मिमी), जैसिंहनगर (213.5 मिमी), देवरी (165.4 मिमी), रहली (159.6 मिमी), बंडा (158.0 मिमी) और सागर (154.0 मिमी) शामिल हैं। इन क्षेत्रों के किसानों को 10 जुलाई तक सोयाबीन की बुवाई पूर्ण करने की सलाह दी गई है। इसके लिए जेएस-2034, जेएस-2303, जेएस-2309, जेएस-2172, राज-24, एनआरसी-138 एवं एनआरसी-150 जैसी कम अवधि की उन्नत किस्मों का चयन करने को कहा गया है। जलभराव वाले खेतों से 24 से 48 घंटे के भीतर पानी निकालने, बुआई से पूर्व ट्राइकोडर्मा, राइजोबियम एवं पीएसबी कल्चर से बीजोपचार करने तथा समय पर खरपतवार नियंत्रण करने की सलाह भी दी गई है। किसानों को पर्याप्त नमी होने तक यूरिया की टॉप ड्रेसिंग नहीं करने की भी सलाह दी गई है।

उन्होंने बताया कि यदि किसी कारणवश सोयाबीन की बुवाई में विलंब हो जाए तो किसान 20 से 25 जुलाई तक उन्नत किस्मों की उड़द एवं मूंग की बुवाई कर सकते हैं। साथ ही तिल एवं अरहर की खेती भी सुरक्षित विकल्प होगी। जिन खेतों में रबी मौसम में गेहूं या चना नहीं लिया जाना है, वहां सोयाबीन-अरहर को 4:2 अथवा 6:2 अनुपात में अंतरवर्तीय फसल के रूप में लेने की सलाह दी गई है।

जिन ब्लॉकों में 100 से 150 मिमी वर्षा हुई है, उनमें बीना (129.0 मिमी), राहतगढ़ (117.7 मिमी), खुरई (102.0 मिमी) तथा केसली (101.5 मिमी) शामिल हैं। इन क्षेत्रों के किसानों को उपलब्ध नमी का उपयोग करते हुए बिना अधिक वर्षा की प्रतीक्षा किए मध्यम अवधि (90–100 दिन) वाली सोयाबीन किस्मों की बुवाई रिज-फरो अथवा ब्रॉड बेड पद्धति से करने की सलाह दी गई है। नमी संरक्षण के लिए हल्की गुड़ाई या कुल्पा चलाने की भी अनुशंसा की गई है। यदि 7 से 10 दिनों तक वर्षा नहीं होती है तो सामान्यतः पुनः बुवाई की आवश्यकता नहीं होगी।

कम वर्षा वाले ब्लॉकों मालथौन (68.0 मिमी) एवं शाहगढ़ (36.2 मिमी) को सबसे अधिक जोखिम वाला क्षेत्र बताते हुए डॉ. यादव ने कहा कि इन क्षेत्रों में जल्दबाजी में सोयाबीन अथवा मक्का की बुवाई नहीं की जाए। यदि आगामी दो-तीन दिनों में लगभग 100 मिमी वर्षा होती है तभी बुवाई करें। पर्याप्त वर्षा नहीं होने की स्थिति में सोयाबीन के स्थान पर उड़द, तिल एवं अरहर की खेती को प्राथमिकता दें। किसानों को बीज सुरक्षित रखने, एक साथ पूरी बुवाई नहीं करने तथा पहली अच्छी वर्षा (50 से 75 मिमी) के बाद ही बुवाई करने की सलाह दी गई है। साथ ही खेतों में मेड़बंदी एवं वर्षा जल संरक्षण के उपाय अपनाने पर भी जोर दिया गया है।

डॉ. यादव ने बताया कि फसलवार आकस्मिक योजना के अनुसार 150 मिमी से अधिक वर्षा वाले क्षेत्रों में सोयाबीन की बुवाई तत्काल पूर्ण कर लेनी चाहिए, जबकि 100 से 150 मिमी वर्षा वाले क्षेत्रों में शीघ्र बुवाई की जाए। जिन क्षेत्रों में वर्षा 100 मिमी से कम हुई है, वहां अगले तीन से चार दिनों में पर्याप्त वर्षा होने की संभावना होने पर ही सोयाबीन की बुवाई करें। यदि वर्षा में और विलंब होता है तो 20 से 25 जुलाई तक उड़द, मूंग, तिल एवं रामतिल जैसी कम अवधि की फसलों की बुवाई करना अधिक लाभकारी रहेगा। उन्होंने कहा कि यह विकल्प विशेष रूप से मालथौन, शाहगढ़, खुरई एवं ऐसे अन्य क्षेत्रों के किसानों के लिए अधिक उपयुक्त साबित होगा।

CM Madhya Pradesh Dr Mohan Yadav Jansampark Madhya Pradesh #JansamparkMP #sagar

➡️ जिले के प्रमुख वैज्ञानिक एवं हेड डॉ. के. एस. यादव ने किसानों को दिए समसामयिक एवं आकस्मिक सलाह कृषि विज्ञान केंद्र, सागर के प्रमुख वैज्ञानिक एवं हेड डॉ. के. एस. यादव ने किसानों को जिले में असमान वर्षा वितरण को देखते हुए ब्लॉकवार समसामयिक एवं आकस्मिक कृषि सलाह जारी की है। उन्होंने बताया कि सागर जिले में सामान्य संचयी वर्षा 138.3 मिमी दर्ज की गई है, जो भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) के सामान्य वर्षा मानक से लगभग 28 प्रतिशत कम है। हालांकि, ब्लॉकवार वर्षा में काफी अंतर होने के कारण सभी क्षेत्रों के लिए एक समान सलाह उपयुक्त नहीं है। डॉ. यादव ने बताया कि जिन ब्लॉकों में 150 मिमी से अधिक वर्षा हुई है, उनमें गढ़ाकोटा (254.3 मिमी), जैसिंहनगर (213.5 मिमी), देवरी (165.4 मिमी), रहली (159.6 मिमी), बंडा (158.0 मिमी) और सागर (154.0 मिमी) शामिल हैं। इन क्षेत्रों के किसानों को 10 जुलाई तक सोयाबीन की बुवाई पूर्ण करने की सलाह दी गई है। इसके लिए जेएस-2034, जेएस-2303, जेएस-2309, जेएस-2172, राज-24, एनआरसी-138 एवं एनआरसी-150 जैसी कम अवधि की उन्नत किस्मों का चयन करने को कहा गया है। जलभराव वाले खेतों से 24 से 48 घंटे के भीतर पानी निकालने, बुआई से पूर्व ट्राइकोडर्मा, राइजोबियम एवं पीएसबी कल्चर से बीजोपचार करने तथा समय पर खरपतवार नियंत्रण करने की सलाह भी दी गई है। किसानों को पर्याप्त नमी होने तक यूरिया की टॉप ड्रेसिंग नहीं करने की भी सलाह दी गई है। उन्होंने बताया कि यदि किसी कारणवश सोयाबीन की बुवाई में विलंब हो जाए तो किसान 20 से 25 जुलाई तक उन्नत किस्मों की उड़द एवं मूंग की बुवाई कर सकते हैं। साथ ही तिल एवं अरहर की खेती भी सुरक्षित विकल्प होगी। जिन खेतों में रबी मौसम में गेहूं या चना नहीं लिया जाना है, वहां सोयाबीन-अरहर को 4:2 अथवा 6:2 अनुपात में अंतरवर्तीय फसल के रूप में लेने की सलाह दी गई है। जिन ब्लॉकों में 100 से 150 मिमी वर्षा हुई है, उनमें बीना (129.0 मिमी), राहतगढ़ (117.7 मिमी), खुरई (102.0 मिमी) तथा केसली (101.5 मिमी) शामिल हैं। इन क्षेत्रों के किसानों को उपलब्ध नमी का उपयोग करते हुए बिना अधिक वर्षा की प्रतीक्षा किए मध्यम अवधि (90–100 दिन) वाली सोयाबीन किस्मों की बुवाई रिज-फरो अथवा ब्रॉड बेड पद्धति से करने की सलाह दी गई है। नमी संरक्षण के लिए हल्की गुड़ाई या कुल्पा चलाने की भी अनुशंसा की गई है। यदि 7 से 10 दिनों तक वर्षा नहीं होती है तो सामान्यतः पुनः बुवाई की आवश्यकता नहीं होगी। कम वर्षा वाले ब्लॉकों मालथौन (68.0 मिमी) एवं शाहगढ़ (36.2 मिमी) को सबसे अधिक जोखिम वाला क्षेत्र बताते हुए डॉ. यादव ने कहा कि इन क्षेत्रों में जल्दबाजी में सोयाबीन अथवा मक्का की बुवाई नहीं की जाए। यदि आगामी दो-तीन दिनों में लगभग 100 मिमी वर्षा होती है तभी बुवाई करें। पर्याप्त वर्षा नहीं होने की स्थिति में सोयाबीन के स्थान पर उड़द, तिल एवं अरहर की खेती को प्राथमिकता दें। किसानों को बीज सुरक्षित रखने, एक साथ पूरी बुवाई नहीं करने तथा पहली अच्छी वर्षा (50 से 75 मिमी) के बाद ही बुवाई करने की सलाह दी गई है। साथ ही खेतों में मेड़बंदी एवं वर्षा जल संरक्षण के उपाय अपनाने पर भी जोर दिया गया है। डॉ. यादव ने बताया कि फसलवार आकस्मिक योजना के अनुसार 150 मिमी से अधिक वर्षा वाले क्षेत्रों में सोयाबीन की बुवाई तत्काल पूर्ण कर लेनी चाहिए, जबकि 100 से 150 मिमी वर्षा वाले क्षेत्रों में शीघ्र बुवाई की जाए। जिन क्षेत्रों में वर्षा 100 मिमी से कम हुई है, वहां अगले तीन से चार दिनों में पर्याप्त वर्षा होने की संभावना होने पर ही सोयाबीन की बुवाई करें। यदि वर्षा में और विलंब होता है तो 20 से 25 जुलाई तक उड़द, मूंग, तिल एवं रामतिल जैसी कम अवधि की फसलों की बुवाई करना अधिक लाभकारी रहेगा। उन्होंने कहा कि यह विकल्प विशेष रूप से मालथौन, शाहगढ़, खुरई एवं ऐसे अन्य क्षेत्रों के किसानों के लिए अधिक उपयुक्त साबित होगा। CM Madhya Pradesh Dr Mohan Yadav Jansampark Madhya Pradesh #JansamparkMP #sagar

Sagar, Madhya Pradesh | Jul 3, 2026

➡️ सहकारिता सप्ताह में सांची डेयरी ने आयोजित किया "सांची मिल्क क्विज कैंपेन"

संपूर्ण देश में मनाए जा रहे सहकारिता सप्ताह के अंतर्गत बुंदेलखंड सहकारी दुग्ध संघ मर्यादित, सागर (सांची डेयरी) द्वारा शुक्रवार को सिविल लाइन स्थित आयोजन स्थल पर "सांची मिल्क क्विज कैंपेन" का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य उपभोक्ताओं, विशेषकर युवाओं एवं विद्यार्थियों को सहकारिता, स्वास्थ्य एवं पोषण के प्रति जागरूक करना था। कैंपेन के दौरान प्रतिभागियों से सहकारिता आंदोलन, सांची डेयरी, दूध एवं दुग्ध उत्पादों के पोषण मूल्य तथा स्वास्थ्य संबंधी विभिन्न विषयों पर प्रश्न पूछे गए। सही उत्तर देने वाले प्रतिभागियों को सांची डेयरी की ओर से आकर्षक उपहार प्रदान कर सम्मानित किया गया।

 कार्यक्रम में बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं, विद्यार्थियों एवं नागरिकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
इस अवसर पर अधिकारियों ने कहा कि सहकारिता आर्थिक विकास के साथ-साथ सामाजिक सहभागिता, आत्मनिर्भरता एवं जनकल्याण का सशक्त माध्यम है। सांची डेयरी दुग्ध उत्पादकों के हितों के संरक्षण के साथ उपभोक्ताओं को शुद्ध, गुणवत्तापूर्ण एवं पौष्टिक दुग्ध उत्पाद उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि ऐसे जन-जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से समाज में स्वास्थ्य, पोषण एवं सहकारिता के प्रति सकारात्मक संदेश प्रसारित किया जा रहा है।

कार्यक्रम के सफल आयोजन में बुंदेलखंड सहकारी दुग्ध संघ मर्यादित, सागर के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री संजय कुमार यादव सहित अन्य अधिकारियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। उपस्थित नागरिकों ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे ज्ञानवर्धक एवं उपयोगी बताया।

CM Madhya Pradesh Dr Mohan Yadav Jansampark Madhya Pradesh #JansamparkMP #sagar

➡️ सहकारिता सप्ताह में सांची डेयरी ने आयोजित किया "सांची मिल्क क्विज कैंपेन" संपूर्ण देश में मनाए जा रहे सहकारिता सप्ताह के अंतर्गत बुंदेलखंड सहकारी दुग्ध संघ मर्यादित, सागर (सांची डेयरी) द्वारा शुक्रवार को सिविल लाइन स्थित आयोजन स्थल पर "सांची मिल्क क्विज कैंपेन" का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य उपभोक्ताओं, विशेषकर युवाओं एवं विद्यार्थियों को सहकारिता, स्वास्थ्य एवं पोषण के प्रति जागरूक करना था। कैंपेन के दौरान प्रतिभागियों से सहकारिता आंदोलन, सांची डेयरी, दूध एवं दुग्ध उत्पादों के पोषण मूल्य तथा स्वास्थ्य संबंधी विभिन्न विषयों पर प्रश्न पूछे गए। सही उत्तर देने वाले प्रतिभागियों को सांची डेयरी की ओर से आकर्षक उपहार प्रदान कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं, विद्यार्थियों एवं नागरिकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। इस अवसर पर अधिकारियों ने कहा कि सहकारिता आर्थिक विकास के साथ-साथ सामाजिक सहभागिता, आत्मनिर्भरता एवं जनकल्याण का सशक्त माध्यम है। सांची डेयरी दुग्ध उत्पादकों के हितों के संरक्षण के साथ उपभोक्ताओं को शुद्ध, गुणवत्तापूर्ण एवं पौष्टिक दुग्ध उत्पाद उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि ऐसे जन-जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से समाज में स्वास्थ्य, पोषण एवं सहकारिता के प्रति सकारात्मक संदेश प्रसारित किया जा रहा है। कार्यक्रम के सफल आयोजन में बुंदेलखंड सहकारी दुग्ध संघ मर्यादित, सागर के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री संजय कुमार यादव सहित अन्य अधिकारियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। उपस्थित नागरिकों ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे ज्ञानवर्धक एवं उपयोगी बताया। CM Madhya Pradesh Dr Mohan Yadav Jansampark Madhya Pradesh #JansamparkMP #sagar

Sagar, Madhya Pradesh | Jul 3, 2026

➡️ मध्यप्रदेश राज्य महिला हॉकी अकादमी की प्रतिभा चयन ट्रायल खेल परिसर सागर के हॉकी मैदान पर संपन्न

मध्यप्रदेश राज्य हॉकी अकादमी, भोपाल द्वारा वर्ष 2026 के लिए महिला हॉकी अकादमी की प्रतिभा चयन ट्रायल शुक्रवार को खेल परिसर सागर स्थित हॉकी मैदान पर संपन्न हुई। चयन ट्रायल प्रातः 6:30 बजे से 10:00 बजे तक तथा द्वितीय चरण सायं 4:00 बजे आयोजित किया गया। राज्य हॉकी अकादमी के चीफ कोच श्री देवकीनंद सर ने खिलाड़ियों की प्रतिभा का परीक्षण किया।

चयन ट्रायल में सागर जिले की 14, दमोह की 9, टीकमगढ़ की 5 तथा छतरपुर जिले की 5 सहित कुल 33 बालिकाओं ने भाग लिया। हॉकी के निर्धारित मापदंडों के अनुसार द्वितीय चरण के लिए चयनित खिलाड़ियों की जानकारी संचालनालय द्वारा पृथक से उपलब्ध कराई जाएगी।

राज्य स्तर पर अंतिम चयनित खिलाड़ियों को मध्यप्रदेश राज्य हॉकी अकादमी में प्रवेश प्रदान किया जाएगा, जहां उन्हें विश्वस्तरीय प्रशिक्षकों द्वारा प्रशिक्षण के साथ भोजन, आवास एवं शिक्षा की सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। साथ ही राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में प्रतिभा प्रदर्शन का अवसर भी मिलेगा।
चयन ट्रायल के दौरान जिला खेल एवं युवा कल्याण अधिकारी श्रीमती शर्मिला डावर, जिला हॉकी संघ के सचिव श्री मकसूद खान, हॉकी प्रशिक्षक श्री उमेश चंद्र मौर्य, श्री नफीस खान सहित अन्य प्रशिक्षक एवं विभागीय अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। इस अवसर पर जिले में संचालित हॉकी फीडर सेंटर एवं खेलो इंडिया हॉकी स्मॉल सेंटर के बालक-बालिकाओं का भी चयन ट्रायल आयोजित किया गया।

CM Madhya Pradesh Dr Mohan Yadav Jansampark Madhya Pradesh #JansamparkMP #sagar

➡️ मध्यप्रदेश राज्य महिला हॉकी अकादमी की प्रतिभा चयन ट्रायल खेल परिसर सागर के हॉकी मैदान पर संपन्न मध्यप्रदेश राज्य हॉकी अकादमी, भोपाल द्वारा वर्ष 2026 के लिए महिला हॉकी अकादमी की प्रतिभा चयन ट्रायल शुक्रवार को खेल परिसर सागर स्थित हॉकी मैदान पर संपन्न हुई। चयन ट्रायल प्रातः 6:30 बजे से 10:00 बजे तक तथा द्वितीय चरण सायं 4:00 बजे आयोजित किया गया। राज्य हॉकी अकादमी के चीफ कोच श्री देवकीनंद सर ने खिलाड़ियों की प्रतिभा का परीक्षण किया। चयन ट्रायल में सागर जिले की 14, दमोह की 9, टीकमगढ़ की 5 तथा छतरपुर जिले की 5 सहित कुल 33 बालिकाओं ने भाग लिया। हॉकी के निर्धारित मापदंडों के अनुसार द्वितीय चरण के लिए चयनित खिलाड़ियों की जानकारी संचालनालय द्वारा पृथक से उपलब्ध कराई जाएगी। राज्य स्तर पर अंतिम चयनित खिलाड़ियों को मध्यप्रदेश राज्य हॉकी अकादमी में प्रवेश प्रदान किया जाएगा, जहां उन्हें विश्वस्तरीय प्रशिक्षकों द्वारा प्रशिक्षण के साथ भोजन, आवास एवं शिक्षा की सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। साथ ही राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में प्रतिभा प्रदर्शन का अवसर भी मिलेगा। चयन ट्रायल के दौरान जिला खेल एवं युवा कल्याण अधिकारी श्रीमती शर्मिला डावर, जिला हॉकी संघ के सचिव श्री मकसूद खान, हॉकी प्रशिक्षक श्री उमेश चंद्र मौर्य, श्री नफीस खान सहित अन्य प्रशिक्षक एवं विभागीय अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। इस अवसर पर जिले में संचालित हॉकी फीडर सेंटर एवं खेलो इंडिया हॉकी स्मॉल सेंटर के बालक-बालिकाओं का भी चयन ट्रायल आयोजित किया गया। CM Madhya Pradesh Dr Mohan Yadav Jansampark Madhya Pradesh #JansamparkMP #sagar

Sagar, Madhya Pradesh | Jul 3, 2026

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