एक ओर जहाँ सरकार 'हर घर बिजली' और 'डिजिटल इंडिया' के विज्ञापनों से अपनी उपलब्धियां गिना रही है, वहीं मवई जैसे दुर्गम वनांचल आदिवासी क्षेत्रों की जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है।वही ग्रामीण ने आज शनिवार की शाम 5 बजकर 45 मिनट पर बताया कि यहाँ बुनियादी सुविधाओं का ऐसा अभाव है कि नन्हे-मुन्ने स्कूली बच्चों को अपनी किताबों के साथ सड़कों पर उतरकर बिजली के लिए