स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ कही जाने वाली आशा कार्यकर्ताओं का सब्र अब टूट चुका है। कलेक्टर ऊषा परमार के साथ वार्ता बेनतीजा रहने के बाद सैकड़ों महिलाएं कलेक्ट्रेट गेट पर ही अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गई हैं। साल 2021 से लंबित भुगतान और सुविधाओं की मांग को लेकर इन महिला योद्धाओं ने आर-पार की जंग छेड़ दी है।