यह एक बहुत ही संवेदनशील और कड़वा सच है। वर्षों तक समाज की सेवा करने के बाद जब एक आंगनबाड़ी कार्यकर्ता खाली हाथ घर लौटती है,
विदाई का खालीपन: बिना ग्रेच्युटी और पेंशन का दर्द
जब एक आंगनबाड़ी बहन सेवानिवृत्त (retire) होती है, तो उसकी आँखों
यह एक बहुत ही संवेदनशील और कड़वा सच है। वर्षों तक समाज की सेवा करने के बाद जब एक आंगनबाड़ी कार्यकर्ता खाली हाथ घर लौटती है,
विदाई का खालीपन: बिना ग्रेच्युटी और पेंशन का दर्द
जब एक आंगनबाड़ी बहन सेवानिवृत्त (retire) होती है, तो उसकी आँखों - Anupshahr News