देश की पहली वंदे भारत फ्रेट ईएमयू का इमरजेंसी ब्रेकिंग डिस्टेंस परीक्षण सफलतापूर्वक संपन्न
सूखी एवं गीली पटरी दोनों परिस्थितियों में हुआ ईबीडी परीक्षण, लबान-गुड़ला रेलखंड पर चार फेरों में परखी गई ब्रेकिंग क्षमता
कोटा। कोटा मंडल में विगत 29 जुलाई 2026 से संचालित देश की पहली वंदे भारत प्लेटफॉर्म आधारित फ्रेट ईएमयू (सुपरफास्ट पार्सल रेक) के व्यापक तकनीकी परीक्षणों की श्रृंखला में मंगलवार को एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल हुई। लबान-गुड़ला रेलखंड के अप दिशा में इमरजेंसी ब्रेकिंग डिस्टेंस (Emergency Braking Distance-EBD) परीक्षण सफलतापूर्वक संपन्न किया गया। यह परीक्षण कुल चार फेरों में किया गया, जिसमें विभिन्न परिस्थितियों में रेक की ब्रेकिंग क्षमता का विस्तृत मूल्यांकन किया गया।
वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक श्री सौरभ जैन ने बताया कि इस रेक में इमरजेंसी ब्रेक लगाने की तीन व्यवस्थाएं उपलब्ध हैं—लोको ब्रेक, ट्रेन ब्रेक तथा पुश बटन ब्रेक। परीक्षण के दौरान तीनों प्रणालियों का उपयोग करते हुए सूखी (ड्राई) एवं गीली (वेट) पटरी, दोनों परिस्थितियों में इमरजेंसी ब्रेक लगाए गए। प्रत्येक परीक्षण में ब्रेक लगाए जाने के स्थान से लेकर रेक के पूर्णतः रुकने (डेड स्टॉप) तक की दूरी का सटीक मापन किया गया, जिससे विभिन्न परिस्थितियों में ब्रेकिंग प्रणाली की कार्यक्षमता एवं विश्वसनीयता का आकलन किया जा सके।
उन्होंने बताया कि यह परीक्षण अनुसंधान अभिकल्प एवं मानक संगठन (आरडीएसओ) के तत्वावधान में किया जा रहा है। परीक्षण के दौरान आरडीएसओ के निदेशक/टेस्टिंग श्री अनन्जय मिश्रा, आईसीएफ चेन्नई के सहायक मंडल विद्युत इंजीनियर श्री सुधांशु कुमार, मुख्य लोको निरीक्षक श्री रामनिवास मीना, यातायात निरीक्षक श्री महेंद्र सिंह मीणा सहित आरडीएसओ एवं आईसीएफ के अन्य तकनीकी विशेषज्ञों तथा लोको क्रू की उपस्थिति में सभी निर्धारित परीक्षण सफलतापूर्वक संपन्न किए गए।