विदिशा नगर: पुरुषोत्तम मास का है बड़ा महत्व, जाप और पूजा से मिलता है करोड़ों गुना पुण्य
सोमवार सुबह 9 बजे पुजारी ने बताया कि पुरुषोत्तम मास लगभग 3 साल में एक बार आता है, जिसे अधिक मास भी कहा जाता है। सनातन धर्म में इसका विशेष महत्व माना गया है। उन्होंने कहा कि यह मास चार नवरात्रों से भी बढ़कर माना जाता है। इस दौरान जाप, पूजा-पाठ, दान और भगवान की भक्ति करने से करोड़ों गुना पुण्य लाभ प्राप्त होता है। पुरुषोत्तम मास में 84 कोस की परिक्रमा होती है।