भाई ई रिक्शा चलाता है,फिर हमने पूछा क्या तुम पड़े लिखे हो,उसने बोला हा,फिर हमने बोला इसे पढ़ो,उसने पढ़ा,फिर बोला मैंने पढ़ा नहीं था,फिर वह भाग गया,अब यदि वह इस smart सिटी का smart नागरिक होता तो आगे कुछ दूरी पर ही सार्वजनिक शोचालय बना हुआ है,वहाँ जाने का कष्ट करता
भाई ई रिक्शा चलाता है,फिर हमने पूछा क्या तुम पड़े लिखे हो,उसने बोला हा,फिर हमने बोला इसे पढ़ो,उसने पढ़ा,फिर बोला मैंने पढ़ा नहीं था,फिर वह भाग गया,अब यदि वह इस smart सिटी का smart नागरिक होता तो आगे कुछ दूरी पर ही सार्वजनिक शोचालय बना हुआ है,वहाँ जाने का कष्ट करता - Ladpura News