*प्रेस नोट: चित्रकूट पुलिस*
*दिनांक: 30.08.2026*
*जिलाधिकारी चित्रकूट एवं पुलिस अधीक्षक चित्रकूट श्री अरुण कुमार सिंह के निर्देशन में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, चित्रकूट पुलिस एवं जिला प्रशासन का संयुक्त रेस्क्यू ऑपरेशन, सैकड़ों व्यक्तियों एवं पशुओं को सुरक्षित निकाला गया*
पिछले 24 घंटों में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण मंदाकिनी नदी, यमुना नदी एवं जनपद की अन्य नदियों के जलस्तर में हुई अत्यधिक वृद्धि से जनपद के कई निचले इलाके जलमग्न हो गए थे। थाना क्षेत्र *कर्वी, राजापुर, सरधुवा मऊ,मानिकपुर एवं मारकुंडी* के कुछ ग्रामों में बाढ़ का पानी घरों में घुस गया था, जिससे जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया था तथा कई व्यक्ति एवं मवेशी फंसे हुए थे।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए *जिलाधिकारी चित्रकूट श्री पुलकित गर्ग एवं पुलिस अधीक्षक चित्रकूट श्री अरुण कुमार सिंह* द्वारा तत्काल आपदा प्रबंधन कंट्रोल रूम को सक्रिय कर *एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, पीएसी ,जल पुलिस, चित्रकूट पुलिस एवं राजस्व विभाग* की संयुक्त रेस्क्यू टीम का गठन किया गया।
*जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक के निर्देशन एवं मौके पर मौजूद रहकर* चलाए गए इस रेस्क्यू ऑपरेशन में -
*1. मानव जीवन बचाव कार्य:*
- एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की मोटर बोटों की मदद से जलमग्न गांवों से *हजारों की संख्या में* (जिसमें महिलाएं, बच्चे एवं बुजुर्ग शामिल हैं) को सुरक्षित निकालकर राहत शिविरों में पहुँचाया गया।
- फंसे हुए लोगों को पुलिस टीम द्वारा सुरक्षित स्थान पर ले जाकर भोजन, पेयजल एवं चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई गई।
*2. पशुधन बचाव कार्य:*
- प्रशासन की टीम द्वारा बाढ़ में फंसे मवेशियों (गाय, भैंस, बकरी) को भी सुरक्षित बाहर निकाला गया, जिन्हें ऊँचे स्थानों पर स्थित पशु आश्रय स्थलों पर भेजा गया तथा पशु चिकित्सा विभाग द्वारा उपचार दिया जा रहा है।
*3. प्रशासनिक व्यवस्था:*
- जिलाधिकारी महोदय के आदेश पर बाढ़ राहत शिविरों में खाने-पीने, दवाइयों एवं रहने की समुचित व्यवस्था की गई है।
- पुलिस अधीक्षक महोदय द्वारा सभी थानाध्यक्षों को अपने-अपने क्षेत्र में लगातार भ्रमणशील रहकर बाढ़ की स्थिति पर नजर बनाए रखने एवं अफवाहों पर ध्यान न देने हेतु आमजन से अपील करने के निर्देश दिए गए हैं।
पुलिस अधीक्षक चित्रकूट श्री अरुण कुमार सिंह ने बताया कि नागरिकों की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। हमारी टीमें 24 घंटे अलर्ट मोड पर हैं। किसी भी व्यक्ति को बाढ़ के पानी में न जाने की सलाह दी जाती है तथा किसी भी सहायता के लिए डायल 112 या जिला कंट्रोल रूम नंबर पर संपर्क करें।
इस सराहनीय बचाव कार्य में एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, जिला प्रशासन एवं चित्रकूट पुलिस के संयुक्त प्रयास की स्थानीय लोगों ने सराहना की।