झारखंड की परंपरा में तीर धनुष का होना बहुत ही महत्वपूर्ण है,तीर धनुष बिटिया तीरंदाजी के तौर पर देख रही हैं,तीरंदाजी आर्चरी में अपना करियर को तलाश रही है,पतरातू के एक सरकारी विद्यालय के कैंपस में 50 बच्चियों ले रही है तीरंदाजी आर्चरी की प्रशिक्षण, सभी 50 ग्रामीण बेटियां पतरातू प्रखंड के विभिन्न गांवों और कस्बा के हैं,पतरातू क्षेत्र इंडस्ट्री के लिए जाना जाता