BAGHPAT DESK : बागपत में निकाह प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और विवादों से मुक्त बनाने के लिए नया निर्णय लिया गया है। अब मस्जिद में निकाह पढ़ाने से पहले दूल्हा और दुल्हन पक्ष को अधिवक्ता द्वारा तैयार स्टाम्प पेपर पर घोषणा-पत्र (एफिडेविट) देना अनिवार्य होगा। इसमें दोनों पक्षों को बालिग होने, वैवाहिक स्थिति और किसी भी कानूनी विवाद की सही जानकारी देनी होगी।
यह निर्णय बड़ौत की जामा मस्जिद में खिदमत सोसायटी और जमीअत उलेमा-ए-हिंद के प्रतिनिधियों की बैठक में लिया गया। बैठक में बताया गया कि हाल के दिनों में नाबालिगों के निकाह, पहले से शादीशुदा होने और लंबित मुकदमों जैसी जानकारियां छिपाकर निकाह कराने के कई मामले सामने आए हैं। ऐसे मामलों में इमामों को भी पुलिस और अदालतों के चक्कर लगाने पड़े।
गलत जानकारी की जिम्मेदारी संबंधित पक्ष की होगी
घोषणा-पत्र में यह स्पष्ट करना होगा कि दोनों पक्ष बालिग
हैं, उनका पहले से कोई निकाह नहीं हुआ है या यदि हुआ है तो उसकी
Baghpat, Bagpat | Jul 12, 2026