मावली में पहली बार नगर पालिका चुनाव, अध्यक्ष पद एसटी ओपन आरक्षित
आरक्षण के बाद बढ़ी राजनीतिक सरगर्मी, अध्यक्ष पद की दावेदारी को लेकर चर्चाएं तेज
मावली में पहली बार नगर पालिका चुनाव होने जा रहे हैं। अध्यक्ष पद को एसटी ओपन श्रेणी के लिए आरक्षित किए जाने के बाद क्षेत्र की राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि आरक्षित सीट पर कौन दावेदारी करेगा और चुनाव के बाद नगर पालिका की कमान किसके हाथों में जाएगी।
एसटी ओपन सीट का अर्थ यह है कि अध्यक्ष पद के लिए निर्धारित आरक्षण श्रेणी के पात्र व्यक्ति चुनावी प्रक्रिया में दावेदारी कर सकते हैं। ओपन का मतलब यह नहीं है कि सीट सामान्य वर्ग के लिए खुली है, बल्कि आरक्षित वर्ग के भीतर महिला के लिए अलग अनिवार्यता नहीं होने की स्थिति को दर्शाता है।
क्या अध्यक्ष स्वयं काम कर पाएगा?
आरक्षण के कारण अध्यक्ष के अधिकारों पर कोई अलग से रोक नहीं लगती। निर्वाचित अध्यक्ष को राजस्थान नगरपालिका अधिनियम के तहत अध्यक्ष के रूप में निर्धारित अधिकार और जिम्मेदारियां प्राप्त होंगी। अध्यक्ष नगरपालिका की बैठकों की अध्यक्षता करने, नगरपालिका के कामकाज में नेतृत्व करने और कानून के तहत निर्धारित कार्यों को आगे बढ़ाने की भूमिका निभाता है।
हालांकि नगरपालिका का पूरा प्रशासनिक काम अध्यक्ष अकेले नहीं चलाता। मुख्य नगर पालिका अधिकारी रिकॉर्ड, प्रशासनिक प्रक्रिया तथा कई आदेशों और कार्यों के क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। अधिनियम के अनुसार अधिकारी को अध्यक्ष या नगरपालिका के ऐसे निर्णयों पर भी कानूनी प्रक्रिया के अनुरूप सलाह देने की जिम्मेदारी है, जो अधिनियम या नियमों के विपरीत हों।
अब राजनीतिक समीकरण पर नजर
अध्यक्ष पद एसटी ओपन आरक्षित होने के बाद भाजपा, कांग्रेस और निर्दलीय खेमों में संभावित दावेदारों को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। पहली बार होने वाले नगर पालिका चुनाव में पार्षदों का गणित भी अध्यक्ष के चुनाव में अहम भूमिका निभाएगा।
अब देखना होगा कि एसटी ओपन आरक्षण के बाद कौन-कौन से चेहरे मैदान में उतरते हैं और किस राजनीतिक दल को बहुमत का आंकड़ा हासिल होता है। मावली की नई नगर पालिका की पहली कमान किसके हाथों में जाएगी, यह चुनाव परिणाम के बाद ही स्पष्ट होगा।
Girwa, Udaipur | Aug 13, 2026