पति को उतारा मौत के घाट.. अब पीसेगी जेल में चक्की
भरतपुर - थाना उद्योगनगर क्षेत्र के गांव गुनसारा में 6 साल पहले हुए पति की हत्या के मामले में कोर्ट ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही ₹5,000 का अर्थदंड भी लगाया है। महिला को जब सजा सुनाई गई तो कोर्ट में फफक फफक कर रोने लगी.वकील अशोक गुप्ता ने बताया कि 01मई 2019 को मृतक का बेटा मथुरा इन्द्रपुरम में मौसी के घर गया था। घर पर पिता बनेसिंह उम्र 50 साल, मां केलादेवी और छोटा भाई वीरूथे।
02मई 2019 सुबह 6:30 बजे भाई ने फोन कर बताया कि पापा ने फांसी लगा ली है। बेटा गांव पहुंचा तो घर के चौक में पिता की लाश रखी थी। बेटे ने देखा कि गर्दन पर फांसी के निशान के साथ नाखूनों के निशान भी थे। इसी आधार पर उसे हत्या की शंका हुई।
बेटे ने पुलिस को दी रिपोर्ट में आरोप लगाया कि मां केलादेवी का चरित्र ठीक नहीं था। गांव के कई लोगों से अवैध संबंध थे। गांव के पूर्व सरपंच सुरेशपाल का नाम भी लिया। पिता इसका विरोध करते थे तो मां पिता को घर से निकाल देती थी।
बेटे ने कहा मुझे पूर्ण विश्वास है कि मां ने किसी के सहयोग से सोते हुए रस्सी से गला दबाकर हत्या की और उसे फांसी का रूप दिया।
पुलिस ने मामला दर्ज कर कोर्ट में चालान पेश किया और कोर्ट ने सुनवाई के बाद केलादेवी को हत्या का दोषी माना। कोर्ट ने आजीवन कारावास ₹5000 जुर्माना लगाया है.
जब महिला को जज ने सजा सुनाई तो वह रोने लगी और जेल तक रोती हुई गई।
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