जिला पदाधिकारी, बांका की अध्यक्षता में स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले में संचालित विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रमों एवं प्रमुख स्वास्थ्य सूचकांकों की प्रखंडवार एवं संस्थानवार समीक्षा की गई।
बैठक में मुख्य रूप से संस्थागत प्रसव, C-Section एवं Night C-Section, चिकित्सकवार सर्जरी, SNCU में नवजात मृत्यु एवं डिस्चार्ज की स्थिति, ANC Registration, Full Immunization, ASHA Performance एवं Selection, Family Planning, आयुष्मान कार्ड एवं BIS Verification, NCD Screening तथा एनीमिया मुक्त बिहार अभियान की उपलब्धियों की समीक्षा की गई।
*संस्थागत प्रसव में बेहतर प्रदर्शन करने वाले प्रखंडों की सराहना*
संस्थागत प्रसव की समीक्षा के क्रम में कुछ प्रखंडों में पूर्व की तुलना में सुधार पाया गया। सितंबर 2026 में बांका प्रखंड द्वारा 100.29 प्रतिशत, धोरैया द्वारा 90.16 प्रतिशत, राजौन द्वारा 77.42 प्रतिशत, बौंसी द्वारा 75.90 प्रतिशत, बाराहाट द्वारा 75.69 प्रतिशत एवं अमरपुर द्वारा 75.25 प्रतिशत उपलब्धि दर्ज की गई। जिला पदाधिकारी द्वारा प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों को संस्थागत प्रसव की उपलब्धि में और अधिक सुधार लाने, गर्भवती महिलाओं को समय पर आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने तथा सभी पात्र महिलाओं का संस्थागत प्रसव सुनिश्चित करने हेतु आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया।
वहीं चांदन, कटोरिया सहित कम उपलब्धि वाले प्रखंडों में अपेक्षित प्रगति नहीं पाए जाने पर संबंधित पदाधिकारियों को विशेष कार्ययोजना बनाकर उपलब्धि बढ़ाने का निर्देश दिया गया। निजी स्वास्थ्य संस्थानों से नियमित समन्वय स्थापित कर वहां होने वाले प्रसव की समुचित रिपोर्टिंग सुनिश्चित करने तथा निजी संस्थानों से संस्थागत प्रसव की संख्या बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया। यदि किसी निजी स्वास्थ्य संस्थान द्वारा संस्थागत प्रसव की सूचना/प्रतिवेदन नियमित रूप से उपलब्ध नहीं कराया जाता है, तो संबंधित संस्थान के विरुद्ध नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
C-Section एवं Night C-Section की संस्थानवार समीक्षा की गई। सितंबर माह में जिले में कुल 194 C-Section किए गए, जिसमें 21 Night C-Section शामिल हैं। अप्रैल से सितंबर 2026 तक कुल 764 C-Section किए गए। सदर अस्पताल सहित कुछ संस्थानों में Night C-Section की उपलब्धि पाई गई, जबकि अन्य संस्थानों में अपेक्षित उपलब्धि नहीं होने पर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई का निर्देश दिया गया।
जहां सर्जन, एनेस्थेटिस्ट एवं आवश्यक मानव संसाधन उपलब्ध हैं, वहां Night C-Section को नियमित एवं आवश्यकता आधारित सेवा के रूप में संचालित करने तथा संबंधित चिकित्सकों को संस्थान की क्षमता के अनुसार लक्ष्य निर्धारित करने का निर्देश दिया गया।
OT Light एवं अन्य आवश्यक संसाधनों की कमी बताने वाले संस्थानों को अपनी 2-3 प्रमुख समस्याओं की सूची अलग से उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया, ताकि संबंधित विभाग/एजेंसी से समन्वय कर उनका शीघ्र समाधान कराया जा सके।
*सदर अस्पताल में सर्जिकल सेवाओं का विस्तार*
सदर अस्पताल, बांका में सितंबर 2026 के दौरान चिकित्सकवार सर्जरी की समीक्षा की गई। इस अवधि में कुल 569 सर्जिकल प्रक्रियाएं की गईं, जिनमें LSCS, Tubectomy सहित विभिन्न प्रकार की सर्जरी शामिल हैं। सर्जरी के विभिन्न प्रकारों की संख्या में वृद्धि होने से मरीजों को स्थानीय स्तर पर बेहतर एवं समय पर सर्जिकल उपचार की सुविधा प्राप्त हुई है तथा अनावश्यक रेफरल में कमी लाने में भी काफी लाभ मिला है।
सदर अस्पताल में उपलब्ध सर्जिकल सेवाओं के विस्तार एवं विभिन्न प्रकार की सर्जरी की संख्या में वृद्धि के संबंध में जिला पदाधिकारी द्वारा निर्देश दिया गया कि उपलब्ध चिकित्सकीय मानव संसाधन एवं संसाधनों का अधिकतम उपयोग करते हुए सर्जरी की संख्या एवं प्रकार में और वृद्धि की जाए तथा जरूरतमंद मरीजों को समय पर गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराया जाए।
*एनीमिया मुक्त बिहार अभियान में बांका प्रथम*
एनीमिया मुक्त बिहार अभियान की समीक्षा के क्रम में बांका जिला राज्य में प्रथम स्थान पर रहा। जिले द्वारा राज्य निर्धारित लक्ष्य के विरुद्ध 150 प्रतिशत उपलब्धि प्राप्त की गई है। जिला पदाधिकारी द्वारा सभी प्रखंडों में अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन एवं उपलब्धि में और सुधार लाने हेतु निर्देश दिया गया। कम उपलब्धि वाले प्रखंडों में बेहतर प्रदर्शन करने वाले प्रखंडों की कार्यप्रणाली एवं प्रभावी रणनीति को अपनाते हुए लक्ष्य के अनुरूप प्रगति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
*NCD Screening में भी उल्लेखनीय उपलब्धि*
Bihar NCD Special Screening अभियान की समीक्षा के क्रम में जिले की उपलब्धि 86.30 प्रतिशत रही। जिला पदाधिकारी द्वारा सभी प्रखंडों में स्क्रीनिंग गतिविधियों में तेजी लाने तथा उपलब्ध चिकित्सकीय संसाधनों का प्रभावी उपयोग करते हुए पात्र लाभार्थियों की समयबद्ध स्क्रीनिंग सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। कम उपलब्धि वाले प्रखंडों में विशेष रूप से अभियान को गति देते हुए निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप शत-प्रतिशत पात्र लाभार्थियों की स्क्रीनिंग सुनिश्चित करने को कहा गया।
*SNCU की स्थिति पर गंभीर चिंता*
बैठक में SNCU में नवजात मृत्यु एवं डिस्चार्ज रेट की स्थिति की गंभीरता से समीक्षा की गई। जून से सितंबर 2026 तक की स्थिति की समीक्षा में नवजात मृत्यु दर में लगातार वृद्धि पाई गई। जून में 1 मृत्यु (0.95%), जुलाई में 7 (5.47%), अगस्त में 18 (11.61%) तथा सितंबर में 25 मृत्यु (16.34%) दर्ज की गई। सितंबर में डिस्चार्ज रेट भी घटकर 65.36% रह गया। उपलब्ध आंकड़ों में लगातार गिरावट की प्रवृत्ति पर चिंता व्यक्त की गई तथा संबंधित पदाधिकारियों से इसके कारणों की जानकारी ली गई।
SNCU में अत्यधिक मृत्यु दर पाए जाने पर गहरा असंतोष व्यक्त किया गया तथा संबंधित चिकित्सकों की जवाबदेही निर्धारित करने का निर्देश दिया गया। इसके लिए जांच समिति गठित कर प्रत्येक नवजात मृत्यु का Case-wise Review एवं जांच करते हुए उपचार, चिकित्सकीय निगरानी, संक्रमण नियंत्रण, दवा एवं उपकरणों की उपलब्धता तथा रेफरल व्यवस्था की समीक्षा करने को कहा गया। लापरवाही पाए जाने पर संबंधित चिकित्सक/कर्मी के विरुद्ध जवाबदेही निर्धारित करते हुए प्राथमिकी दर्ज कराने सहित नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया। SNCU में निर्धारित प्रोटोकॉल एवं चिकित्सकीय मानकों का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित करने को कहा गया।
*ANC Registration एवं Full Immunization*
ANC Registration में सितंबर माह में जिले की उपलब्धि 79.07% तथा अप्रैल-सितंबर की संचयी उपलब्धि 77.89% रही। कम उपलब्धि वाले क्षेत्रों में छूटी हुई गर्भवती महिलाओं की पहचान कर उनका समय पर पंजीकरण, ANC जांच एवं आवश्यक सेवाएं सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
Full Immunization में सितंबर माह की उपलब्धि 79.81% तथा अप्रैल-सितंबर की संचयी उपलब्धि 78.22% रही। 95% लक्ष्य की प्राप्ति हेतु Due List एवं Left-out बच्चों की पहचान कर विशेष अभियान चलाने तथा प्रत्येक बच्चे का पूर्ण टीकाकरण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
*ASHA के प्रदर्शन की समीक्षा*
Institutional Delivery में ASHA के प्रदर्शन की ASHA-wise समीक्षा करने का निर्देश दिया गया। जिन ASHA द्वारा 0, 1 अथवा 2 संस्थागत प्रसव कराए गए हैं, उनके कार्यक्षेत्र में गर्भवती महिलाओं की संख्या, ANC Registration एवं Institutional Delivery का मिलान कर कम उपलब्धि के कारणों की पहचान करने को कहा गया।
जिले में 1,967 m-ASHA में से 1,958 Active ASHA अर्थात 99.54% पाई गईं। शेष ASHA को भी शीघ्र Active कराने का निर्देश दिया गया। ASHA Selection में भी शेष 228 के गैप को शीघ्र पूरा करने का निर्देश दिया गया।
पूर्व में अनियमितता/लापरवाही के संबंध में ASHA को दिए गए निर्देशों की Action Taken Report भी अगली समीक्षा में प्रस्तुत करने को कहा गया।
*परिवार नियोजन*
Family Planning Operation में अप्रैल-सितंबर की संचयी उपलब्धि 30.69% पाई गई। इस पर चिंता व्यक्त करते हुए विशेष रूप से चानन, कटोरिया, बौंसी एवं धोरैया में विशेष अभियान चलाने का निर्देश दिया गया।
इच्छुक दंपतियों की सूची तैयार कर Counselling एवं Follow-up सुनिश्चित करने तथा Minilap, PPS, PAS एवं NSV की उपलब्धि बढ़ाने के लिए चिकित्सकों एवं संबंधित कर्मियों को स्पष्ट लक्ष्य देने का निर्देश दिया गया।
*आयुष्मान कार्ड निर्माण*
आयुष्मान कार्ड/BIS Verification में जिले में 46.48% beneficiary verification पाया गया। बैठक में निर्देश दिया गया कि 50% लक्ष्य की प्राप्ति हेतु PDS स्तर तक आयुष्मान कार्ड बनवाना सुनिश्चित किया जाए।
PDS स्तर पर उपलब्ध लाभार्थियों की सूची का उपयोग करते हुए पात्र लाभार्थियों की पहचान, e-KYC एवं आयुष्मान कार्ड निर्माण अभियान के रूप में कराया जाए। सितंबर माह में 3,705 e-KYC किए गए, जिनमें 3,444 Approved, 119 Rejected एवं 142 Pending पाए गए।
*जवाबदेही एवं Action Taken पर विशेष जोर*
बैठक में स्पष्ट किया गया कि केवल समीक्षा बैठक करना पर्याप्त नहीं है। प्रत्येक निर्देश के बाद Action Taken Report अनिवार्य रूप से प्रस्तुत की जाए। कम उपलब्धि वाले प्रखंडों के लिए लक्ष्य → उपलब्धि→ Gap → कारण → कार्रवाई → आगामी कार्ययोजना के आधार पर समीक्षा की जाएगी।
सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी एवं संबंधित पदाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र में नियमित अनुश्रवण, फील्ड विजिट सुनिश्चित करने को कहा गया।
बैठक में सिविल सर्जन, उपाधीक्षक, सदर अस्पताल, बांका, प्रभारी प्रतिरक्षण पदाधिकारी, प्रभारी संचारी रोग पदाधिकारी, प्रभारी गैर-संचारी रोग पदाधिकारी, जिला कार्यक्रम प्रबंधक, जिला लेखा प्रबंधक, जिला अनुश्रवण एवं मूल्यांकन पदाधिकारी, अनुश्रवण एवं मूल्यांकन पदाधिकारी (मानसिक स्वास्थ्य), जिला कार्यक्रम समन्वयक, जिला क्रियान्वयन इकाई के पदाधिकारी, प्रखंड स्तर से सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, प्रखंड स्वास्थ्य प्रबंधक, प्रखंड सामुदायिक उत्प्रेरक सहित स्वास्थ्य विभाग के अन्य पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित थे।
Information & Public Relations Department, Government of Bihar
Bihar Health Department
Banka, Bihar | Oct 6, 2026