उक्त अभियुक्त के विरुद्ध अपर जिला अधिकारी प्रशासन मंडल आजमगढ़ द्वारा वार्ड सरकार बनाम राजवीर उर्फ विपुल यादव अंतर्गत तीन बटा एक उत्तर प्रदेश गोंडा नियंत्रण अधिनियम 1970 के तहत जिला बदर आदेश 17 अक्टूबर 2025 को पारित किया गया था जिसका तमिल सत्र दिसंबर 2025 को कराया गया था इसके बाद भी अभियुक्त घर पर निवास कर रहा था सूचना के आधार पर पहुंची पुलिस ने गिरफ्तार किया