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केन्द्रीय जीव जंतु कल्याण बोर्ड के सदस्य श्री राम रघुवंशी ने बुधवार को ग्राम पठारी हवेली स्थित गौशाला का निरीक्षण कर वहां की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान गौशाला के संचालन एवं आधारभूत सुविधाओं के संबंध में संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि गौशाला तक पहुंचने के लिए समुचित मार्ग उपलब्ध नहीं है और वर्तमान में आवागमन अन्य व्यक्ति की भूमि से किया जा रहा है। साथ ही गौशाला के आसपास की भूमि पर अतिक्रमण की स्थिति भी सामने आई, जिससे व्यवस्थाओं के संचालन में बाधाएं उत्पन्न हो रही हैं। श्री रघुवंशी ने वर्षा ऋतु के दौरान गौशाला परिसर में जलभराव की समस्या, साफ-सफाई एवं रखरखाव की अपर्याप्त व्यवस्था पर भी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि गौवंश के संरक्षण एवं बेहतर देखभाल के लिए स्वच्छ एवं सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना अत्यंत आवश्यक है। निरीक्षण के दौरान यह भी सामने आया कि इन समस्याओं के संबंध में संबंधित अधिकारियों द्वारा समय पर उच्च अधिकारियों को लिखित रूप से अवगत नहीं कराया गया, जिसके कारण आवश्यक कार्रवाई समय पर नहीं हो सकी। इस पर उन्होंने जिम्मेदार अधिकारियों को भविष्य में ऐसी लापरवाही नहीं बरतने और प्रत्येक समस्या की समय पर जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। श्री राम रघुवंशी ने संबंधित विभागों को गौशाला में पहुंच मार्ग, जल निकासी, स्वच्छता, अतिक्रमण हटाने तथा अन्य मूलभूत सुविधाओं में शीघ्र सुधार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गौशालाओं का प्रभावी संचालन और गौवंश के संरक्षण के लिए सभी विभाग समन्वय के साथ कार्य करें, ताकि गौशाला की व्यवस्थाएं बेहतर बन सकें। निरीक्षण के दौरान एसडीएम, जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, तहसीलदार, पशु चिकित्सा विभाग, जनपद पंचायत, ग्राम पंचायत सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। #vidisha #JansamparkMP

57 views | Vidisha, Madhya Pradesh | Jul 15, 2026

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मानोरा रथ यात्रा मेले में श्रद्धालुओं को मिलेगा शासकीय योजनाओं का लाभ, आधार पंजीयन एवं अपडेट के लिए विशेष काउंटर स्थापित
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कलेक्टर श्री अंशुल गुप्ता के निर्देशन में ग्राम मानोरा में आयोजित भगवान श्री जगन्नाथ स्वामी जी की रथ यात्रा मेले में आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा एवं उन्हें विभिन्न शासकीय योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराने के लिए व्यापक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं। जिला प्रशासन द्वारा मेले में विभिन्न विभागों के माध्यम से जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी एवं सेवाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई जा रही हैं, ताकि अधिक से अधिक नागरिक इनका लाभ प्राप्त कर सकें।

गौरतलब है कि स्वामी भगवान श्री जगन्नाथ स्वामी जी की रथ यात्रा मेला का आयोजन 15 से 17 जुलाई तक मानोरा में किया जा रहा है, जिसमें जिले सहित आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। इसे ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने आवश्यक सुविधाओं के साथ-साथ जनसेवा संबंधी व्यवस्थाएं भी सुनिश्चित की हैं।

कलेक्टर श्री अंशुल गुप्ता के निर्देशानुसार मेले में आधार पंजीयन एवं आधार अपडेट के लिए पृथक काउंटर स्थापित किए गए हैं। इन काउंटरों पर नए आधार कार्ड बनवाने, नाम, पता, जन्मतिथि, मोबाइल नंबर सहित अन्य आवश्यक संशोधन एवं अद्यतन की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। इससे मेले में आने वाले नागरिकों को आधार संबंधी कार्यों के लिए अलग से कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।

इसके साथ ही विभिन्न विभागों द्वारा शासन की जनहितकारी योजनाओं की जानकारी, पात्र हितग्राहियों का मार्गदर्शन तथा आवश्यक सेवाएं भी उपलब्ध कराई जा रही हैं। जिला प्रशासन का उद्देश्य धार्मिक आयोजन के साथ-साथ जनसेवा को भी प्रभावी रूप से जोड़ना है, ताकि श्रद्धालुओं को एक ही स्थान पर सुविधाओं का लाभ मिल सके।

जिला प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे मेले में उपलब्ध शासकीय सेवाओं एवं योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाएं तथा आवश्यकता होने पर आधार पंजीयन एवं अपडेट की सुविधा का भी उपयोग करें। #Vidisha #JansamparkMP

मानोरा रथ यात्रा मेले में श्रद्धालुओं को मिलेगा शासकीय योजनाओं का लाभ, आधार पंजीयन एवं अपडेट के लिए विशेष काउंटर स्थापित .. कलेक्टर श्री अंशुल गुप्ता के निर्देशन में ग्राम मानोरा में आयोजित भगवान श्री जगन्नाथ स्वामी जी की रथ यात्रा मेले में आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा एवं उन्हें विभिन्न शासकीय योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराने के लिए व्यापक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं। जिला प्रशासन द्वारा मेले में विभिन्न विभागों के माध्यम से जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी एवं सेवाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई जा रही हैं, ताकि अधिक से अधिक नागरिक इनका लाभ प्राप्त कर सकें। गौरतलब है कि स्वामी भगवान श्री जगन्नाथ स्वामी जी की रथ यात्रा मेला का आयोजन 15 से 17 जुलाई तक मानोरा में किया जा रहा है, जिसमें जिले सहित आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। इसे ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने आवश्यक सुविधाओं के साथ-साथ जनसेवा संबंधी व्यवस्थाएं भी सुनिश्चित की हैं। कलेक्टर श्री अंशुल गुप्ता के निर्देशानुसार मेले में आधार पंजीयन एवं आधार अपडेट के लिए पृथक काउंटर स्थापित किए गए हैं। इन काउंटरों पर नए आधार कार्ड बनवाने, नाम, पता, जन्मतिथि, मोबाइल नंबर सहित अन्य आवश्यक संशोधन एवं अद्यतन की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। इससे मेले में आने वाले नागरिकों को आधार संबंधी कार्यों के लिए अलग से कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। इसके साथ ही विभिन्न विभागों द्वारा शासन की जनहितकारी योजनाओं की जानकारी, पात्र हितग्राहियों का मार्गदर्शन तथा आवश्यक सेवाएं भी उपलब्ध कराई जा रही हैं। जिला प्रशासन का उद्देश्य धार्मिक आयोजन के साथ-साथ जनसेवा को भी प्रभावी रूप से जोड़ना है, ताकि श्रद्धालुओं को एक ही स्थान पर सुविधाओं का लाभ मिल सके। जिला प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे मेले में उपलब्ध शासकीय सेवाओं एवं योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाएं तथा आवश्यकता होने पर आधार पंजीयन एवं अपडेट की सुविधा का भी उपयोग करें। #Vidisha #JansamparkMP

Vidisha, Madhya Pradesh | Jul 16, 2026

केंद्रीय पशु कल्याण बोर्ड सदस्य श्री राम रघुवंशी ने पशु संरक्षण एवं गौशालाओं की व्यवस्थाओं की समीक्षा की, विभागों को प्रभावी कार्ययोजना बनाने के निर्देश
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भारत सरकार के मत्स्य पालन, पशुपालन एवं डेयरी मंत्रालय के अंतर्गत पशु बोर्ड के सदस्य (सचिव स्तर) एवं वधशाला समिति के अध्यक्ष श्री राम रघुवंशी ने आज विदिशा भ्रमण कार्यक्रम के दौरान जिला स्तरीय समीक्षा बैठक  में पशु संरक्षण, गौशालाओं के संचालन, आवारा पशुओं के प्रबंधन, वन्यजीव संरक्षण, सड़क सुरक्षा तथा अवैध पशु परिवहन एवं वध की रोकथाम से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तृत समीक्षा की गई। संबंधित विभागों के अधिकारियों ने अपने-अपने विभागों की प्रगति एवं कार्ययोजनाओं का प्रस्तुतिकरण किया।
      
सदस्य श्री रघुवंशी ने विदिशा जिले की सड़कों पर गौवंश विचरण न करें इसके लिए संयुक्त रूप से स्थाई प्रयास करने पर बल दिया है। उन्होंने कहा कि एनएचएआई नेशनल हाईवे सड़कों का निर्माण तो करती है पर सड़कों पर घूमने वाले पशुओं के संरक्षण हेतु वैकल्पिक व्यवस्थाएं जिला प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित कर कराना सुनिश्चित करें। टोल टैक्स,सड़क टेक्स की वसूली की जाती है पर एनीमल सेन्टर बनाने के भी कार्य किए जाएं।
    
सदस्य श्री राम रघुवंशी ने विदिशा जिले में संचालित शासकीय एवं अशासकीय गौशालाओं की विस्तृत जानकारी प्राप्त की है। उन्होंने इस क्षेत्र में नवाचार करने पर बल देते हुए सुझाव रखा कि निकायों, ग्रामों और गौशालाओं के पशुओं की सुगमता से पहचान हो सकें इसके लिए पशुओं के सींगों को क्रमशः ग्रीन,यलों और रेड़ कलर पोता जाएं। उन्होंने गौशालाओं में पानी बिजली और चारा के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए हैं।
    
बैठक में पुलिस विभाग से पशुओं के अवैध परिवहन एवं अवैध वध को रोकने के लिए की जा रही कार्रवाई, पशु क्रूरता और अवैध पशु व्यापार से संबंधित दर्ज प्रकरणों तथा उन पर की गई कार्रवाई की जानकारी ली गई। साथ ही पशुधन संरक्षण के लिए सुरक्षा व्यवस्था एवं प्रवर्तन उपायों की समीक्षा कर आवश्यक निर्देश दिए गए।
    
जिला पंचायत, जनपद पंचायत एवं स्थानीय निकायों से जिले में संचालित एवं निर्माणाधीन गौशालाओं की स्थिति, चारा, पेयजल, पशु चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता, बजट उपयोग, आधारभूत संरचना विकास तथा भविष्य में गौशालाओं को सुदृढ़ बनाने की योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
     
शहरी क्षेत्रों में आवारा पशुओं की समस्या पर नगर परिषद, नगर निगम एवं अन्य शहरी निकायों से सड़कों एवं सार्वजनिक स्थानों पर मवेशियों की आवाजाही रोकने के लिए किए जा रहे प्रयासों, पशु जन्म नियंत्रण (एबीसी) कार्यक्रम की प्रगति तथा आवारा पशुओं के सुरक्षित प्रबंधन की कार्ययोजना की समीक्षा की गई। पशुपालन विभाग से गौशालाओं के प्रबंधन एवं निगरानी, गर्मी एवं मानसून के दौरान पशुओं की सुरक्षा, आवारा पशुओं के पुनर्वास, टीकाकरण, उपचार एवं रोग नियंत्रण कार्यक्रमों की जानकारी प्राप्त कर व्यवस्थाओं को और अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश दिए गए।
     
वन विभाग की समीक्षा के दौरान वन क्षेत्रों की स्थिति, वन्यजीव संरक्षण, प्राकृतिक एवं कृत्रिम जल स्रोतों की उपलब्धता, वृक्षारोपण एवं वन पुनर्जनन कार्यों की समीक्षा की गई। साथ ही विदिशा जिले में तेंदुए की मृत्यु की घटना पर विस्तृत प्रस्तुति देते हुए मृत्यु के कारण, जांच निष्कर्ष, की गई कार्रवाई तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के उपायों पर चर्चा हुई।
    
परिवहन विभाग (आरटीओ) से राष्ट्रीय एवं राज्य राजमार्गों पर आवारा पशुओं की स्थिति, सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम, ब्लैक स्पॉट क्षेत्रों की पहचान, बाड़बंदी, संकेतक, टोल प्लाजा के समीप अस्थायी एवं स्थायी गौशालाओं की स्थापना तथा आवारा पशुओं के सुरक्षित पुनर्वास के लिए अंतरविभागीय समन्वय की समीक्षा की गई। पशुओं से होने वाली सड़क दुर्घटनाओं के राष्ट्रीय एवं राज्य स्तरीय आंकड़ों पर भी प्रस्तुतीकरण दिया गया।
    
खाद्य सुरक्षा विभाग एवं नगरीय निकायों से जिले में संचालित बूचड़खानों एवं मांस विक्रय प्रतिष्ठानों की लाइसेंस स्थिति, निरीक्षण, नियमों के पालन तथा अनधिकृत प्रतिष्ठानों के विरुद्ध की गई कार्रवाई की जानकारी ली गई।राजस्व विभाग एवं स्थानीय प्रशासन से गौशालाओं के लिए भूमि उपलब्धता, अतिक्रमण हटाने, भूमि अभिलेखों से संबंधित मामलों तथा विभागों के बीच समन्वय एवं निगरानी व्यवस्था की समीक्षा की गई।
    
बैठक के अंत में जिला प्रशासन द्वारा जिले में संचालित गौ संरक्षण एवं पशु कल्याण गतिविधियों की समग्र समीक्षा प्रस्तुत की गई। विभिन्न विभागों के समक्ष आने वाली चुनौतियों, उनके समाधान, समयबद्ध कार्ययोजना तथा विभागवार जिम्मेदारियों का निर्धारण करते हुए सभी अधिकारियों को समन्वित एवं प्रभावी ढंग से कार्य करने के निर्देश दिए गए। श्री राम रघुवंशी ने कहा कि पशु संरक्षण, गौ संवर्धन एवं वन्यजीव सुरक्षा शासन की प्राथमिकताओं में शामिल हैं और इनके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करना होगा।
    
कलेक्ट्रेट के बेतवा सभागार में आयोजित इस बैठक में अपर कलेक्टर श्री अनिल कुमार डामोर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री प्रशांत चौबे, जिला पंचायत सीईओ श्री ओपी सनोडिया, एसडीएम श्री अजय प्रताप सिंह पटेल समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी तथा गौशालाओं के प्रतिनिधि मौजूद रहे। #vidisha #JansamparkMP

केंद्रीय पशु कल्याण बोर्ड सदस्य श्री राम रघुवंशी ने पशु संरक्षण एवं गौशालाओं की व्यवस्थाओं की समीक्षा की, विभागों को प्रभावी कार्ययोजना बनाने के निर्देश .. भारत सरकार के मत्स्य पालन, पशुपालन एवं डेयरी मंत्रालय के अंतर्गत पशु बोर्ड के सदस्य (सचिव स्तर) एवं वधशाला समिति के अध्यक्ष श्री राम रघुवंशी ने आज विदिशा भ्रमण कार्यक्रम के दौरान जिला स्तरीय समीक्षा बैठक में पशु संरक्षण, गौशालाओं के संचालन, आवारा पशुओं के प्रबंधन, वन्यजीव संरक्षण, सड़क सुरक्षा तथा अवैध पशु परिवहन एवं वध की रोकथाम से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तृत समीक्षा की गई। संबंधित विभागों के अधिकारियों ने अपने-अपने विभागों की प्रगति एवं कार्ययोजनाओं का प्रस्तुतिकरण किया। सदस्य श्री रघुवंशी ने विदिशा जिले की सड़कों पर गौवंश विचरण न करें इसके लिए संयुक्त रूप से स्थाई प्रयास करने पर बल दिया है। उन्होंने कहा कि एनएचएआई नेशनल हाईवे सड़कों का निर्माण तो करती है पर सड़कों पर घूमने वाले पशुओं के संरक्षण हेतु वैकल्पिक व्यवस्थाएं जिला प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित कर कराना सुनिश्चित करें। टोल टैक्स,सड़क टेक्स की वसूली की जाती है पर एनीमल सेन्टर बनाने के भी कार्य किए जाएं। सदस्य श्री राम रघुवंशी ने विदिशा जिले में संचालित शासकीय एवं अशासकीय गौशालाओं की विस्तृत जानकारी प्राप्त की है। उन्होंने इस क्षेत्र में नवाचार करने पर बल देते हुए सुझाव रखा कि निकायों, ग्रामों और गौशालाओं के पशुओं की सुगमता से पहचान हो सकें इसके लिए पशुओं के सींगों को क्रमशः ग्रीन,यलों और रेड़ कलर पोता जाएं। उन्होंने गौशालाओं में पानी बिजली और चारा के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए हैं। बैठक में पुलिस विभाग से पशुओं के अवैध परिवहन एवं अवैध वध को रोकने के लिए की जा रही कार्रवाई, पशु क्रूरता और अवैध पशु व्यापार से संबंधित दर्ज प्रकरणों तथा उन पर की गई कार्रवाई की जानकारी ली गई। साथ ही पशुधन संरक्षण के लिए सुरक्षा व्यवस्था एवं प्रवर्तन उपायों की समीक्षा कर आवश्यक निर्देश दिए गए। जिला पंचायत, जनपद पंचायत एवं स्थानीय निकायों से जिले में संचालित एवं निर्माणाधीन गौशालाओं की स्थिति, चारा, पेयजल, पशु चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता, बजट उपयोग, आधारभूत संरचना विकास तथा भविष्य में गौशालाओं को सुदृढ़ बनाने की योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। शहरी क्षेत्रों में आवारा पशुओं की समस्या पर नगर परिषद, नगर निगम एवं अन्य शहरी निकायों से सड़कों एवं सार्वजनिक स्थानों पर मवेशियों की आवाजाही रोकने के लिए किए जा रहे प्रयासों, पशु जन्म नियंत्रण (एबीसी) कार्यक्रम की प्रगति तथा आवारा पशुओं के सुरक्षित प्रबंधन की कार्ययोजना की समीक्षा की गई। पशुपालन विभाग से गौशालाओं के प्रबंधन एवं निगरानी, गर्मी एवं मानसून के दौरान पशुओं की सुरक्षा, आवारा पशुओं के पुनर्वास, टीकाकरण, उपचार एवं रोग नियंत्रण कार्यक्रमों की जानकारी प्राप्त कर व्यवस्थाओं को और अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश दिए गए। वन विभाग की समीक्षा के दौरान वन क्षेत्रों की स्थिति, वन्यजीव संरक्षण, प्राकृतिक एवं कृत्रिम जल स्रोतों की उपलब्धता, वृक्षारोपण एवं वन पुनर्जनन कार्यों की समीक्षा की गई। साथ ही विदिशा जिले में तेंदुए की मृत्यु की घटना पर विस्तृत प्रस्तुति देते हुए मृत्यु के कारण, जांच निष्कर्ष, की गई कार्रवाई तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के उपायों पर चर्चा हुई। परिवहन विभाग (आरटीओ) से राष्ट्रीय एवं राज्य राजमार्गों पर आवारा पशुओं की स्थिति, सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम, ब्लैक स्पॉट क्षेत्रों की पहचान, बाड़बंदी, संकेतक, टोल प्लाजा के समीप अस्थायी एवं स्थायी गौशालाओं की स्थापना तथा आवारा पशुओं के सुरक्षित पुनर्वास के लिए अंतरविभागीय समन्वय की समीक्षा की गई। पशुओं से होने वाली सड़क दुर्घटनाओं के राष्ट्रीय एवं राज्य स्तरीय आंकड़ों पर भी प्रस्तुतीकरण दिया गया। खाद्य सुरक्षा विभाग एवं नगरीय निकायों से जिले में संचालित बूचड़खानों एवं मांस विक्रय प्रतिष्ठानों की लाइसेंस स्थिति, निरीक्षण, नियमों के पालन तथा अनधिकृत प्रतिष्ठानों के विरुद्ध की गई कार्रवाई की जानकारी ली गई।राजस्व विभाग एवं स्थानीय प्रशासन से गौशालाओं के लिए भूमि उपलब्धता, अतिक्रमण हटाने, भूमि अभिलेखों से संबंधित मामलों तथा विभागों के बीच समन्वय एवं निगरानी व्यवस्था की समीक्षा की गई। बैठक के अंत में जिला प्रशासन द्वारा जिले में संचालित गौ संरक्षण एवं पशु कल्याण गतिविधियों की समग्र समीक्षा प्रस्तुत की गई। विभिन्न विभागों के समक्ष आने वाली चुनौतियों, उनके समाधान, समयबद्ध कार्ययोजना तथा विभागवार जिम्मेदारियों का निर्धारण करते हुए सभी अधिकारियों को समन्वित एवं प्रभावी ढंग से कार्य करने के निर्देश दिए गए। श्री राम रघुवंशी ने कहा कि पशु संरक्षण, गौ संवर्धन एवं वन्यजीव सुरक्षा शासन की प्राथमिकताओं में शामिल हैं और इनके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करना होगा। कलेक्ट्रेट के बेतवा सभागार में आयोजित इस बैठक में अपर कलेक्टर श्री अनिल कुमार डामोर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री प्रशांत चौबे, जिला पंचायत सीईओ श्री ओपी सनोडिया, एसडीएम श्री अजय प्रताप सिंह पटेल समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी तथा गौशालाओं के प्रतिनिधि मौजूद रहे। #vidisha #JansamparkMP

Vidisha, Madhya Pradesh | Jul 15, 2026

डीएलसीसी बैठक संपन्न: लक्ष्य से सवा गुना प्रकरण बैंकों को भेजें, दिसंबर तक शत-प्रतिशत वित्तीय सहायता सुनिश्चित करें
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कलेक्टर श्री अंशुल गुप्ता के मार्गदर्शन में मंगलवार को कलेक्ट्रेट के बेतवा सभागार में जिला स्तरीय परामर्शदात्री समिति (डीएलसीसी) की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिला पंचायत सीईओ श्री ओपी सनोडिया ने विभिन्न बैंक शाखाओं एवं विभागों की योजनावार प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि निर्धारित लक्ष्य की तुलना में सवा गुना प्रकरण बैंकों को प्रेषित किए जाएं, ताकि परीक्षण एवं स्वीकृति की प्रक्रिया समय पर पूरी हो सके और दिसंबर 2026 तक सभी पात्र हितग्राहियों को शत-प्रतिशत वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जा सके।
     
बैठक में लीड बैंक अधिकारी श्री बीएस बघेल ने पिछली डीएलसीसी बैठक में दिए गए निर्देशों के अनुपालन में की गई कार्रवाई का प्रतिवेदन प्रस्तुत किया तथा विभिन्न योजनाओं की बैंकवार एवं विभागवार प्रगति से अवगत कराया।
    
बैठक में वित्तीय वर्ष 2025-26 की मार्च 2026 तिमाही के बैंकिंग विकास कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई। साथ ही भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के डीईएएफ (DEAF) फंड में जमा 10 वर्ष से अधिक समय से अपरिचालित शासकीय खातों की स्थिति पर भी चर्चा की गई।
    
इस अवसर पर प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के अंतर्गत पात्र हितग्राहियों को लाभान्वित करने की प्रगति, प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना, स्वयं सहायता समूहों के क्रेडिट लिंकेज, टंट्या मामा आर्थिक कल्याण योजना, डॉ. भीमराव अंबेडकर आर्थिक कल्याण योजना, विमुक्त, घुमंतू एवं अर्द्धघुमंतू स्वरोजगार योजना, प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन (पीएमएफएमई) योजना तथा मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना की समीक्षा की गई।
    
बैठक में डेयरी किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी), मत्स्य पालन ऋण एवं मत्स्य केसीसी प्रकरणों की प्रगति का भी मूल्यांकन किया गया। इसके साथ ही आकांक्षी जिला कार्यक्रम के अंतर्गत निर्धारित प्रमुख प्रदर्शन संकेतकों (केपीआई) की उपलब्धियों की समीक्षा कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
     
इसके अतिरिक्त पोर्टल पर दर्ज आरआरसी प्रकरणों, आरआरसी वसूली एवं कमीशन भुगतान की स्थिति, स्वयं सहायता समूह के सदस्यों को डेयरी केसीसी उपलब्ध कराने के लिए संचालित पायलट प्रोजेक्ट की बैंक शाखावार समीक्षा भी की गई। बैठक में विदिशा शहर के खरीफाटक क्षेत्र में बैंक शाखाओं के सामने पार्किंग व्यवस्था के अभाव में उत्पन्न होने वाली यातायात जाम की समस्या पर भी चर्चा करते हुए समाधान के लिए आवश्यक कदम उठाने पर जोर दिया गया।
   
बैठक के दौरान विभिन्न बीमा योजनाओं की जानकारी भी साझा की गई तथा संबंधित विभागों और बैंक अधिकारियों को योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाने के निर्देश दिए गए। बैठक में विभिन्न विभागों के जिला अधिकारी, बैंकर्स समिति के प्रतिनिधि एवं संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। #vidisha

डीएलसीसी बैठक संपन्न: लक्ष्य से सवा गुना प्रकरण बैंकों को भेजें, दिसंबर तक शत-प्रतिशत वित्तीय सहायता सुनिश्चित करें .. कलेक्टर श्री अंशुल गुप्ता के मार्गदर्शन में मंगलवार को कलेक्ट्रेट के बेतवा सभागार में जिला स्तरीय परामर्शदात्री समिति (डीएलसीसी) की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिला पंचायत सीईओ श्री ओपी सनोडिया ने विभिन्न बैंक शाखाओं एवं विभागों की योजनावार प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि निर्धारित लक्ष्य की तुलना में सवा गुना प्रकरण बैंकों को प्रेषित किए जाएं, ताकि परीक्षण एवं स्वीकृति की प्रक्रिया समय पर पूरी हो सके और दिसंबर 2026 तक सभी पात्र हितग्राहियों को शत-प्रतिशत वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जा सके। बैठक में लीड बैंक अधिकारी श्री बीएस बघेल ने पिछली डीएलसीसी बैठक में दिए गए निर्देशों के अनुपालन में की गई कार्रवाई का प्रतिवेदन प्रस्तुत किया तथा विभिन्न योजनाओं की बैंकवार एवं विभागवार प्रगति से अवगत कराया। बैठक में वित्तीय वर्ष 2025-26 की मार्च 2026 तिमाही के बैंकिंग विकास कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई। साथ ही भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के डीईएएफ (DEAF) फंड में जमा 10 वर्ष से अधिक समय से अपरिचालित शासकीय खातों की स्थिति पर भी चर्चा की गई। इस अवसर पर प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के अंतर्गत पात्र हितग्राहियों को लाभान्वित करने की प्रगति, प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना, स्वयं सहायता समूहों के क्रेडिट लिंकेज, टंट्या मामा आर्थिक कल्याण योजना, डॉ. भीमराव अंबेडकर आर्थिक कल्याण योजना, विमुक्त, घुमंतू एवं अर्द्धघुमंतू स्वरोजगार योजना, प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन (पीएमएफएमई) योजना तथा मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना की समीक्षा की गई। बैठक में डेयरी किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी), मत्स्य पालन ऋण एवं मत्स्य केसीसी प्रकरणों की प्रगति का भी मूल्यांकन किया गया। इसके साथ ही आकांक्षी जिला कार्यक्रम के अंतर्गत निर्धारित प्रमुख प्रदर्शन संकेतकों (केपीआई) की उपलब्धियों की समीक्षा कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। इसके अतिरिक्त पोर्टल पर दर्ज आरआरसी प्रकरणों, आरआरसी वसूली एवं कमीशन भुगतान की स्थिति, स्वयं सहायता समूह के सदस्यों को डेयरी केसीसी उपलब्ध कराने के लिए संचालित पायलट प्रोजेक्ट की बैंक शाखावार समीक्षा भी की गई। बैठक में विदिशा शहर के खरीफाटक क्षेत्र में बैंक शाखाओं के सामने पार्किंग व्यवस्था के अभाव में उत्पन्न होने वाली यातायात जाम की समस्या पर भी चर्चा करते हुए समाधान के लिए आवश्यक कदम उठाने पर जोर दिया गया। बैठक के दौरान विभिन्न बीमा योजनाओं की जानकारी भी साझा की गई तथा संबंधित विभागों और बैंक अधिकारियों को योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाने के निर्देश दिए गए। बैठक में विभिन्न विभागों के जिला अधिकारी, बैंकर्स समिति के प्रतिनिधि एवं संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। #vidisha

Vidisha, Madhya Pradesh | Jul 14, 2026

अमृत सरोवरों में मत्स्य पालन सुनिश्चित करने के निर्देश, मत्स्य एवं ग्रामीण विकास विभाग मिलकर करें कार्य 
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कलेक्टर श्री अंशुल गुप्ता ने लंबित आवेदनों की समीक्षा बैठक के दौरान जिले के अमृत सरोवरों का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने मत्स्य विभाग एवं ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारियों को संयुक्त रूप से कार्य करते हुए सभी उपयुक्त अमृत सरोवरों में मत्स्य पालन प्रारंभ कराने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

कलेक्टर श्री गुप्ता ने कहा कि अमृत सरोवर केवल जल संरक्षण तक सीमित न रहें, बल्कि उनका उपयोग ग्रामीणों की आजीविका बढ़ाने और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर सृजित करने के लिए भी किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को ऐसे सभी अमृत सरोवरों का सर्वे कर मत्स्य पालन के लिए उपयुक्त जलाशयों का चिन्हांकन करने तथा आवश्यक औपचारिकताएं शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मत्स्य विभाग और ग्रामीण विकास विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्ययोजना बनाकर अमृत सरोवरों में मत्स्य पालन गतिविधियों को समयबद्ध तरीके से शुरू कराएं, ताकि ग्रामीणों एवं मत्स्य पालकों को इसका लाभ मिल सके और अमृत सरोवरों का बहुउद्देशीय उपयोग सुनिश्चित हो।

मत्स्य उत्पादन बढ़ाने की पहल, जिले के 244 तालाब पट्टे पर दिए जाएंगे -
विदिशा जिले में वर्ष 2026-27 के लिए मत्स्य पालन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से तालाब एवं जलाशयों के पट्टा आवंटन की प्रक्रिया प्रारंभ की जा रही है। इस वर्ष जिले में कुल 244 तालाबों एवं जलाशयों का पट्टा आवंटन किया जाएगा, जिनका कुल जलक्षेत्र 2290.54 हेक्टेयर है। इससे मत्स्य सहकारी समितियों, स्व-सहायता समूहों तथा पात्र मत्स्य पालकों को रोजगार एवं आय बढ़ाने का अवसर मिलेगा।

जारी जानकारी के अनुसार जिले में 224 ग्रामीण तालाब उपलब्ध हैं, जिनका कुल जलक्षेत्र 786.26 हेक्टेयर है। इसके अतिरिक्त जनपद पंचायत के अधीन 13 जलाशय हैं, जिनका जलक्षेत्र 622.50 हेक्टेयर है, जबकि जिला पंचायत के अधीन 7 जलाशय हैं, जिनका कुल जलक्षेत्र 1581.78 हेक्टेयर है। सिंचाई विभाग के जलाशयों से संबंधित इस वर्ष कोई आवंटन प्रस्तावित नहीं है। इस प्रकार जिले में कुल 244 तालाबों एवं जलाशयों का पट्टा आवंटन किया जाएगा।

मत्स्य विभाग द्वारा निर्धारित नियमों एवं पात्रता के अनुसार पट्टा आवंटन की कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने पात्र मत्स्य सहकारी समितियों, स्व-सहायता समूहों एवं इच्छुक मत्स्य पालकों से समय-सीमा के भीतर आवेदन प्रस्तुत करने का आग्रह किया है। इस पहल का उद्देश्य जिले में मत्स्य उत्पादन बढ़ाना, उपलब्ध जल संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करना तथा ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार और आजीविका के नए अवसर उपलब्ध कराना है। इससे मत्स्य पालन गतिविधियों को गति मिलने के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर आर्थिक सशक्तिकरण को भी बढ़ावा मिलेगा। #vidisha

अमृत सरोवरों में मत्स्य पालन सुनिश्चित करने के निर्देश, मत्स्य एवं ग्रामीण विकास विभाग मिलकर करें कार्य .. कलेक्टर श्री अंशुल गुप्ता ने लंबित आवेदनों की समीक्षा बैठक के दौरान जिले के अमृत सरोवरों का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने मत्स्य विभाग एवं ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारियों को संयुक्त रूप से कार्य करते हुए सभी उपयुक्त अमृत सरोवरों में मत्स्य पालन प्रारंभ कराने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। कलेक्टर श्री गुप्ता ने कहा कि अमृत सरोवर केवल जल संरक्षण तक सीमित न रहें, बल्कि उनका उपयोग ग्रामीणों की आजीविका बढ़ाने और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर सृजित करने के लिए भी किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को ऐसे सभी अमृत सरोवरों का सर्वे कर मत्स्य पालन के लिए उपयुक्त जलाशयों का चिन्हांकन करने तथा आवश्यक औपचारिकताएं शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मत्स्य विभाग और ग्रामीण विकास विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्ययोजना बनाकर अमृत सरोवरों में मत्स्य पालन गतिविधियों को समयबद्ध तरीके से शुरू कराएं, ताकि ग्रामीणों एवं मत्स्य पालकों को इसका लाभ मिल सके और अमृत सरोवरों का बहुउद्देशीय उपयोग सुनिश्चित हो। मत्स्य उत्पादन बढ़ाने की पहल, जिले के 244 तालाब पट्टे पर दिए जाएंगे - विदिशा जिले में वर्ष 2026-27 के लिए मत्स्य पालन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से तालाब एवं जलाशयों के पट्टा आवंटन की प्रक्रिया प्रारंभ की जा रही है। इस वर्ष जिले में कुल 244 तालाबों एवं जलाशयों का पट्टा आवंटन किया जाएगा, जिनका कुल जलक्षेत्र 2290.54 हेक्टेयर है। इससे मत्स्य सहकारी समितियों, स्व-सहायता समूहों तथा पात्र मत्स्य पालकों को रोजगार एवं आय बढ़ाने का अवसर मिलेगा। जारी जानकारी के अनुसार जिले में 224 ग्रामीण तालाब उपलब्ध हैं, जिनका कुल जलक्षेत्र 786.26 हेक्टेयर है। इसके अतिरिक्त जनपद पंचायत के अधीन 13 जलाशय हैं, जिनका जलक्षेत्र 622.50 हेक्टेयर है, जबकि जिला पंचायत के अधीन 7 जलाशय हैं, जिनका कुल जलक्षेत्र 1581.78 हेक्टेयर है। सिंचाई विभाग के जलाशयों से संबंधित इस वर्ष कोई आवंटन प्रस्तावित नहीं है। इस प्रकार जिले में कुल 244 तालाबों एवं जलाशयों का पट्टा आवंटन किया जाएगा। मत्स्य विभाग द्वारा निर्धारित नियमों एवं पात्रता के अनुसार पट्टा आवंटन की कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने पात्र मत्स्य सहकारी समितियों, स्व-सहायता समूहों एवं इच्छुक मत्स्य पालकों से समय-सीमा के भीतर आवेदन प्रस्तुत करने का आग्रह किया है। इस पहल का उद्देश्य जिले में मत्स्य उत्पादन बढ़ाना, उपलब्ध जल संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करना तथा ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार और आजीविका के नए अवसर उपलब्ध कराना है। इससे मत्स्य पालन गतिविधियों को गति मिलने के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर आर्थिक सशक्तिकरण को भी बढ़ावा मिलेगा। #vidisha

Vidisha, Madhya Pradesh | Jul 13, 2026