चीनोर: दादा पूरन सिंह किलेदार का पक्षी और जानवरों से प्रेम
पक्षी और जानवरों के साथ प्रेम का रिश्ता इंसान के लिए यह बहुत ही गहरा सुकून देने वाला और परिवर्तन कारी अनुभव होता है। निस्वार्थ और स्नेह और बिना किसी स्वार्थ के जुड़ाव का सबसे बेहतरीन उदाहरण ग्राम मस्तूरा में देखने को मिला है। बताते हैं कि दादा की एक आवाज पर चिड़िया और गिलहरी दौड़ी चली आती हैं।