जाखू रोपवे में आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए मॉक ड्रिल, यात्रियों को सुरक्षित निकालने की प्रक्रिया का किया अभ्यास
शिमला। जाखू रोपवे में बुधवार सुबह आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से मॉक ड्रिल आयोजित की गई। यह अभ्यास सुबह करीब 10 बजे शुरू हुआ, जिसमें स्थानीय प्रशासन के आह्वान पर एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, अग्निशमन विभाग और रोपवे की विशेषज्ञ टीम ने भाग लिया। मॉक ड्रिल में रोपवे के 20 कर्मचारी भी शामिल रहे।
जाखू रोपवे के प्रबंधक मदन शर्मा ने बताया कि इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य किसी भी आपातकालीन स्थिति में रोपवे में फंसे यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकालने की प्रक्रिया का अभ्यास करना है। उन्होंने कहा कि यदि भविष्य में रोपवे में किसी तरह की तकनीकी समस्या आती है या यात्री बीच रास्ते में फंस जाते हैं, तो ऐसी स्थिति में यात्रियों को सुरक्षित निकालने के लिए किस तरह की कार्रवाई की जाएगी, इसी की तैयारी मॉक ड्रिल के माध्यम से की जा रही है।
उन्होंने बताया कि रोपवे में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने के लिए दो प्रकार की मॉक ड्रिल आयोजित की जाती हैं। स्थानीय प्रशासन के सहयोग से होने वाली मॉक ड्रिल हर छह महीने में आयोजित की जाती है, यानी वर्ष में दो बार इसका अभ्यास किया जाता है। इसके अतिरिक्त रोपवे प्रबंधन की ओर से हर महीने आंतरिक मॉक ड्रिल भी करवाई जाती है।
मदन शर्मा ने कहा कि मॉक ड्रिल के दौरान रोपवे को प्रदर्शन के उद्देश्य से रोका गया है। यदि आसपास मौजूद लोग रोपवे को बीच में रुका हुआ देख रहे हैं, तो उन्हें घबराने की आवश्यकता नहीं है। यह किसी वास्तविक आपातकालीन स्थिति के कारण नहीं, बल्कि सुरक्षा अभ्यास के तहत किया गया है।
उन्होंने कहा कि इस अभ्यास के माध्यम से यह जांचा जा रहा है कि आपातकालीन स्थिति में यात्रियों को सुरक्षित निकालने के लिए रोपवे की वैकल्पिक व्यवस्था और बचाव योजना कितनी प्रभावी है। इसका उद्देश्य कर्मचारियों और बचाव दलों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना तथा किसी भी अप्रत्याशित परिस्थिति से निपटने की तैयारी को मजबूत करना है।