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कांगड़ा: सुक्खू सरकार में प्रदेश की आर्थिक बदहाली और बिगड़ती कानून-व्यवस्था की ओर बढ़ा: राकेश शर्मा

Kangra, Kangra | Jun 22, 2026

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धर्मशाला : 23 जून 2026:* राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय रंगमंडल द्वारा आयोजित ‘हिम रंग षष्ठी’ ग्रीष्मकालीन नाट्योत्सव के धर्मशाला संस्करण का  सफलतापूर्वक समापन  इस अवसर पर विनय कुमार , अतिरिक्त उपायुक्त, कांगड़ा ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की।
नाट्योत्सव के द्वितीय एवं अंतिम दिवस पर राजकीय महाविद्यालय के निकट स्थित अंतरंग सभागार में लेखक मिथिलेश्वर की चर्चित कहानी पर आधारित नाटक ‘बाबूजी’ का मंचन किया गया।
इस नाटक का नाट्य रूपांतरण विभांशु वैभव ने किया है तथा निर्देशन रंगमंडल प्रमुख श्री राजेश सिंह ने किया है। लोकप्रिय नौटंकी शैली में प्रस्तुत इस नाटक में सजीव संगीत, लोकधर्मी रंग-शैली और प्रभावशाली अभिनय के माध्यम से एक कलाकार के जीवन-संघर्ष को मार्मिक ढंग से मंच पर प्रस्तुत किया गया।
‘बाबूजी’ एक ऐसे रंगकर्मी की कहानी है, जिसने सामाजिक अस्वीकृति, पारिवारिक विघटन और आर्थिक कठिनाइयों के बावजूद कला के प्रति अपने समर्पण को कभी नहीं छोड़ा। नाटक का केंद्रीय पात्र लल्लन सिंह उर्फ ‘बाबूजी’ अपने अनुभवों और संघर्षों के माध्यम से उन असंख्य कलाकारों का प्रतिनिधित्व करता है, जिन्हें समाज अक्सर गलत समझता है, लेकिन जिनकी प्रतिबद्धता कला के प्रति अटूट रहती है। कथा में पारिवारिक रिश्तों की जटिलता, सामाजिक पूर्वाग्रह, कलाकारों की असुरक्षा तथा कला के लिए किए गए त्याग को प्रभावशाली ढंग से उकेरा गया है।
उत्तर भारत की पारंपरिक नौटंकी शैली में प्रस्तुत इस नाटक ने सजीव संगीत, गीतों और प्रभावपूर्ण अभिनय के माध्यम से दर्शकों को बांधे रखा। नाटक  कई महत्वपूर्ण सामाजिक प्रश्नों से भी रूबरू कराती है। नाटक यह रेखांकित करता है कि कला केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि जीवन-दृष्टि और आत्म-अभिव्यक्ति का सशक्त साधन भी है।
नाटक के प्रमुख कलाकारों में राजेश सिंह, शिव प्रसाद, पूनम दहिया, शिल्पा भारती, अनंत शर्मा, सत्येन्द्र मलिक, अंकुर सिंह, प्रतीक वडेरा, आलोक कुमार, तबिश खान, मुजीबुर रहमान तथा अप्सरा खान शामिल रहे।
उल्लेखनीय है कि ‘हिम रंग षष्ठी’ ग्रीष्मकालीन नाट्योत्सव राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय रंगमंडल के ‘रंग षष्ठी’ समारोह का हिस्सा है, जो रंगमंडल की स्थापना के 60 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित किया जा रहा है। इस अवसर पर रंगमंडल देश के विभिन्न भागों में अपनी चर्चित नाट्य प्रस्तुतियों का मंचन कर रहा है।
इस नाट्य श्रृंखला का अगला पड़ाव हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला होगा, जहाँ रंगमंडल के कलाकार मॉल रोड स्थित गेइटी थिएटर में अपनी चर्चित प्रस्तुतियों का मंचन करेंगे।
इस अवसर पर  वरिष्ठ साहित्यकार व पूर्व प्रशासनिक अधिकारी  प्रभात शर्मा , बिहारी लाल शर्मा उप निदेशक भाषा एवं संस्कृति विभाग, अनिल हारटा सहायक, निदेशक भाषा एवं संस्कृति विभाग,  डीपीआरओ विनय शर्मा, क्यूरेटर कांगड़ा कला संग्रहालय रितु मलकोटिया  डीपीओ प्लानिंग डॉ० अजय रत्न, डीलओ कांगड़ा अमित गुलेरी, रंगकर्मी रोहित बोहरा, सरस्वती स्वर संगम धर्मशाला की अध्यक्ष पूनम, शैशव, विनोद शांडिल भी उपस्थित रहे।

धर्मशाला : 23 जून 2026:* राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय रंगमंडल द्वारा आयोजित ‘हिम रंग षष्ठी’ ग्रीष्मकालीन नाट्योत्सव के धर्मशाला संस्करण का सफलतापूर्वक समापन इस अवसर पर विनय कुमार , अतिरिक्त उपायुक्त, कांगड़ा ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। नाट्योत्सव के द्वितीय एवं अंतिम दिवस पर राजकीय महाविद्यालय के निकट स्थित अंतरंग सभागार में लेखक मिथिलेश्वर की चर्चित कहानी पर आधारित नाटक ‘बाबूजी’ का मंचन किया गया। इस नाटक का नाट्य रूपांतरण विभांशु वैभव ने किया है तथा निर्देशन रंगमंडल प्रमुख श्री राजेश सिंह ने किया है। लोकप्रिय नौटंकी शैली में प्रस्तुत इस नाटक में सजीव संगीत, लोकधर्मी रंग-शैली और प्रभावशाली अभिनय के माध्यम से एक कलाकार के जीवन-संघर्ष को मार्मिक ढंग से मंच पर प्रस्तुत किया गया। ‘बाबूजी’ एक ऐसे रंगकर्मी की कहानी है, जिसने सामाजिक अस्वीकृति, पारिवारिक विघटन और आर्थिक कठिनाइयों के बावजूद कला के प्रति अपने समर्पण को कभी नहीं छोड़ा। नाटक का केंद्रीय पात्र लल्लन सिंह उर्फ ‘बाबूजी’ अपने अनुभवों और संघर्षों के माध्यम से उन असंख्य कलाकारों का प्रतिनिधित्व करता है, जिन्हें समाज अक्सर गलत समझता है, लेकिन जिनकी प्रतिबद्धता कला के प्रति अटूट रहती है। कथा में पारिवारिक रिश्तों की जटिलता, सामाजिक पूर्वाग्रह, कलाकारों की असुरक्षा तथा कला के लिए किए गए त्याग को प्रभावशाली ढंग से उकेरा गया है। उत्तर भारत की पारंपरिक नौटंकी शैली में प्रस्तुत इस नाटक ने सजीव संगीत, गीतों और प्रभावपूर्ण अभिनय के माध्यम से दर्शकों को बांधे रखा। नाटक कई महत्वपूर्ण सामाजिक प्रश्नों से भी रूबरू कराती है। नाटक यह रेखांकित करता है कि कला केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि जीवन-दृष्टि और आत्म-अभिव्यक्ति का सशक्त साधन भी है। नाटक के प्रमुख कलाकारों में राजेश सिंह, शिव प्रसाद, पूनम दहिया, शिल्पा भारती, अनंत शर्मा, सत्येन्द्र मलिक, अंकुर सिंह, प्रतीक वडेरा, आलोक कुमार, तबिश खान, मुजीबुर रहमान तथा अप्सरा खान शामिल रहे। उल्लेखनीय है कि ‘हिम रंग षष्ठी’ ग्रीष्मकालीन नाट्योत्सव राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय रंगमंडल के ‘रंग षष्ठी’ समारोह का हिस्सा है, जो रंगमंडल की स्थापना के 60 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित किया जा रहा है। इस अवसर पर रंगमंडल देश के विभिन्न भागों में अपनी चर्चित नाट्य प्रस्तुतियों का मंचन कर रहा है। इस नाट्य श्रृंखला का अगला पड़ाव हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला होगा, जहाँ रंगमंडल के कलाकार मॉल रोड स्थित गेइटी थिएटर में अपनी चर्चित प्रस्तुतियों का मंचन करेंगे। इस अवसर पर वरिष्ठ साहित्यकार व पूर्व प्रशासनिक अधिकारी प्रभात शर्मा , बिहारी लाल शर्मा उप निदेशक भाषा एवं संस्कृति विभाग, अनिल हारटा सहायक, निदेशक भाषा एवं संस्कृति विभाग, डीपीआरओ विनय शर्मा, क्यूरेटर कांगड़ा कला संग्रहालय रितु मलकोटिया डीपीओ प्लानिंग डॉ० अजय रत्न, डीलओ कांगड़ा अमित गुलेरी, रंगकर्मी रोहित बोहरा, सरस्वती स्वर संगम धर्मशाला की अध्यक्ष पूनम, शैशव, विनोद शांडिल भी उपस्थित रहे।

Kangra, Kangra | Jun 23, 2026

कांगड़ा : नशे पर चोट और खेल भावना से आगे बढ़ें युवा, पेशेवर खिलाड़ी बनकर देश-दुनिया में बनाएं पहचान : कुमार सुमीत | Kangra Express 

जातिवाद और क्षेत्रवाद से ऊपर उठकर खेलों में उत्कृष्टता हासिल करने का किया आह्वान, कहा— IOC का लोगो एकता, खेल भावना और वैश्विक भाईचारे का प्रतीक

कांगड़ा, 23 जून। अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक दिवस के अवसर पर जिला कांगड़ा ओलंपिक संघ द्वारा एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में हिमाचल प्रदेश ओलंपिक संघ के सदस्य एवं पूर्व सचिव एचपीसीए कुमार सुमीत उपस्थित रहे। इस अवसर पर आयोजन समिति अध्यक्ष एवं वास्केटबाल संघ के प्रदेश अध्यक्ष मुनीश शर्मा एवं निवर्तमान जिला परिषद अध्यक्ष रमेश बरार ने भी सम्बोधन कर खिलाड़ीयों को प्रोत्साहित प्रोत्साहित किया।साथ मे खेल प्रेमियों, खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों तथा विभिन्न खेल संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।मुनीश ने अपने सम्बोधन मे स्वागत एवं कार्यक्रम की जानकारी रखी।सत्येंदर ने मुख्यातिथि एवं अन्य उपस्थित लोगों का स्वागत किया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कुमार सुमीत ने युवाओं का आह्वान किया कि वे नशे जैसी सामाजिक बुराइयों से दूर रहकर खेलों को अपने जीवन का हिस्सा बनाएं। उन्होंने कहा कि खेल न केवल शरीर को स्वस्थ रखते हैं, बल्कि युवाओं को अनुशासन, आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और सकारात्मक सोच भी प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि आज के युवाओं को जातिवाद, क्षेत्रवाद और अन्य संकीर्ण विचारों से ऊपर उठकर एक पेशेवर खिलाड़ी के रूप में अपनी पहचान बनाने का प्रयास करना चाहिए।

उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (IOC) का लोगो विश्व एकता, खेल भावना और भाईचारे का प्रतीक है। ओलंपिक आंदोलन का मूल उद्देश्य खेलों के माध्यम से विभिन्न देशों, संस्कृतियों और समाजों को जोड़ना तथा शांति, सहयोग और सद्भावना को बढ़ावा देना है। उन्होंने कहा कि खेल युवाओं को नशे और अन्य सामाजिक बुराइयों से दूर रखने का सबसे प्रभावी माध्यम हैं।

कुमार सुमीत ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत में खेलों के क्षेत्र में अभूतपूर्व बदलाव देखने को मिले हैं। उन्होंने बताया कि सांसद अनुराग सिंह ठाकुर की अध्यक्षता में संचालित टारगेट ओलंपिक पोडियम स्कीम (TOPS) ने भारतीय खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाई हैं। इस समिति में राहुल द्रविड़, अभिनव बिंद्रा सहित कई प्रतिष्ठित खिलाड़ी और विशेषज्ञ शामिल रहे, जिनके मार्गदर्शन का लाभ देश के उभरते खिलाड़ियों को मिला।

उन्होंने कहा कि TOPS, खेलो इंडिया और फिट इंडिया जैसे अभियानों के कारण देश में खेल संस्कृति को नया विस्तार मिला है। खेलो इंडिया के माध्यम से लगभग 63 हजार खिलाड़ियों ने विभिन्न प्रतियोगिताओं में भाग लिया, जबकि फिट इंडिया अभियान से ढाई करोड़ से अधिक युवा जुड़े। इनमें से लगभग 300 प्रतिभाशाली खिलाड़ियों का चयन TOPS योजना के लिए किया गया, जिन्हें विश्वस्तरीय प्रशिक्षण और सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं।

उन्होंने कहा कि इन प्रयासों का सकारात्मक परिणाम राष्ट्रमंडल खेलों, एशियाई खेलों, ओलंपिक और पैरालंपिक प्रतियोगिताओं में स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। वर्ष 2018 और 2022 के राष्ट्रमंडल खेलों में भारत ने क्रमशः 66 और 61 पदक जीते, जबकि एशियाई खेलों में 2018 में 70 और 2022 में रिकॉर्ड 107 पदक हासिल किए। पैरालंपिक खेलों में भी भारत का प्रदर्शन लगातार बेहतर हुआ है और भारतीय खिलाड़ी विश्व मंच पर देश का गौरव बढ़ा रहे हैं।
सुमीत ने कहा कि अभी सभी सरकारों को खेलों के उत्थान के लिए बहुत कुछ करना है लेकिन पूर्व में जयराम ठाकुर की सरकार ने उत्कृष्ट प्रदर्शन वाले खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी में 3% आरक्षण देकर खेल के प्रति झुकाव को बढ़ाने एक प्रशंसनीय काम किया है। जयराम सरकार ने अपने कार्यकाल में खेल के बजट को भी उत्कृष्ट ढंग से बढ़ाया है। वर्तमान प्रदेश सरकार भी ओलंपिक, एशिया और कॉमनवेल्थ में विजेताओं की पारितोषिक राशि को बढ़ाने का निर्णय किया है। लेकिन अभी खेलों के लिए और करना बहुत जरूरी है।
उन्होंने बताया कि अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक दिवस मनाने का निर्णय वर्ष 1948 में लिया गया था और उस समय केवल 9 देशों में यह आयोजन हुआ था। वर्ष 1987 से प्रत्येक सदस्य देश में ओलंपिक डे रन तथा विभिन्न खेल गतिविधियों का आयोजन किया जाता है। इसी कड़ी में जिला कांगड़ा ओलंपिक संघ द्वारा भी यह कार्यक्रम आयोजित किया गया।

कार्यक्रम के अंत में खिलाड़ियों को खेलों में सक्रिय भागीदारी निभाने, स्वस्थ जीवनशैली अपनाने तथा राष्ट्र और प्रदेश का नाम रोशन करने के लिए प्रेरित किया गया। जिला कांगड़ा ओलंपिक संघ के पदाधिकारियों ने सभी प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए खेलों के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने का संकल्प दोहराया।कार्यक्रम मे ओलिंपिक संघ के जिला अध्यक्ष सत्येदर त्रेहन,एचपीसीए सयुंक्त सचिव विशाल शर्मा, विवेक धीमान, वरिंदर चौधरी ज़िप सदस्य ईशान और विनोद बरार,शुभम पार्षद, विनोद शर्मा,सुरेश,रिंकू चौधरी, मोना वालिया, चरणजीत पूरेवाल, पवन कुमार एवं संजीव रत्न इत्यादि उपस्थित रहे।

कांगड़ा : नशे पर चोट और खेल भावना से आगे बढ़ें युवा, पेशेवर खिलाड़ी बनकर देश-दुनिया में बनाएं पहचान : कुमार सुमीत | Kangra Express जातिवाद और क्षेत्रवाद से ऊपर उठकर खेलों में उत्कृष्टता हासिल करने का किया आह्वान, कहा— IOC का लोगो एकता, खेल भावना और वैश्विक भाईचारे का प्रतीक कांगड़ा, 23 जून। अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक दिवस के अवसर पर जिला कांगड़ा ओलंपिक संघ द्वारा एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में हिमाचल प्रदेश ओलंपिक संघ के सदस्य एवं पूर्व सचिव एचपीसीए कुमार सुमीत उपस्थित रहे। इस अवसर पर आयोजन समिति अध्यक्ष एवं वास्केटबाल संघ के प्रदेश अध्यक्ष मुनीश शर्मा एवं निवर्तमान जिला परिषद अध्यक्ष रमेश बरार ने भी सम्बोधन कर खिलाड़ीयों को प्रोत्साहित प्रोत्साहित किया।साथ मे खेल प्रेमियों, खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों तथा विभिन्न खेल संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।मुनीश ने अपने सम्बोधन मे स्वागत एवं कार्यक्रम की जानकारी रखी।सत्येंदर ने मुख्यातिथि एवं अन्य उपस्थित लोगों का स्वागत किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कुमार सुमीत ने युवाओं का आह्वान किया कि वे नशे जैसी सामाजिक बुराइयों से दूर रहकर खेलों को अपने जीवन का हिस्सा बनाएं। उन्होंने कहा कि खेल न केवल शरीर को स्वस्थ रखते हैं, बल्कि युवाओं को अनुशासन, आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और सकारात्मक सोच भी प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि आज के युवाओं को जातिवाद, क्षेत्रवाद और अन्य संकीर्ण विचारों से ऊपर उठकर एक पेशेवर खिलाड़ी के रूप में अपनी पहचान बनाने का प्रयास करना चाहिए। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (IOC) का लोगो विश्व एकता, खेल भावना और भाईचारे का प्रतीक है। ओलंपिक आंदोलन का मूल उद्देश्य खेलों के माध्यम से विभिन्न देशों, संस्कृतियों और समाजों को जोड़ना तथा शांति, सहयोग और सद्भावना को बढ़ावा देना है। उन्होंने कहा कि खेल युवाओं को नशे और अन्य सामाजिक बुराइयों से दूर रखने का सबसे प्रभावी माध्यम हैं। कुमार सुमीत ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत में खेलों के क्षेत्र में अभूतपूर्व बदलाव देखने को मिले हैं। उन्होंने बताया कि सांसद अनुराग सिंह ठाकुर की अध्यक्षता में संचालित टारगेट ओलंपिक पोडियम स्कीम (TOPS) ने भारतीय खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाई हैं। इस समिति में राहुल द्रविड़, अभिनव बिंद्रा सहित कई प्रतिष्ठित खिलाड़ी और विशेषज्ञ शामिल रहे, जिनके मार्गदर्शन का लाभ देश के उभरते खिलाड़ियों को मिला। उन्होंने कहा कि TOPS, खेलो इंडिया और फिट इंडिया जैसे अभियानों के कारण देश में खेल संस्कृति को नया विस्तार मिला है। खेलो इंडिया के माध्यम से लगभग 63 हजार खिलाड़ियों ने विभिन्न प्रतियोगिताओं में भाग लिया, जबकि फिट इंडिया अभियान से ढाई करोड़ से अधिक युवा जुड़े। इनमें से लगभग 300 प्रतिभाशाली खिलाड़ियों का चयन TOPS योजना के लिए किया गया, जिन्हें विश्वस्तरीय प्रशिक्षण और सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि इन प्रयासों का सकारात्मक परिणाम राष्ट्रमंडल खेलों, एशियाई खेलों, ओलंपिक और पैरालंपिक प्रतियोगिताओं में स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। वर्ष 2018 और 2022 के राष्ट्रमंडल खेलों में भारत ने क्रमशः 66 और 61 पदक जीते, जबकि एशियाई खेलों में 2018 में 70 और 2022 में रिकॉर्ड 107 पदक हासिल किए। पैरालंपिक खेलों में भी भारत का प्रदर्शन लगातार बेहतर हुआ है और भारतीय खिलाड़ी विश्व मंच पर देश का गौरव बढ़ा रहे हैं। सुमीत ने कहा कि अभी सभी सरकारों को खेलों के उत्थान के लिए बहुत कुछ करना है लेकिन पूर्व में जयराम ठाकुर की सरकार ने उत्कृष्ट प्रदर्शन वाले खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी में 3% आरक्षण देकर खेल के प्रति झुकाव को बढ़ाने एक प्रशंसनीय काम किया है। जयराम सरकार ने अपने कार्यकाल में खेल के बजट को भी उत्कृष्ट ढंग से बढ़ाया है। वर्तमान प्रदेश सरकार भी ओलंपिक, एशिया और कॉमनवेल्थ में विजेताओं की पारितोषिक राशि को बढ़ाने का निर्णय किया है। लेकिन अभी खेलों के लिए और करना बहुत जरूरी है। उन्होंने बताया कि अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक दिवस मनाने का निर्णय वर्ष 1948 में लिया गया था और उस समय केवल 9 देशों में यह आयोजन हुआ था। वर्ष 1987 से प्रत्येक सदस्य देश में ओलंपिक डे रन तथा विभिन्न खेल गतिविधियों का आयोजन किया जाता है। इसी कड़ी में जिला कांगड़ा ओलंपिक संघ द्वारा भी यह कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के अंत में खिलाड़ियों को खेलों में सक्रिय भागीदारी निभाने, स्वस्थ जीवनशैली अपनाने तथा राष्ट्र और प्रदेश का नाम रोशन करने के लिए प्रेरित किया गया। जिला कांगड़ा ओलंपिक संघ के पदाधिकारियों ने सभी प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए खेलों के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने का संकल्प दोहराया।कार्यक्रम मे ओलिंपिक संघ के जिला अध्यक्ष सत्येदर त्रेहन,एचपीसीए सयुंक्त सचिव विशाल शर्मा, विवेक धीमान, वरिंदर चौधरी ज़िप सदस्य ईशान और विनोद बरार,शुभम पार्षद, विनोद शर्मा,सुरेश,रिंकू चौधरी, मोना वालिया, चरणजीत पूरेवाल, पवन कुमार एवं संजीव रत्न इत्यादि उपस्थित रहे।

Kangra, Kangra | Jun 23, 2026

ग्राम पंचायत अलोह पहुंचे पूर्व मंत्री बिक्रम सिंह ठाकुर, नवनिर्वाचित प्रधान पंकज को दी शुभकामनाएं #kangralive 

क्षेत्रवासियों से किया संवाद, पंचायत के विकास में सहयोग का दिया भरोसा #dehra 

जसवां-परागपुर। कांगड़ा लाईव नेटवर्क 

पूर्व मंत्री एवं विधायक जसवां-परागपुर बिक्रम सिंह ठाकुर ने ग्राम पंचायत अलोह में आयोजित कार्यक्रम में शिरकत कर क्षेत्रवासियों से आत्मीय संवाद किया। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं और पंचायत क्षेत्र के विकास को लेकर चर्चा की।

कार्यक्रम में बिक्रम सिंह ठाकुर ने नवनिर्वाचित प्रधान पंकज को सम्मानित कर उनके सफल कार्यकाल के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि गांवों के विकास और जनसेवा को मजबूत करने में पंचायत प्रतिनिधियों की अहम भूमिका होती है।

उन्होंने विश्वास जताया कि नई पंचायत टीम अलोह क्षेत्र के सर्वांगीण विकास के लिए समर्पण भाव से कार्य करेगी। बिक्रम सिंह ठाकुर ने कहा कि क्षेत्र के विकास के लिए जनप्रतिनिधियों और जनता के बीच बेहतर समन्वय आवश्यक है।

ग्राम पंचायत अलोह पहुंचे पूर्व मंत्री बिक्रम सिंह ठाकुर, नवनिर्वाचित प्रधान पंकज को दी शुभकामनाएं #kangralive क्षेत्रवासियों से किया संवाद, पंचायत के विकास में सहयोग का दिया भरोसा #dehra जसवां-परागपुर। कांगड़ा लाईव नेटवर्क पूर्व मंत्री एवं विधायक जसवां-परागपुर बिक्रम सिंह ठाकुर ने ग्राम पंचायत अलोह में आयोजित कार्यक्रम में शिरकत कर क्षेत्रवासियों से आत्मीय संवाद किया। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं और पंचायत क्षेत्र के विकास को लेकर चर्चा की। कार्यक्रम में बिक्रम सिंह ठाकुर ने नवनिर्वाचित प्रधान पंकज को सम्मानित कर उनके सफल कार्यकाल के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि गांवों के विकास और जनसेवा को मजबूत करने में पंचायत प्रतिनिधियों की अहम भूमिका होती है। उन्होंने विश्वास जताया कि नई पंचायत टीम अलोह क्षेत्र के सर्वांगीण विकास के लिए समर्पण भाव से कार्य करेगी। बिक्रम सिंह ठाकुर ने कहा कि क्षेत्र के विकास के लिए जनप्रतिनिधियों और जनता के बीच बेहतर समन्वय आवश्यक है।

Kangra, Kangra | Jun 23, 2026

## हिमाचल प्रदेश फ़सल विविधीकरण परियोजना: देहरा में पोषण जागरूकता कार्यक्रम का सफल आयोजन #dehra #kangralive 
**ग्रामीण महिलाओं को मिला स्वास्थ्य और स्वाद का मंत्र; चुकंदर की खीर और लौकी के हलवे ने जीता दिल**
हिमाचल प्रदेश फ़सल विविधीकरण प्रोत्साहन परियोजना (HPCDP) चरण-II के अंतर्गत महिलाओं के स्वास्थ्य, खानपान और पोषण को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण **'पोषण जागरूकता कार्यक्रम'** का आयोजन किया गया। यह विशेष कार्यक्रम खंड परियोजना प्रबंधन इकाई (BPMU), देहरा के द्वारा खंड परियोजना प्रबंधक डॉ विवेक कंवर की अगुवाई में कृषि विस्तार अधिकारी पुनीत शर्मा के द्वारा आयोजित किया गया, जिसका सीधा लाभ ग्रामीण अंचल की महिलाओं को मिला।
इस जागरूकता शिविर का आयोजन मुख्य रूप से दो स्थानों पर किया गया:
 * **वहाब सिंचाई उप-परियोजना, चनौर**
 * **वहाब सिंचाई उप-परियोजना, कनोल**
### 👩‍⚕️ विशेषज्ञ द्वारा पोषण संबंधी महत्वपूर्ण मार्गदर्शन
ग्रामीण क्षेत्रों में अक्सर उचित जानकारी के अभाव में महिलाओं और बच्चों में कुपोषण या खून की कमी (एनीमिया) जैसी समस्याएँ देखने को मिलती हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए इस कार्यक्रम में **पोषण विशेषज्ञ अर्चना सूद** ने मुख्य वक्ता के रूप में शिरकत की।
उन्होंने उपस्थित महिलाओं को निम्नलिखित विषयों पर महत्वपूर्ण जानकारियाँ दीं:
 * **संतुलित आहार की आवश्यकता:** दैनिक भोजन में प्रोटीन, विटामिन्स, और मिनरल्स का सही संतुलन कैसे बनाए रखें।
 * **स्थानीय उपज का महत्व:** खेतों में उगाई जाने वाली ताज़ी और मौसमी सब्जियों का स्वास्थ्य के लिए अधिकतम लाभ कैसे उठाएं।
 * **महिलाओं और बच्चों का स्वास्थ्य:** बढ़ती उम्र के बच्चों और महिलाओं के लिए आवश्यक पोषक तत्वों की पूर्ति के सरल उपाय।
### 🍲 स्वाद और सेहत का संगम: सिखाए गए पौष्टिक व्यंजन
कार्यक्रम का सबसे रोचक और व्यावहारिक हिस्सा वह रहा जब पोषण विशेषज्ञ द्वारा स्थानीय सब्जियों को स्वादिष्ट और पौष्टिक व्यंजनों में बदलने की विधियाँ साझा की गईं। अक्सर बच्चे साधारण सब्जियां खाने से कतराते हैं, ऐसे में महिलाओं को कुछ नायाब और स्वास्थ्यवर्धक रेसिपीज़ बताई गईं:
 * **चुकंदर की खीर:** चुकंदर आयरन और एंटीऑक्सीडेंट्स का बेहतरीन स्रोत है। इसे खीर के रूप में बनाने की विधि सिखाई गई, जो शरीर में हीमोग्लोबिन बढ़ाने के साथ-साथ खाने में भी बेहद स्वादिष्ट होती है।
 * **लौकी का हलवा:** फाइबर और आवश्यक खनिजों से भरपूर लौकी से तैयार हलवा एक बेहतरीन और पौष्टिक मीठा विकल्प (डेज़र्ट) है, जिसे सेहत को नुकसान पहुँचाए बिना त्योहारों या आम दिनों में खाया जा सकता है।
 * **अन्य व्यंजन:** इसके अतिरिक्त, कई अन्य स्थानीय सब्जियों और अनाजों से तैयार होने वाले स्वास्थ्यवर्धक व्यंजनों की रेसिपी भी महिलाओं के साथ साझा की गई, ताकि उनके परिवार की थाली में विविधता और पोषण दोनों शामिल हो सकें।
### 🌱 परियोजना का उद्देश्य और प्रभाव
फ़सल विविधीकरण प्रोत्साहन परियोजना का मुख्य उद्देश्य केवल किसानों की नकदी फसलों के माध्यम से आय बढ़ाना ही नहीं है, बल्कि खेत से लेकर घर की रसोई तक **'पोषण सुरक्षा'** सुनिश्चित करना भी है।
इस तरह के जागरूकता कार्यक्रमों के दूरगामी प्रभाव होते हैं:
 1. **स्वास्थ्य के प्रति चेतना:** महिलाएँ अपने और अपने परिवार के स्वास्थ्य के प्रति अधिक जागरूक और सजग होती हैं।
 2. **फ़सल का सही उपयोग:** किसान परिवार अपनी ही उगाई गई सब्जियों और फसलों के पौष्टिक महत्व को समझकर उनका सही उपभोग करते हैं।
 3. **महिला सशक्तिकरण:** नई जानकारियों और कौशल से लैस होकर महिलाएँ परिवार के निर्णय लेने की प्रक्रिया में मजबूत भूमिका निभाती हैं।
**निष्कर्ष:**
खंड परियोजना प्रबंधन इकाई, देहरा द्वारा चनौर और कनोल में उठाया गया यह कदम ग्रामीण स्वास्थ्य सुधार की दिशा में एक सराहनीय प्रयास है। महिलाओं ने इस कार्यक्रम में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और पोषण विशेषज्ञ अर्चना सूद द्वारा दी गई व्यावहारिक और रोचक जानकारियों की खूब सराहना की।

## हिमाचल प्रदेश फ़सल विविधीकरण परियोजना: देहरा में पोषण जागरूकता कार्यक्रम का सफल आयोजन #dehra #kangralive **ग्रामीण महिलाओं को मिला स्वास्थ्य और स्वाद का मंत्र; चुकंदर की खीर और लौकी के हलवे ने जीता दिल** हिमाचल प्रदेश फ़सल विविधीकरण प्रोत्साहन परियोजना (HPCDP) चरण-II के अंतर्गत महिलाओं के स्वास्थ्य, खानपान और पोषण को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण **'पोषण जागरूकता कार्यक्रम'** का आयोजन किया गया। यह विशेष कार्यक्रम खंड परियोजना प्रबंधन इकाई (BPMU), देहरा के द्वारा खंड परियोजना प्रबंधक डॉ विवेक कंवर की अगुवाई में कृषि विस्तार अधिकारी पुनीत शर्मा के द्वारा आयोजित किया गया, जिसका सीधा लाभ ग्रामीण अंचल की महिलाओं को मिला। इस जागरूकता शिविर का आयोजन मुख्य रूप से दो स्थानों पर किया गया: * **वहाब सिंचाई उप-परियोजना, चनौर** * **वहाब सिंचाई उप-परियोजना, कनोल** ### 👩‍⚕️ विशेषज्ञ द्वारा पोषण संबंधी महत्वपूर्ण मार्गदर्शन ग्रामीण क्षेत्रों में अक्सर उचित जानकारी के अभाव में महिलाओं और बच्चों में कुपोषण या खून की कमी (एनीमिया) जैसी समस्याएँ देखने को मिलती हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए इस कार्यक्रम में **पोषण विशेषज्ञ अर्चना सूद** ने मुख्य वक्ता के रूप में शिरकत की। उन्होंने उपस्थित महिलाओं को निम्नलिखित विषयों पर महत्वपूर्ण जानकारियाँ दीं: * **संतुलित आहार की आवश्यकता:** दैनिक भोजन में प्रोटीन, विटामिन्स, और मिनरल्स का सही संतुलन कैसे बनाए रखें। * **स्थानीय उपज का महत्व:** खेतों में उगाई जाने वाली ताज़ी और मौसमी सब्जियों का स्वास्थ्य के लिए अधिकतम लाभ कैसे उठाएं। * **महिलाओं और बच्चों का स्वास्थ्य:** बढ़ती उम्र के बच्चों और महिलाओं के लिए आवश्यक पोषक तत्वों की पूर्ति के सरल उपाय। ### 🍲 स्वाद और सेहत का संगम: सिखाए गए पौष्टिक व्यंजन कार्यक्रम का सबसे रोचक और व्यावहारिक हिस्सा वह रहा जब पोषण विशेषज्ञ द्वारा स्थानीय सब्जियों को स्वादिष्ट और पौष्टिक व्यंजनों में बदलने की विधियाँ साझा की गईं। अक्सर बच्चे साधारण सब्जियां खाने से कतराते हैं, ऐसे में महिलाओं को कुछ नायाब और स्वास्थ्यवर्धक रेसिपीज़ बताई गईं: * **चुकंदर की खीर:** चुकंदर आयरन और एंटीऑक्सीडेंट्स का बेहतरीन स्रोत है। इसे खीर के रूप में बनाने की विधि सिखाई गई, जो शरीर में हीमोग्लोबिन बढ़ाने के साथ-साथ खाने में भी बेहद स्वादिष्ट होती है। * **लौकी का हलवा:** फाइबर और आवश्यक खनिजों से भरपूर लौकी से तैयार हलवा एक बेहतरीन और पौष्टिक मीठा विकल्प (डेज़र्ट) है, जिसे सेहत को नुकसान पहुँचाए बिना त्योहारों या आम दिनों में खाया जा सकता है। * **अन्य व्यंजन:** इसके अतिरिक्त, कई अन्य स्थानीय सब्जियों और अनाजों से तैयार होने वाले स्वास्थ्यवर्धक व्यंजनों की रेसिपी भी महिलाओं के साथ साझा की गई, ताकि उनके परिवार की थाली में विविधता और पोषण दोनों शामिल हो सकें। ### 🌱 परियोजना का उद्देश्य और प्रभाव फ़सल विविधीकरण प्रोत्साहन परियोजना का मुख्य उद्देश्य केवल किसानों की नकदी फसलों के माध्यम से आय बढ़ाना ही नहीं है, बल्कि खेत से लेकर घर की रसोई तक **'पोषण सुरक्षा'** सुनिश्चित करना भी है। इस तरह के जागरूकता कार्यक्रमों के दूरगामी प्रभाव होते हैं: 1. **स्वास्थ्य के प्रति चेतना:** महिलाएँ अपने और अपने परिवार के स्वास्थ्य के प्रति अधिक जागरूक और सजग होती हैं। 2. **फ़सल का सही उपयोग:** किसान परिवार अपनी ही उगाई गई सब्जियों और फसलों के पौष्टिक महत्व को समझकर उनका सही उपभोग करते हैं। 3. **महिला सशक्तिकरण:** नई जानकारियों और कौशल से लैस होकर महिलाएँ परिवार के निर्णय लेने की प्रक्रिया में मजबूत भूमिका निभाती हैं। **निष्कर्ष:** खंड परियोजना प्रबंधन इकाई, देहरा द्वारा चनौर और कनोल में उठाया गया यह कदम ग्रामीण स्वास्थ्य सुधार की दिशा में एक सराहनीय प्रयास है। महिलाओं ने इस कार्यक्रम में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और पोषण विशेषज्ञ अर्चना सूद द्वारा दी गई व्यावहारिक और रोचक जानकारियों की खूब सराहना की।

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