मुरैना - आजादी के 78 साल बाद भी बघरोली ग्राम पंचायत जस की तस।
कैलारस: बघरोली ग्राम पंचायत के गांव में बुनियादी सुविधाओं की कमी एक बार फिर सामने आई है। गांव की निवासी कंबोदा पत्नी श्रीपत राठौर (80 वर्ष) का निधन हो गया। उनके अंतिम संस्कार के लिए परिजनों और ग्रामीणों को करीब एक किलोमीटर दूर सुख नदी तक शव ले जाना पड़ा, क्योंकि गांव में आज तक श्मशान घाट की व्यवस्था नहीं है।
ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने पहले भी कई बार गांव में श्मशान घाट बनाए जाने की मांग प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के सामने रखी, लेकिन उन्हें केवल आश्वासन ही मिला। आज भी गांव की स्थिति जस की तस बनी हुई है।
बरसात के मौसम में यह समस्या और भी गंभीर हो जाती है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि अंतिम संस्कार के समय बारिश हो जाए, तो नदी तक पहुंचना और अंतिम संस्कार करना बेहद कठिन हो जाता है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि गांव में जल्द से जल्द श्मशान घाट का निर्माण कराया जाए, ताकि भविष्य में �