*मदद का हाथ:** बेल्थरारोड में पोखरे में डूबे मनीष के परिजनों को मिली ₹4 लाख की आर्थिक सहायता, परिजनों ने जताया आभार।
**सराहनीय प्रयास:** सभासद की मेहनत लाई रंग; बेल्थरारोड हादसे के पीड़ित परिवार को प्रशासन से मिली
**बलिया (बेल्थरारोड):** दुख की घड़ी में पीड़ित परिवार को एक बड़ा संबल मिला है। पिछले साल 17 नवंबर को रामलीला मैदान के पोखरे में डूबने से जान गंवाने वाले किसन के वृद्ध माता-पिता को सरकार की तरफ से ₹4 लाख की अनुग्रह (आपदा) सहायता राशि प्रदान की गई है।
इस आर्थिक मदद को दिलाने में वार्ड नंबर 05 के सभासद का प्रयास बेहद सराहनीय रहा, जिनके अथक प्रयासों से कागजी प्रक्रिया पूरी हुई और पीड़ित परिवार को समय पर सहायता मिल सकी। भावुक माता-पिता ने कहा कि इस मुश्किल वक्त में उन्हें पूरा सहयोग मिला।
**📌 कैसे मिलती है आपदा के बाद यह अनुग्रह राशि? (संक्षिप्त प्रक्रिया):**
ऐसी दुघर्टनाओं (जैसे डूबने, बिजली गिरने या अन्य प्राकृतिक आपदा) के बाद सरकारी आर्थिक सहायता पाने के लिए यह प्रक्रिया अपनाई जाती है:
* **तत्काल सूचना व FIR/पंचनामा:** हादसे के बाद स्थानीय पुलिस को सूचना देकर शव का पंचनामा और पोस्टमार्टम कराया जाता है, जो मृत्यु के कारण का सबसे बड़ा कानूनी प्रमाण है।
* **प्रमाण पत्र जुटाना:** परिवार को मृतक का मृत्यु प्रमाण पत्र, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और बैंक पासबुक की कॉपी तैयार करनी होती है।
* **तहसील में आवेदन:** इन सभी दस्तावेजों के साथ स्थानीय लेखपाल/राजस्व टीम के माध्यम से तहसील (एसडीएम कार्यालय) में आपदा राहत कोष से मुआबजे के लिए आवेदन किया जाता है।
* **सत्यापन और भुगतान:** स्थानीय जनप्रतिनिधियों (जैसे सभासद या प्रधान) के सहयोग से प्रक्रिया को गति मिलती है। प्रशासन द्वारा रिपोर्ट की जांच के बाद सहायता राशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में ट्रांसफर (DBT) कर दी जाती है।
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