निर्यात से खुलेगा कारोबार व रोजगार का द्वार, उद्यमियों की समस्याओं पर हुई चर्चा
* एमएसएमई कार्यशाला में डीडीसी ने उद्यमियों को किया प्रोत्साहित, दस्तावेजीकरण, क्लीयरेंस और विभागीय समन्वय की चुनौतियों को दूर करने पर दिया जोर
समस्तीपुर : स्थानीय उद्यमों को अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ने, कारोबार के विस्तार और रोजगार सृजन की नई संभावनाओं को मजबूत करने के उद्देश्य से सोमवार को जिला उद्योग केंद्र, समस्तीपुर के सभाकक्ष में ‘वन डे एक्सपोर्ट अवेयरनेस वर्कशॉप फॉर एमएसएमई’ का आयोजन किया गया। ‘इन्वेस्ट बिहार—अ लैंड ऑफ इमेंस अपॉर्च्युनिटीज’ की थीम पर आयोजित इस कार्यशाला में उद्यमियों को निर्यात की प्रक्रिया, उपलब्ध सुविधाओं और वैश्विक बाजार की संभावनाओं से अवगत कराया गया। कार्यशाला का उद्घाटन उप विकास आयुक्त सूर्य प्रताप सिंह एवं जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक विवेक कुमार शर्मा ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। कार्यक्रम में भारत सरकार के इंडिया पोस्ट से आशुतोष नंदन, मार्केटिंग एग्जीक्यूटिव राकेश कुमार, पंजाब नेशनल बैंक के मुख्य क्षेत्रीय प्रबंधक सुबोध कुमार तथा एमएसएमई निर्यात सलाहकार ऋषु राज उपस्थित रहे। स्वागत भाषण में महाप्रबंधक विवेक कुमार शर्मा ने कार्यशाला के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि स्थानीय उद्यमियों को निर्यात की प्रक्रिया, उपलब्ध सुविधाओं और अंतरराष्ट्रीय बाजार की मांग से परिचित कराना जरूरी है, ताकि वे अपने उत्पादों को व्यापक बाजार तक पहुंचाकर कारोबार का विस्तार कर सकें। कार्यशाला को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि उप विकास आयुक्त सूर्य प्रताप सिंह ने उद्यमियों को निर्यात के अवसरों की पहचान करने, बाजार की जरूरतों को समझने और अपने कारोबार को नई दिशा देने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने निर्यात को केवल उत्पादों की बिक्री तक सीमित न मानकर कारोबार विस्तार, रोजगार सृजन, निवेश और आर्थिक विकास की महत्वपूर्ण संभावना के रूप में देखने पर जोर दिया। उन्होंने स्थानीय उत्पादों और उद्यमशीलता को उचित मार्गदर्शन तथा संस्थागत सहयोग के माध्यम से बड़े बाजारों तक पहुंचाने की संभावनाओं को रेखांकित किया। कार्यशाला के दौरान उद्यमियों ने निर्यात की राह में आने वाली व्यावहारिक कठिनाइयों को भी सामने रखा। विशेष रूप से दस्तावेजीकरण की जटिलताओं, क्लीयरेंस में होने वाली परेशानियों तथा विभागीय समन्वय और अपेक्षित सहयोग से जुड़ी समस्याओं पर चर्चा हुई। इस दौरान यह बात प्रमुखता से उभरी कि निर्यात को बढ़ावा देने के लिए जागरूकता के साथ प्रक्रियाओं को सरल बनाना, समय पर मार्गदर्शन उपलब्ध कराना और संबंधित विभागों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करना आवश्यक है। तकनीकी सत्र में एमएसएमई निर्यात सलाहकार ऋषु राज ने निर्यात से जुड़े व्यावहारिक पहलुओं की जानकारी दी। इंडिया पोस्ट के आशुतोष नंदन एवं राकेश कुमार ने डाक सेवाओं और निर्यात से संबंधित सुविधाओं पर प्रकाश डाला, जबकि पंजाब नेशनल बैंक के मुख्य क्षेत्रीय प्रबंधक सुबोध कुमार की उपस्थिति में बैंकिंग एवं वित्तीय सहयोग से जुड़े विषयों पर संवाद का अवसर मिला। कार्यशाला का मुख्य संदेश रहा कि स्थानीय उद्यमियों को सही जानकारी, सरल प्रक्रियाएं और प्रभावी संस्थागत सहयोग उपलब्ध कराया जाए, तो समस्तीपुर के उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में पहचान दिलाने के साथ कारोबार तथा रोजगार के नए अवसर भी सृजित किए जा सकते हैं। मौके पर बियाडा के क्षेत्रीय प्रबंधक दीपक कुमार तथा जिला उद्योग केंद्र के राहुल, बिपिन चंद्र, मुकेश कुमार एवं पूर्णवासी मौजूद रहे। कार्यशाला का संचालन शिक्षक सुभीत कुमार सिंह ने किया।