माननीय जी 6 करोड़ रुपए की लागत से बनी सड़क को एक बार देख लीजिए, आपके ही क्षेत्र में बन रही है
शाहजहांपुर - नगर निगम में आखिर चल क्या रहा है, मानो जैसे लूट का अवसर मिल गया, 6 करोड़ रुपए की लागत से 400 मीटर सड़क चंद दिन ही चल जाती तो सब्र हो जाता, लेकिन लंबी और बड़ी-बड़ी दरारें आ गयी, मानों जैसे खूबसूरत सड़क पर दाग लग गये, उन दरारों को भरा जा रहा है, लेकिन इस बंदरबांट के जख्म कैसे भरे जायेंगे। कोई कहने वाला नहीं, कोई सुनने वाला नहीं, निरीक्षण किया गया, पत्र दे दिया जाएगा, तब दरारें भर जाएंगी और लूट करने वालों को नये काम दे दिए जायेंगे, फिर सब भूल जाएंगे। हैरानी की बात ये है कि इस सड़क का माननीये ने भी निरीक्षण किया था, फिर बनाई गई सड़क का ये हाल है, जबकि माननीय थोड़ा सा सख्ती दिखा दें तो अच्छे अच्छे पटरी पर जाते हैं, लेकिन सख्ती कब दिखाई जाएगी? कब जनता के रुपये लूटने वालों पर दंड दिया जाएगा? जनता इसी बात का इंतजार कर रही है, मान लिया कि बजट की कोई कमी नहीं है लेकिन क्या उस बजट को ऐसे ही उड़ा देना कहां तक ठीक है।