कृषि भूमि पर संचालित हो रहे धार्मिक संस्थान के कमरे को खुद भूमि मालिक ने किया ध्वस्त,
प्रशासन ने नोटिस किया था चस्पा
भाजपा कार्यकर्ताओ के द्वारा 20 सितंबर 2025 को अनूपगढ़ एसडीएम को ज्ञापन देकर गाँव 16 ए और 6 पी की कृषि भूमि पर संचालित हो रही चर्च के खिलाफ प्रशासन से कार्रवाई करने की मांग की थी। जिसके बाद प्रशासन ने भी मामले की जांच कर दोनों चर्च पर नोटिस चस्पा कर उसे सीज कर दिया था। तथा भूमि मालिक को भी पाबंद किया गया था कि इस भवन में किसी भी प्रकार की गतिविधि संचालित ना की जाए। प्रशासन के द्वारा नोटिस दिए जाने के बाद भूमि मालिक द्वारा स्वयं ही जिस कमरे में धार्मिक संस्थान संचालित किया जा रहा था उस कमरे को तोड़ दिया गया है।
आपको कि हाल ही में देश के केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बॉर्डर क्षेत्र के 15 किलोमीटर के दायरे में सभी संदिग्ध अतिक्रमण हटाने के निर्देश भी दिए थे। सूत्रों के अनुसार जिसके बाद सर्वे भी शुरू किया गया है। 16 सितंबर 2025 को अनूपगढ़ में पहला जबरन धर्मांतरण का मामला सामने आया था। जिसके बाद विभिन्न संगठनों द्वारा भी कृषि भूमि पर संचालित हो रही चर्च और अवैध गतिविधियों को रोकने की मांग की थी। जिसके बाद अब खुद भूमि मालिक ने गांव 16 ए में यह कमरा तोड़ा है। अनूपगढ़ में उजागर हुए जबरन धर्मांतरण के मामले के बाद राजस्थान में धर्मांतरण के खिलाफ राजस्थान सरकार नया कानून भी लेकर आई थी।