जो लोग नहीं मानते कि बदायूं में मेडिकल स्टोर चलाने के लिए पैसे जाते हैं वह यह काल रिकॉर्ड जरुर सुनिए, किस तरह मीडिएटर बना कर सहाब द्वारा उगाई की जाती है और ना देने पर कार्रवाई की जाती है,
1-सबाल यह कि इस काल के बाद पैसे नहीं दिए तो ही कार्रवाई क्यों तीन साल से कौन चलवाता था और कैसे
2- क्या जोरी नगला में एक ही मेडिकल स्टोर था बिना लाइसेंस बाकी किस तरह बिना लाइसेंस चल रहे इसी गांव में जिन पर कार्रवाई क्यों नहीं हुई
3- रिश्वत बाला बीडियो पुराना तो क्या नोट नकली हो गये या अपराध, फर्ज बन गया या उस समय रिश्वत लेना जुर्म नहीं था
4- हर बडे गांव और हर कस्बे में दर्जनों मेडिकल स्टोर बिना अनुमति किसकी सह पर चल रहे किसकी सह पर रिटेलर्स पर अनुमति सूची के अलावा भी दवाएं कैसे बिकती हैं,
5-कौन देता है इतना साहस कि बिना अनुमति दुकान का बोर्ड लगा कर मेडिकल स्टोर चलते हैं, बिना प्रसिक्क्रप्सन के दवा कैसे बिक्री करते हैं, तमाम मेडिकल स्टोर ऐसे चलते हैं जिनके लाइसेंस में दर्शाया गया फार्मासिस्ट या वैधानिक डिप्लोमा धारी बैठता ही नहीं है,
क्षुब्धता इस बात की है कि एक पत्रकार किस तरह भ्रष्टाचार की जड़ों को खत्म करने को साहस जुटाता बिना लोभ लालच के परिश्रम करके साक्ष्य प्रस्तुत करता बदले में उसको तमगा दिया जाता कि दबाव बना कर ब्लेक मेल करने को ऐसी खबर दिखाई है, और उस भृष्टाचार पर पर्दा डाल कर क्लीन चिट दे दी जाती है, और फिर पत्रकार भृष्ट और साहब ईमानदार बना दिए जाते हैं, !!!!!!!!!
Budaun, Budaun | Aug 31, 2026