मेरी पहली शिक्षिका यानि मेरी "माँ" ने मुझे पाठ पढ़ाया है कि ईमानदारी एवं अनुशासन के रास्ते पर सदैव टिके रहना और ये जीवन निस्वार्थ भाव से दूसरों के काम आए ऐसा प्रयास भी करना।
माता पिता की उम्मीदो पर खरा उतरना और उनके विश्वास को बनाए रखना, सं
मेरी पहली शिक्षिका यानि मेरी "माँ" ने मुझे पाठ पढ़ाया है कि ईमानदारी एवं अनुशासन के रास्ते पर सदैव टिके रहना और ये जीवन निस्वार्थ भाव से दूसरों के काम आए ऐसा प्रयास भी करना।
माता पिता की उम्मीदो पर खरा उतरना और उनके विश्वास को बनाए रखना, सं - Weir News